उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में मंगलवार, 7 जुलाई 2026 की तड़के यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने बड़ी कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, एक लाख रुपये के इनामी और लंबे समय से फरार आसिफ उर्फ विक्की को बेवाना थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के बाद गोली लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आसिफ के खिलाफ उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में हत्या, डकैती, हत्या के प्रयास और लूट समेत 21 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे।
मुठभेड़ बेवाना थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव के पास हुई। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार घटनास्थल जगदीशपुर-मुस्लिमपुर के निकट था और कार्रवाई तड़के करीब चार बजे हुई। आसिफ को रोकने के प्रयास के दौरान दोनों ओर से गोलीबारी होने का दावा किया गया है। गोली लगने के बाद उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
रिपोर्टों के अनुसार मुठभेड़ के दौरान एक एसटीएफ सिपाही भी गोली लगने से घायल हुआ। घायल जवान को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। हालांकि अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में इस संबंध में विवरण सीमित हैं।
अंबेडकरनगर: STF के एनकाउंटर में ढेर हुआ 1 लाख का इनामी बदमाश असीम अली उर्फ विक्की
STF ने अंबेडकरनगर में मुठभेड़ के दौरान 1 लाख रुपये के इनामी बदमाश असीम अली उर्फ विक्की को मार गिराया।
जगदीशपुर गांव के पास हुई इस मुठभेड़ में असीम अली मारा गया। वह कानपुर के बिल्हौर थाना क्षेत्र… pic.twitter.com/SDCwj5jQPO
— UP POLICE NEWS (@UPPOLICE_NEWS5) July 7, 2026
कौन था एक लाख का इनामी आसिफ उर्फ विक्की?
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान आसिफ उर्फ विक्की छयमार के रूप में हुई। वह कानपुर नगर के बिल्हौर थाना क्षेत्र का निवासी था और लंबे समय से पुलिस तथा एसटीएफ की तलाश में था। जौनपुर के एक चर्चित डकैती और दोहरे हत्याकांड के सिलसिले में उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
एसटीएफ के अनुसार आसिफ कथित तौर पर ऐसे गिरोह का नेतृत्व करता था जो घरों में घुसकर परिवार के सदस्यों को बंधक बनाने के बाद नकदी और कीमती सामान लूटता था। पुलिस का आरोप है कि विरोध करने वाले लोगों पर गिरोह के सदस्य जानलेवा हमला करने से भी नहीं हिचकते थे।
मुखबिर की सूचना के बाद एसटीएफ ने की घेराबंदी
पुलिस के मुताबिक एसटीएफ को आसिफ की मौजूदगी के बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने बेवाना थाना क्षेत्र में उसकी घेराबंदी की। दावा है कि खुद को घिरा देखकर आसिफ ने एसटीएफ टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
एसटीएफ का कहना है कि जवाबी कार्रवाई में आसिफ को गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
पिस्टल, 12 बोर की पौनिया और कारतूस बरामद
एसटीएफ के अनुसार मुठभेड़ स्थल से एक .32 बोर पिस्टल, 12 बोर की देसी पौनिया, बड़ी मात्रा में जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
पुलिस अब बरामद हथियारों और अन्य सामग्री की जांच कर रही है। मुठभेड़ से जुड़ी वैधानिक प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
तीन राज्यों में 21 से अधिक आपराधिक मुकदमों का दावा
एसटीएफ के अनुसार आसिफ के खिलाफ उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में 21 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। इनमें हत्या, डकैती, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर अपराध शामिल बताए गए हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक कई चर्चित और हिंसक वारदातों में उसका नाम सामने आया था। वह कुछ मामलों में एक दशक से अधिक समय से फरार चल रहा था।
2013 का सुल्तानपुर डकैती और हत्या मामला
पुलिस के अनुसार आसिफ अक्टूबर 2013 में सुल्तानपुर में हुई डकैती और हत्या की एक बड़ी वारदात में वांछित था। आरोप है कि उसने करीब दस साथियों के साथ एक घर में घुसकर परिवार के सदस्यों को बंधक बनाया और लूटपाट की।
पुलिस का दावा है कि इस वारदात के दौरान विरोध करने पर हत्या भी की गई थी। इस मामले में आसिफ लंबे समय से वांछित चल रहा था।
2014 के जौनपुर डबल मर्डर केस में था वांछित
आसिफ से जुड़ा सबसे गंभीर मामला वर्ष 2014 में जौनपुर के शाहगंज क्षेत्र में हुई डकैती और दोहरे हत्याकांड का बताया जाता है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने एक घर में घुसकर पूरे परिवार को बंधक बनाया था। नकदी और लाखों रुपये के आभूषण लूटने के बाद परिवार के कई सदस्यों पर धारदार हथियारों से हमला किया गया। इस हमले में स्वाति और सुमन नाम की दो महिलाओं की बाद में मौत हो गई थी।
इसी मामले में आसिफ लंबे समय तक फरार रहा और उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
2015 में कौशांबी में दंपती की हत्या का आरोप
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 15 अगस्त 2015 को कौशांबी के कोखराज क्षेत्र में हुई एक अन्य डकैती के दौरान भी आसिफ और उसके साथियों का नाम सामने आया था।
आरोप है कि डकैती के दौरान परिवार को बंधक बनाया गया और शिकायतकर्ता अवनी कुमार टैगोर के माता-पिता की हत्या कर दी गई। इस मामले को भी आसिफ के खिलाफ दर्ज गंभीर मामलों में शामिल बताया गया है।
मुजफ्फरनगर में एक ही रात कई घरों में डकैती का आरोप
एसटीएफ के मुताबिक 19 अगस्त 2015 को मुजफ्फरनगर के छपार क्षेत्र में कथित तौर पर आसिफ के नेतृत्व में करीब दस लोगों के गिरोह ने सिलसिलेवार डकैती की घटनाओं को अंजाम दिया था।
पुलिस का आरोप है कि गिरोह ने पहले महावीर सिंह के परिवार को बंधक बनाया और उनकी बहू को धारदार हथियार से गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बाद उसी रात पांच अन्य घरों को भी निशाना बनाया गया।
2021 के तासीम हत्याकांड में भी आरोपी
आसिफ का नाम वर्ष 2021 में कानपुर देहात के रसूलाबाद थाना क्षेत्र में दर्ज एक हत्या के मामले में भी सामने आया था।
पुलिस के अनुसार इस मामले में तासीम नामक व्यक्ति की हत्या हुई थी और आसिफ को आरोपी बनाया गया था। वह इस मामले में भी जांच एजेंसियों की तलाश में था।
लंबे समय से STF की रडार पर था आसिफ
एसटीएफ का दावा है कि आसिफ कई राज्यों में सक्रिय हिंसक गिरोह से जुड़ा था और लंबे समय से जांच एजेंसियों की पकड़ से बाहर चल रहा था।
उसकी तलाश विशेष रूप से 2013 के सुल्तानपुर डकैती-हत्या मामले, 2014 के जौनपुर डबल मर्डर और डकैती मामले तथा 2015 के मुजफ्फरनगर सिलसिलेवार डकैती मामले में की जा रही थी।
अलग-अलग पुलिस मामलों में उसकी कथित भूमिका को देखते हुए एसटीएफ ने उसे राज्य के प्रमुख वांछित आरोपियों में शामिल किया था। पुलिस का कहना है कि उसके नेटवर्क और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जांच जारी रह सकती है।
अंबेडकरनगर मुठभेड़ के बाद जांच और कानूनी प्रक्रिया
मुठभेड़ के बाद स्थानीय पुलिस और एसटीएफ ने घटनास्थल से हथियार, कारतूस और मोटरसाइकिल कब्जे में ली है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
मुठभेड़ और बरामदगी से जुड़ी जानकारी पुलिस तथा एसटीएफ के दावों पर आधारित है। आरोपी के खिलाफ दर्ज पुराने मामलों में अंतिम कानूनी स्थिति संबंधित अदालतों और रिकॉर्ड के आधार पर निर्धारित होती है।
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