सूरत के गोडादरा शिक्षण समिति के स्कूल में आयोजित एक पूर्व छात्र कार्यक्रम के दौरान नॉनवेज परोसे जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। यह कार्यक्रम तेलुगु समाज के पूर्व छात्रों द्वारा आयोजित किया गया था। इस दौरान स्कूल परिसर में मौजूद माँ सरस्वती की मूर्ति को चुनरी से ढक दिया गया, जिससे मामला और संवेदनशील बन गया।
जानकारी के अनुसार, यह आयोजन 12 सितंबर 2025 को किया गया था। इसमें 1987 से 1991 तक के पूर्व छात्र-छात्राएँ शामिल हुए थे। लगभग 38 साल बाद आयोजित इस रीयूनियन (मिलन समारोह) में स्कूल के प्रिंसिपल भी मौजूद थे। कार्यक्रम में नॉनवेज परोसे जाने की बात सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों में नाराज़गी फैल गई।
विवाद बढ़ने के बाद स्कूल प्रशासन और शिक्षा समिति हरकत में आ गए। गोडादरा शिक्षण समिति के अध्यक्ष राजेंद्र कपाड़िया ने बताया कि प्रिंसिपल से इस घटना को लेकर बात की गई है और उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। समिति ने कहा है कि पूरे मामले की जाँच की जाएगी और जाँच पूरी होने के बाद प्रिंसिपल के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल परिसर में धार्मिक प्रतीक—माँ सरस्वती की मूर्ति—के सामने इस तरह का आयोजन होना कई लोगों को आपत्तिजनक लगा। कई अभिभावकों और स्थानीय निवासियों ने सवाल उठाया कि शैक्षणिक संस्थान में इस प्रकार के कार्यक्रमों के लिए अनुमति क्यों दी गई और धार्मिक भावनाओं का ध्यान क्यों नहीं रखा गया।
फिलहाल शिक्षा समिति ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जाँच शुरू कर दी है। प्रिंसिपल ने भी यह स्वीकार किया है कि स्कूल परिसर में नॉनवेज परोसा जाना अनुचित था और भविष्य में ऐसी गलती नहीं दोहराई जाएगी।