भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम (Startup Ecosystem) बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि अटल इनोवेशन मिशन (Atal Innovation Mission) आने वाली 24 फरवरी को एक दशक पूरा करेगा और यह अब दुनिया के सबसे बड़े ग्रासरूट इनोवेशन मिशन (Grassroot Innovation Mission) में से एक बन चुका है।
"As the first global AI summit is hosted in the Global South, India is creating a platform that amplifies under-represented voices and development priorities," says PM Modi to ANI. pic.twitter.com/bds85y5zEA
— ANI (@ANI) February 17, 2026
ग्लोबल साउथ में पहली बार दिल्ली में आयोजित AI इंपैक्ट समिट (AI Impact Summit) के मौके पर पीएम मोदी ने विकसित भारत (Developed India Vision) और AI की भूमिका (Role of AI) पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि AI का इस्तेमाल मानव-केंद्रित होना चाहिए और यह सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय (Inclusive Growth & Public Welfare) के सिद्धांत को साकार कर सकता है।
भारत को AI सुपरपावर बनाना है लक्ष्य
पीएम मोदी ने कहा कि भारत को दुनिया की टॉप 3 AI सुपरपावर (Top 3 AI Countries) में शामिल होना चाहिए। उनका कहना है कि AI से कार्यों में सटीकता आएगी, एमएसएमई (MSME) और रोजगार (Employment) को बढ़ावा मिलेगा और युवा वर्ग को हाई-क्वालिटी जॉब (High-Quality Jobs) मिलेंगे। पीएम ने स्पष्ट किया कि AI से डरना नहीं चाहिए, बल्कि तैयारी के साथ उसका उपयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत केवल टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं, बल्कि क्रिएटर भी बनना चाहिए। एआई के माध्यम से भारत डिजिटल सेंचुरी के लिए अपना कोड खुद विकसित कर सकता है और यह वैश्विक स्तर पर स्केलेबल मॉडल (Scalable Model for Global South) पेश करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ANI से कहा, "AI बाजार के अनुमान बताते हैं कि भारत का IT सेक्टर 2030 तक 400 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है, जो AI-सक्षम आउटसोर्सिंग और डोमेन-विशिष्ट स्वचालन की नई लहरों से प्रेरित होगा।" pic.twitter.com/fTqwHlKUQ6
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 17, 2026
AI से बेहतर गवर्नेंस और रोजगार
पीएम मोदी ने कहा कि स्टार्टअप, रिसर्च इंस्टिट्यूट और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम ऐसे AI सॉल्यूशन (AI Solutions) विकसित कर सकते हैं जो विनिर्माण, गवर्नेंस और कृषि जैसे क्षेत्रों में सुधार ला सकते हैं। इससे न सिर्फ रोजगार पैदा होंगे बल्कि देश की विकास दिशा भी नई होगी। सरकार AI स्किलिंग और री-स्किलिंग (AI Skilling & Reskilling) में निवेश कर रही है ताकि युवा इस तकनीक का पूरा फायदा उठा सकें।
भारत का AI मार्केट और भविष्य
पीएम मोदी ने ANI से कहा कि भारत का AI और IT सेक्टर (AI & IT Sector) 2030 तक लगभग ₹3300 करोड़ (400 बिलियन डॉलर) तक पहुँच सकता है। यह वृद्धि AI-सक्षम आउटसोर्सिंग और डोमेन-विशिष्ट स्वचालन (Domain-Specific Automation) से प्रेरित होगी। उन्होंने इसे सिविलाइजेशनल इन्फ्लेक्शन पॉइंट (Civilizational Inflection Point) बताते हुए कहा कि AI मानव क्षमता में इजाफा कर सकता है, लेकिन इसके लिए दिशानिर्देशों के साथ जिम्मेदारी जरूरी है।
"We remain committed to strengthening every effort by our talented youth to make AI a force-multiplier for innovation and inclusion. The Union Budget 2026–27 reinforces this vision," says PM Modi to ANI. pic.twitter.com/vXXipyq5eN
— ANI (@ANI) February 17, 2026
‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ का सिद्धांत
पीएम मोदी ने कहा कि AI का अंतिम लक्ष्य मानव कल्याण (Human Welfare) होना चाहिए। तकनीक इंसानियत की सेवा के लिए है, इंसान की जगह नहीं ले सकती। पीएम मोदी ने कहा, “AI नागरिकों को सशक्त बनाता है और 2047 तक भारत के विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा को तेज़ करेगा।”
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