भारतीय बैडमिंटन के लिए यह एक गौरवपूर्ण और उत्साहजनक क्षण है, क्योंकि अनुभवी खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा और जज़्बा दिखाते हुए मलेशिया मास्टर्स सुपर 500 टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है।
किदांबी श्रीकांत: 6 साल बाद BWF वर्ल्ड टूर फाइनल में
सेमीफाइनल जीत
- विरोधी: युशी टनाका (जापान, वर्ल्ड रैंक: 23)
- स्कोर: 21-18, 24-22
- प्रदर्शन: सटीक नेट प्ले और आक्रामक स्ट्रोक्स की बदौलत सीधी गेम में जीत।
- विशेष: यह श्रीकांत का 2025 में पहला सेमीफाइनल मुकाबला था।
पिछला फाइनल कब?
- आखिरी बार फाइनल: 2019 इंडिया ओपन (उपविजेता)
- बीच के वर्षों में संघर्ष:
- चोट और खराब फॉर्म
- वर्ल्ड रैंकिंग: अब 65वें स्थान पर गिर चुकी है
क्वार्टर फाइनल में उलटफेर
- विरोधी: टोमा जूनियर पोपोव (फ्रांस, वर्ल्ड रैंक: 18)
- स्कोर: 24-22, 17-21, 22-20 (74 मिनट)
- विशेष:
- पहले दो बार (2021, 2023) पोपोव से हार चुके थे
- इस बार कठिन मुकाबले में मानसिक दृढ़ता दिखाते हुए जीत दर्ज की
भारत की एकमात्र उम्मीद
- श्रीकांत मलेशिया मास्टर्स में अकेले भारतीय खिलाड़ी हैं जो अब तक प्रतियोगिता में बने हुए हैं।
- मिश्रित युगल जोड़ी ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में हार गई।
अन्य सेमीफाइनल मुकाबला
- खिलाड़ी:
- कोडाई नारोका (जापान, चौथे वरीय)
- लि शि फेंग (चीन, विश्व रैंक: 2)
श्रीकांत की उपलब्धियाँ एक नजर में
| वर्ष | प्रमुख उपलब्धि |
|---|---|
| 2017 | BWF वर्ल्ड टूर में 4 खिताब (साल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन) |
| 2019 | इंडिया ओपन फाइनलिस्ट |
| 2021 | वर्ल्ड चैंपियनशिप रजत पदक विजेता |
| 2022 | थॉमस कप विजेता टीम का हिस्सा |
| 2025 | मलेशिया मास्टर्स फाइनल में प्रवेश (6 साल बाद) |
विश्लेषण और महत्व
- यह वापसी सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि कड़ी मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास की जीत है।
- यह प्रदर्शन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा कि खराब दौर के बाद भी वापसी संभव है।
- अगर श्रीकांत फाइनल जीतते हैं तो यह उनकी वापसी का एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है।