उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भारत चुनाव आयोग की प्रक्रिया के तहत अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और विधिक तरीके से संपन्न की गई है तथा बिना कानूनी प्रक्रिया के किसी भी मतदाता का नाम नहीं हटाया गया।
ड्राफ्ट से अंतिम सूची तक बड़ा इजाफा
6 जनवरी 2026 को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में कुल 12 करोड़ 55 लाख मतदाता दर्ज थे। इसके बाद दो महीनों तक दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया चलाई गई। सभी आवेदनों के निस्तारण के बाद अब अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या बढ़कर 13 करोड़ 39 लाख 84 हजार 792 हो गई है।
इस तरह कुल 84 लाख 28 हजार 767 नए मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई है, जो राज्य में चलाए गए मतदाता जागरूकता अभियानों की सफलता को दर्शाता है।
किन जिलों में सबसे ज्यादा बढ़े वोटर्स
जिलावार आंकड़ों के अनुसार प्रयागराज, लखनऊ, बरेली, गाजियाबाद और जौनपुर में मतदाताओं की संख्या में सबसे अधिक वृद्धि देखी गई है।
इन विधानसभा क्षेत्रों में बढ़ी भागीदारी
विधानसभा क्षेत्रों में साहिबाबाद, जौनपुर, लखनऊ पश्चिम, लोनी और फिरोजाबाद में नए मतदाताओं की संख्या उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है।
नाम छूटने पर क्या करें?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवाने बताया कि यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल नहीं हुआ है, तो वह फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकता है।
साथ ही, यदि किसी को अंतिम सूची पर आपत्ति है, तो वह 10 अप्रैल से 15 दिनों के भीतर संबंधित जिला मजिस्ट्रेट (DM) के समक्ष अपील कर सकता है।
निष्पक्ष चुनाव की दिशा में बड़ा कदम
निर्वाचन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी निर्वाचन कार्यालय में जाकर अपना नाम अवश्य जांच लें। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन राज्य में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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