अमेरिका-इजरायल हमलों में अयातुल्ला अली खामेनई की मौत की खबर सामने आने के बाद पाकिस्तान में हालात तेजी से बिगड़ गए हैं। रविवार (1 मार्च 2026) सुबह से ही देश के कई शहरों में अमेरिका विरोधी बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हो गए, जो कई जगह हिंसक झड़पों में बदल गए।
सबसे ज्यादा तनाव कराची में देखने को मिला, जहां प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी कॉन्सुलेट को निशाना बनाया। सुल्तानाबाद इलाके से माई कोलाची रोड तक मार्च करते हुए करीब 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ दिया और United States Consulate Karachi परिसर में घुस गए।
स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख अमेरिकी सुरक्षाबलों ने गोलीबारी कर दी। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार इस घटना में करीब एक दर्जन लोगों की मौत हो गई, जबकि 35 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों को जिन्ना अस्पताल कराची के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
कई शहरों में फैला हिंसक विरोध
विरोध प्रदर्शन केवल कराची तक सीमित नहीं रहा। पाकिस्तान के कई बड़े शहरों में भी प्रदर्शन भड़क उठे, जिनमें
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लाहौर
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इस्लामाबाद
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पेशावर
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मुल्तान
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गिलगित‑बाल्टिस्तान
जैसे शहर शामिल हैं।
स्कर्दू में UN दफ्तर को आग
गिलगित-बाल्टिस्तान के स्कर्दू में प्रदर्शनकारियों ने United Nations Military Observer Group in India and Pakistan (UNMOGIP) के कार्यालय में आग लगा दी। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में 12 लोगों की मौत हो गई और करीब 80 लोग घायल हो गए।
इसी दौरान आर्मी पब्लिक स्कूल और एसपी कार्यालय को भी आग के हवाले कर दिया गया। कई इलाकों में सेना को तैनात कर दिया गया है और कर्फ्यू लगा दिया गया है।
राष्ट्रपति की शांति की अपील
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है और किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पाकिस्तान के कई शहरों में अभी भी तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं।
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