उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहाँ 23 वर्षीय हिंदू युवक रोहित सिंह ने कथित तौर पर धर्म परिवर्तन के दबाव से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। फाँसी लगाने से पहले रोहित ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो में उसने कहा, “मेरा धर्म परिवर्तन किया जा रहा है, लेकिन मैं धर्म के रास्ते रहूँगा।” घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और परिजनों ने सड़क पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना पनकी थाना क्षेत्र के रतनपुर चौकी इलाके की है। गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को रोहित सिंह ने अपने कमरे में फाँसी लगाकर जान दे दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अगले दिन शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को रोहित का आत्महत्या से पहले बनाया गया वीडियो सामने आया, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।
वीडियो में रोहित खुद को अपने कथित असली नाम से संबोधित करते हुए कहता है, “मैं दीपक सिंह गौर… मेरा धर्म परिवर्तन किया जा रहा है, लेकिन मैं धर्म के रास्ते रहूँगा। जिस तक भी ये वीडियो पहुँचे, वो ध्यान दे कि भारत में गांजा बंद हो और नारी का सम्मान हो।” वीडियो में उसने अपने फैसले के लिए माफी भी माँगी और यह दावा किया कि पूरे देश में जबरन धर्म परिवर्तन हो रहा है।
एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
आरोप है कि उसे अपनी धर्म परिवर्तन (कन्वर्ट) करने के दबाव के कारण गहरा मानसिक तनाव था।
युवक ने अपनी मौत से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने कथित दबाव की बात कही है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है।#YouthSuicide… pic.twitter.com/3h4iGwjTLN
— One India News (@oneindianewscom) January 30, 2026
रोहित की बहन निशा सिंह ने बताया कि 26 जनवरी 2026 को रोहित छोटी बहन के घर लखनऊ गया था। उस दौरान उसने उन्नाव से लखनऊ के चारबाग स्टेशन तक किसी का फोन नहीं उठाया। लखनऊ पहुँचने के बाद वह बेहद घबराया हुआ था और रोते हुए उसने जबरन धर्म परिवर्तन कराए जाने की बात बताई थी। परिजनों के अनुसार, रोहित ने दावा किया था कि ट्रेन में उसे चार लोग मिले, जिन्होंने उसके साथ मारपीट की और फिर चारबाग इलाके में एक मजार पर ले गए।
परिवार का कहना है कि रोहित लंबे समय से मानसिक दबाव और डर में था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उसने इस मामले को लेकर पहले पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों का मानना है कि इसी उपेक्षा और मानसिक तनाव के कारण रोहित ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
रोहित की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। उन्होंने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की। मौके पर पहुँची पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिलाकर स्थिति को नियंत्रित किया।
थाना पनकी अंतर्गत एक धर्म-परिवर्तन से संबंधित प्रकरण संज्ञान में आया है- इस मामले में एक युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने से पूर्व सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया गया है। प्रकरण में मृतक की पहचान रोहित उर्फ दीपक, उम्र लगभग 23 वर्ष, निवासी कानपुर नगर के रूप में हुई है। मृतक… pic.twitter.com/mF7wb69T1b
— POLICE COMMISSIONERATE KANPUR NAGAR (@kanpurnagarpol) January 30, 2026
इस पूरे मामले पर कानपुर नगर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जाँच के लिए दो विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें चारबाग रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज की जाँच करेंगी। पुलिस आयुक्त ने आश्वासन दिया है कि जाँच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला न केवल कानून-व्यवस्था, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता, मानसिक स्वास्थ्य और प्रशासनिक संवेदनशीलता जैसे गंभीर सवाल भी खड़े करता है, जिन पर अब समाज और सिस्टम—दोनों को गंभीरता से सोचने की जरूरत है।
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