अमेरिका के परमाणु-संचालित एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln पर लंबे समय से जारी तैनाती के बीच नाविकों की मानसिक सेहत, थकान और जहाज पर रहने की परिस्थितियों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अमेरिकी सैन्य परिवारों और सांसदों की चिंता के बीच अब USS George Washington को मिडिल ईस्ट की ओर भेजा जा रहा है, जहां उसके USS Abraham Lincoln को रिलीव करने की संभावना है। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव पहले से तय carrier rotation का हिस्सा है और इसे Lincoln पर उठे विवादों की सीधी प्रतिक्रिया नहीं माना जाना चाहिए।
250 से ज्यादा दिन समुद्र में, नाविकों पर बढ़ा दबाव
USS Abraham Lincoln ने 21 नवंबर 2025 को सैन डिएगो से अपनी तैनाती शुरू की थी। शुरुआत में इसका मिशन प्रशांत क्षेत्र से जुड़ा था, लेकिन बाद में इसे मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य अभियानों के समर्थन के लिए भेज दिया गया। जुलाई की शुरुआत तक जहाज लगातार 207 दिनों तक समुद्र में रह चुका था, जो आधुनिक अमेरिकी कैरियर तैनाती के लिहाज से असाधारण अवधि थी। अगस्त तक यह आंकड़ा 250 दिनों के पार पहुंच गया। जहाज पर करीब 5,000 नाविक और मरीन तैनात हैं।
लंबे समय तक पोर्ट कॉल न मिलने, लगातार सैन्य ऑपरेशनों और परिवारों से सीमित संपर्क ने क्रू पर दबाव बढ़ाया है। Navy Times, Stars and Stripes और The Guardian की रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ नाविकों द्वारा जहाज से समुद्र में कूदने की कोशिश किए जाने या ऐसा करने की स्थिति तक पहुंचने की घटनाओं की जानकारी परिवारों ने दी है। Navy Times ने Annabelle Loma के हवाले से बताया कि उनके पति ने लंबे और बार-बार बढ़ाए गए डिप्लॉयमेंट के दौरान जहाज से कूदने की कोशिश की थी।
🚫 CLAIM: Over the past 48 hours, multiple media outlets have reported several false claims related to USS Abraham Lincoln's (CVN 72) deployment to the Middle East. One report alleged seven Sailors died in a brawl aboard the aircraft carrier and others have recently suggested a… pic.twitter.com/U1Hg6l1pjN
— U.S. Central Command (@CENTCOM) August 13, 2026
एक नाविक को दूसरे क्रू मेंबर ने रोका
रिपोर्ट्स में एक अन्य घटना का भी उल्लेख है, जिसमें कथित तौर पर एक नाविक को समुद्र में कूदने से उसके साथी ने रोक लिया। इसके अलावा एक अलग मामले में एक नाविक जहाज से पानी में चला गया था और उसे रेस्क्यू कर मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया। हालांकि उस घटना के परिस्थितिजन्य कारण सार्वजनिक तौर पर स्पष्ट नहीं किए गए हैं।
इसी वजह से इन सभी घटनाओं को एक ही श्रेणी में रखकर निश्चित रूप से “आत्महत्या के प्रयास” कहना सावधानी की मांग करता है। अमेरिकी नौसेना ने आधिकारिक रूप से कहा है कि कमांड के पास उपलब्ध जानकारी के आधार पर जहाज पर रिपोर्ट किए गए suicidal ideation या suicide attempts में वृद्धि की पहचान नहीं की गई है।
परिवारों ने उठाए गंभीर सवाल
सैन डिएगो में अमेरिकी नौसेना के अधिकारियों के साथ हुई एक टाउन हॉल बैठक में करीब 200 सैन्य परिवारों ने USS Abraham Lincoln पर तैनात अपने परिजनों की स्थिति को लेकर चिंता जताई। एक महिला ने बैठक में बताया कि उसके पति ने उसे संदेश भेजकर कहा था कि उसे उम्मीद है कि वह अगली सुबह न उठे। परिवारों ने लंबे डिप्लॉयमेंट के कारण मानसिक थकान और नेतृत्व पर घटते भरोसे जैसे मुद्दे भी उठाए।
मामला अमेरिकी संसद तक पहुंच चुका है। अमेरिकी सीनेटर Richard Blumenthal ने पेंटागन और नौसेना नेतृत्व से USS Abraham Lincoln की तैनाती, क्रू के मानसिक स्वास्थ्य, सप्लाई और जहाज पर सुविधाओं को लेकर जवाब मांगा है।
‘फफूंद वाले शावर, टूटे टॉयलेट और खाना भी कम’
कैलिफोर्निया से डेमोक्रेटिक सांसद Mike Levin ने जहाज पर कथित तौर पर खराब परिस्थितियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने फफूंद वाले शावर, खराब शौचालय, हफ्तों तक बंद लॉन्ड्री, लंबे समय तक गर्म पानी की कमी और साबुन, डियोड्रेंट तथा टूथपेस्ट जैसी जरूरी चीजों की उपलब्धता को लेकर शिकायतों का उल्लेख किया। उन्होंने कुछ मौकों पर भोजन की मात्रा और गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए।
परिवारों ने यह शिकायत भी की कि मिडिल ईस्ट में सैन्य डाक व्यवस्था प्रभावित होने के कारण भेजे गए कई केयर पैकेज समय पर जहाज तक नहीं पहुंच पाए। इन रिपोर्टों ने इस बहस को तेज किया है कि लंबे समय तक समुद्र में तैनाती अमेरिकी नौसेना के कर्मियों की मानसिक और शारीरिक सेहत को किस हद तक प्रभावित कर रही है।
अमेरिकी नौसेना ने आरोपों पर क्या कहा?
अमेरिकी नौसेना ने गंभीर मानसिक स्वास्थ्य संकट में असामान्य वृद्धि के दावे को स्वीकार नहीं किया है। एक नौसेना अधिकारी के मुताबिक, उपलब्ध जानकारी में USS Abraham Lincoln पर आत्महत्या के विचार या प्रयास बढ़ने की पुष्टि नहीं हुई है। नौसेना ने कहा कि जहाज पर मेडिकल स्टाफ, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, धार्मिक सहायता और deployment-resilience counselors उपलब्ध हैं।
नौसेना के अनुसार जहाज पर स्वच्छ पानी, काम करने वाला एयर-कंडीशनिंग सिस्टम और स्वस्थ भोजन के विकल्प उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अधिकारियों ने माना है कि लंबी तैनाती से सैन्य कर्मियों और उनके परिवारों पर असाधारण दबाव पड़ता है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने भी जहाज की परिस्थितियों को लेकर सामने आई कई रिपोर्टों को “misrepresented” बताया और कहा कि अमेरिकी नौसेना हर जहाज और क्रू को संभव संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास करती है।
अब USS George Washington मिडिल ईस्ट की ओर
इस विवाद के बीच अमेरिका का दूसरा Nimitz-class एयरक्राफ्ट कैरियर USS George Washington मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह वियतनाम के दा नांग से रवाना होने के बाद मलक्का जलडमरूमध्य की दिशा से हिंद महासागर की ओर बढ़ रहा है और अंततः USS Abraham Lincoln को रिलीव कर सकता है।
हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने Wall Street Journal को बताया कि यह कदम अचानक पैदा हुए मानसिक स्वास्थ्य विवाद के कारण नहीं, बल्कि पहले से निर्धारित carrier rotation plan का हिस्सा है। फिर भी इसका समय महत्वपूर्ण है, क्योंकि Lincoln के क्रू की थकान, रहने की परिस्थितियों और लंबे डिप्लॉयमेंट पर अमेरिकी संसद तथा सैन्य परिवार दोनों दबाव बढ़ा रहे हैं।
अमेरिकी नौसेना के लिए बड़ी चुनौती
USS Abraham Lincoln का मामला केवल एक जहाज तक सीमित नहीं है। लंबे सैन्य अभियानों के दौरान एयरक्राफ्ट कैरियर्स को लगातार समुद्र में बनाए रखना, क्रू को पर्याप्त आराम देना, सप्लाई चेन बनाए रखना और एक साथ प्रशांत तथा मिडिल ईस्ट जैसे क्षेत्रों में सैन्य मौजूदगी कायम रखना अमेरिकी नौसेना के लिए रणनीतिक चुनौती बनता जा रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि USS George Washington के पहुंचने के बाद USS Abraham Lincoln और उसके करीब 5,000 सदस्यीय क्रू को आखिर कब घर लौटने का मौका मिलेगा, और अमेरिकी नौसेना लंबे डिप्लॉयमेंट से जुड़े मानसिक स्वास्थ्य तथा लॉजिस्टिक्स के सवालों का क्या स्थायी समाधान निकालती है।
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