सेंसरशिप विवाद में केंद्र सरकार का जोरदार खंडन
भारत सरकार और एलन मस्क की कंपनी एक्स (पूर्व में ट्विटर) के बीच सेंसरशिप को लेकर टकराव तेज हो गया है। केंद्र सरकार ने मंगलवार को स्पष्ट रूप से कहा कि उसने 3 जुलाई 2025 को रॉयटर्स या रॉयटर्स वर्ल्ड जैसे किसी भी अंतरराष्ट्रीय समाचार चैनल को ब्लॉक करने का आदेश नहीं दिया था। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के प्रवक्ता ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया कि सरकार ने एक्स को इन अकाउंट्स को तुरंत अनब्लॉक करने के लिए कहा था, लेकिन कंपनी ने “तकनीकी प्रक्रिया” का गलत फायदा उठाया और देरी की।
No order to block X accounts of international news channels, says IT Ministry
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— ANI Digital (@ani_digital) July 8, 2025
प्रवक्ता के मुताबिक, सरकार ने 5 जुलाई की देर रात से ही एक्स से लगातार संपर्क किया और हर घंटे फॉलोअप किया, लेकिन एक्स ने 6 जुलाई रात 9 बजे के बाद ही रॉयटर्स और अन्य संबंधित यूआरएल को अनब्लॉक किया। रॉयटर्स को अनब्लॉक करने में 21 घंटे से ज्यादा का समय लग गया।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब एक्स ने कहा कि उसे 3 जुलाई को भारत सरकार की ओर से 2,355 अकाउंट्स को “बिना किसी ठोस कारण बताए एक घंटे के अंदर ब्लॉक करने का आदेश” मिला था। एक्स ने दावा किया था कि आदेश का पालन न करने पर कानूनी कार्रवाई का खतरा था, इसलिए मजबूरी में ब्लॉकिंग की गई। साथ ही एक्स ने प्रभावित यूजर्स को कोर्ट में अपील करने की सलाह दी थी।
सरकार ने एक्स के इस दावे को गलत बताया और कहा कि उसने कोई नया ब्लॉकिंग ऑर्डर जारी ही नहीं किया। सरकार के मुताबिक, जैसे ही पता चला कि रॉयटर्स और अन्य न्यूज़ हैंडल भारत में ब्लॉक हुए हैं, तुरंत अनब्लॉक करने को कहा गया।
यह विवाद एक बार फिर सोशल मीडिया कंपनियों और भारत सरकार के बीच प्लेटफॉर्म पर कंट्रोल और जिम्मेदारियों को लेकर चल रही खींचतान को उजागर करता है।