बिहार की राजनीति में आज एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय तक राज्य की कमान संभालने वाले नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेकर अपनी राजनीतिक यात्रा का नया अध्याय शुरू किया। शपथ ग्रहण से पहले उन्होंने संसद भवन में जेपी नड्डा से मुलाकात की।
चारों सदनों के सदस्य बनने वाले चुनिंदा नेताओं में शामिल
राज्यसभा की सदस्यता लेने के साथ ही नीतीश कुमार उन गिने-चुने नेताओं में शामिल हो गए हैं, जो विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा—चारों सदनों के सदस्य रह चुके हैं। राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णनने उन्हें शपथ दिलाई।
नीतीश कुमार ने ली राज्यसभा सदस्य की शपथ. चारों सदनों में जाने वाले बिहार के दूसरे सीएम बने. #NitishKumar #RajyaSabha #BiharCM #NitishSwearingIn #BiharPolitics
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— One India News (@oneindianewscom) April 10, 2026
पटना लौटेंगे, नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज
शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार आज ही दिल्ली से पटना लौटेंगे। उनके राज्यसभा जाने के साथ ही बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, वे जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा भी दे सकते हैं।
नए मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस गहराया
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार में नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। इस बीच पटना स्थित BJP कार्यालय के बाहर सम्राट चौधरी को नया मुख्यमंत्री घोषित करने वाले पोस्टर लगाए गए, हालांकि बाद में कुछ पोस्टर हटा दिए गए।
Nitish Kumar takes oath as a Member of the Rajya Sabha.
(Pics: Sansad TV/YouTube) pic.twitter.com/atrTlNHSIh
— ANI (@ANI) April 10, 2026
दिल्ली में BJP की कोर ग्रुप बैठक
Bharatiya Janata Party ने आज दिल्ली में कोर ग्रुप की अहम बैठक बुलाई है, जिसमें बिहार के नेतृत्व और नई सरकार के स्वरूप पर चर्चा होगी। बैठक में सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद हैं।
14 अप्रैल को हो सकता है बड़ा फैसला
सूत्रों के मुताबिक, 14 अप्रैल को NDA विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है। वहीं वरिष्ठ मंत्री विजय कुमार चौधरी ने संकेत दिया है कि नई सरकार ‘नीतीश मॉडल’ पर ही आगे बढ़ेगी।
राजनीतिक सफर का नया अध्याय
नीतीश कुमार 30 मार्च को ही बिहार विधान परिषद से इस्तीफा दे चुके थे। दिल्ली पहुंचने पर उनका स्वागत जदयू नेताओं, जिनमें संजय झा भी शामिल थे, ने किया। बिहार की राजनीति से दिल्ली तक का यह बदलाव न केवल उनके व्यक्तिगत करियर का नया मोड़ है, बल्कि NDA के लिए भी एक बड़ी राजनीतिक परीक्षा है।
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