अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख सूत्रधार और पूर्व सांसद डॉ. रामविलास वेदांती महाराज का सोमवार (15 दिसंबर 2025) को 67 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने मध्य प्रदेश के रीवा जिले में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से संत समाज, राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके पार्थिव शरीर को अयोध्या लाने की तैयारियाँ की जा रही हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बुधवार (10 दिसंबर 2025) को रीवा में रामकथा के दौरान डॉ. रामविलास वेदांती महाराज की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद से उनका इलाज रीवा के एक अस्पताल में चल रहा था। डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए एयरलिफ्ट कर भोपाल के एम्स ले जाने की तैयारी भी की थी, लेकिन इससे पहले ही उनका निधन हो गया।
श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख स्तंभ, पूर्व सांसद एवं श्री अयोध्या धाम स्थित वशिष्ठ आश्रम के पूज्य संत डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज का गोलोकगमन आध्यात्मिक जगत और सनातन संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!
उनका जाना एक युग का अवसान है। धर्म, समाज व…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 15, 2025
डॉ. रामविलास वेदांती महाराज के निधन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख स्तंभ, पूर्व सांसद एवं श्री अयोध्या धाम स्थित वशिष्ठ आश्रम के पूज्य संत डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज का गोलोकगमन आध्यात्मिक जगत और सनातन संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!”
सीएम योगी ने आगे लिखा, “उनका जाना एक युग का अवसान है। धर्म, समाज और राष्ट्र की सेवा को समर्पित उनका त्यागमय जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा है। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोक संतप्त शिष्यों एवं अनुयायियों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”
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