सबरीमाला मंदिर से जुड़े सोने की हेराफेरी मामले में एक बड़ी कार्रवाई हुई है। इस प्रकरण में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोटी को केरल पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) ने गिरफ्तार किया है। उन्नीकृष्णन पोटी पहले सबरीमाला मंदिर में जूनियर तंत्री (पुजारी) के पद पर कार्यरत था। बताया जा रहा है कि वर्ष 2019 में उसने मंदिर के कुछ हिस्सों पर सोने की परत चढ़वाने का कार्य करवाया था, जिसके दौरान ही यह अनियमितताएँ हुईं। इस मामले में पुलिस ने अब तक दो एफआईआर दर्ज की हैं।
मामले का खुलासा तब हुआ जब मंदिर के द्वारपालक मूर्तियों और अन्य धार्मिक वस्तुओं पर चढ़ाई गई सोने की परतों में गड़बड़ी पाई गई। जाँच के दौरान शक जताया गया कि सोने की परत चढ़ाने के नाम पर असली सोना हटा दिया गया और उसकी जगह नकली या बहुत कम मात्रा में सोना उपयोग किया गया। यह मामला सामने आने के बाद श्रद्धालुओं में आक्रोश फैल गया और सरकार को जाँच के आदेश देने पड़े।
#WATCH तिरुवनंतपुरम, केरल | सबरीमाला सोना चोरी मामले के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को विशेष जाँच दल (SIT) ने दस घंटे से ज़्यादा की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। आधिकारिक तौर पर गिरफ्तारी शुक्रवार सुबह 2:30 बजे दर्ज की गई। उन्नीकृष्णन पोट्टी की गिरफ्तारी सबरीमाला मंदिर के… pic.twitter.com/zqjL11pyEG
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 17, 2025
घटना की गंभीरता को देखते हुए केरल हाईकोर्ट ने विशेष जाँच दल (SIT) गठित करने का निर्देश दिया था। SIT की जाँच में यह सामने आया कि उन्नीकृष्णन पोटी ने जानबूझकर कार्य में हेराफेरी की और मंदिर की संपत्ति के साथ धोखाधड़ी की। इसके बाद पुलिस ने उसे तिरुवनंतपुरम स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
उन्नीकृष्णन पोटी पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं के तहत चोरी, आपराधिक साजिश और विश्वासघात के आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में त्रावणकोर देवास्वम बोर्ड के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी संदेह जताया जा रहा है। बताया गया है कि मंदिर प्रशासन की निगरानी में ही सोने की परत चढ़ाने का कार्य किया गया था, इसलिए जांच एजेंसियाँ अब उनकी भूमिका की भी गहन जाँच कर रही हैं।