प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स, स्टील, कृषि, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, टेलीकॉम, डिजिटल कॉमर्स, शिक्षा, चुनाव प्रबंधन और सांस्कृतिक विरासत जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊंचाई दी है। प्रधानमंत्री मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच जकार्ता के इस्ताना मेरदेका में हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद कुल 14 समझौतों और MoUs तथा 6 प्रमुख घोषणाओं—कुल 20 परिणामों की आधिकारिक सूची जारी की गई।
मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री मोदी का इस्ताना मेरदेका पहुंचने पर औपचारिक राजकीय स्वागत किया गया। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उनका स्वागत किया और प्रधानमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की तथा संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2018 में स्थापित Comprehensive Strategic Partnership अब नई उड़ान ले रही है और भारत-इंडोनेशिया साझेदारी का एक “सुनहरा अध्याय” शुरू हो रहा है।
PM Modi's Indonesia visit culminates into 20 MoUs, includes cooperation on BrahMos missile systems
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— ANI Digital (@ani_digital) July 7, 2026
रक्षा सहयोग में सबसे बड़ी छलांग: ब्रह्मोस पर समझौता
भारत-इंडोनेशिया वार्ता का सबसे बड़ा रणनीतिक परिणाम ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम पर सहयोग रहा। प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक परिणाम सूची में “Cooperation on BrahMos Missile System” को दोनों देशों के औपचारिक समझौतों में शामिल किया गया है।
रॉयटर्स के अनुसार भारत सरकार के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम की आपूर्ति करेगा। रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से संभावित रक्षा पैकेज का मूल्य करीब 630 मिलियन डॉलर बताया है, हालांकि आधिकारिक परिणाम सूची में सौदे की कीमत, मिसाइलों की संख्या और डिलीवरी शेड्यूल का विस्तृत खुलासा नहीं किया गया है।
ब्रह्मोस भारत और रूस के संयुक्त उद्यम से विकसित सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम है। इंडोनेशिया को इसकी आपूर्ति भारत के बढ़ते रक्षा निर्यात और दक्षिण-पूर्व एशिया में उसकी रणनीतिक भागीदारी के लिए बड़ा कदम मानी जा रही है।
List of outcomes (20 in total) : State Visit of PM @narendramodi to Indonesia ⬇️
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— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) July 7, 2026
एयर-टू-एयर मिसाइल सहयोग, अस्त्र पर बढ़ी रणनीतिक साझेदारी
आधिकारिक परिणाम सूची में Air-to-Air Missile Cooperation Agreement को भी शामिल किया गया है। इससे दोनों देशों के बीच हवाई रक्षा और मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में सहयोग का नया रास्ता खुला है।
रॉयटर्स के मुताबिक भारतीय सरकारी अधिकारी ने कहा है कि भारत इंडोनेशिया को अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल भी सप्लाई करेगा। अस्त्र एक Beyond Visual Range Air-to-Air Missile है, जिसे इंडोनेशियाई वायुसेना के रूसी मूल के सुखोई लड़ाकू विमानों के साथ एकीकृत किया जा सकता है।
हालांकि आधिकारिक सूची में मिसाइल का नाम केवल “Air-to-Air Missile Cooperation Agreement” के रूप में दिया गया है। इसलिए अस्त्र की संख्या, संस्करण और डिलीवरी समयसीमा के बारे में आगे की विस्तृत आधिकारिक घोषणा का इंतजार रहेगा।
हिंद महासागर में मजबूत होगा समुद्री सुरक्षा सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो ने समुद्री सुरक्षा और संरक्षा सहयोग से जुड़े पुराने MoU और उसके Implementation Agreement को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त प्रेस वक्तव्य में कहा कि भारत और इंडोनेशिया के कोस्ट गार्ड हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा के लिए मिलकर काम करेंगे। दोनों देशों ने ब्लू इकोनॉमी, पोर्ट डेवलपमेंट और मैरीटाइम ट्रेड में सहयोग बढ़ाने का भी फैसला किया है।
भारत और इंडोनेशिया हिंद महासागर और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र में स्थित हैं। इसलिए जहाजों की सुरक्षा, समुद्री निगरानी, रियल-टाइम सूचना साझा करना और रणनीतिक पोर्ट कनेक्टिविटी दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
IFC-IOR में तैनात होगा इंडोनेशियाई संपर्क अधिकारी
समुद्री सहयोग को मजबूत करने के लिए इंडोनेशिया भारत के Information Fusion Centre–Indian Ocean Region यानी IFC-IOR में अपना संपर्क अधिकारी तैनात करेगा। इसे छह प्रमुख घोषणाओं में शामिल किया गया है।
इस व्यवस्था से हिंद महासागर में जहाजों की आवाजाही और संभावित समुद्री खतरों से जुड़ी जानकारी साझा करने की क्षमता मजबूत होगी। इससे दोनों देशों के बीच Maritime Domain Awareness और सुरक्षा समन्वय को बढ़ावा मिलेगा।
सबांग पोर्ट क्यों है रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण?
भारत और इंडोनेशिया के बीच सबांग क्षेत्र में पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर सहयोग कोई नया विषय नहीं है। 2018 के आधिकारिक संयुक्त बयान में दोनों देशों ने सबांग और उसके आसपास पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए Joint Task Force बनाने का स्वागत किया था।
मौजूदा यात्रा की आधिकारिक 20 परिणामों की सूची में सबांग पोर्ट को अलग नए समझौते के रूप में दर्ज नहीं किया गया है। हालांकि प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि दोनों देश पोर्ट डेवलपमेंट, ब्लू इकोनॉमी और समुद्री व्यापार में सहयोग बढ़ाएंगे। इस वजह से लंबे समय से चल रहे सबांग-अंडमान एवं निकोबार कनेक्टिविटी सहयोग को नई गति मिलने की संभावना है।
क्रिटिकल मिनरल्स और स्टील सप्लाई चेन पर बड़ा समझौता
भारत और इंडोनेशिया ने Minerals and Technology of Steel Supply Chain के क्षेत्र में सहयोग के लिए MoU किया है। यह समझौता भविष्य की तकनीक, इलेक्ट्रिक वाहनों, रक्षा उद्योग और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज की दुनिया में टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन की मजबूती बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों देशों ने क्रिटिकल मिनरल्स और स्टील की सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए नई साझेदारी शुरू की है।
इंडोनेशिया निकल समेत महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों वाला प्रमुख देश है। भारत के लिए इस क्षेत्र में सहयोग भविष्य की औद्योगिक और रणनीतिक जरूरतों को देखते हुए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
इंडोनेशिया में स्टेनलेस-स्टील स्लैब प्लांट, SAIL का बड़ा जॉइंट वेंचर
भारत की स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी SAIL और इंडोनेशिया की PT Krakatau Steel के बीच Strategic Joint Venture पर सहमति बनी है।
इसके तहत इंडोनेशिया में स्टेनलेस-स्टील स्लैब निर्माण सुविधा स्थापित की जाएगी। यह भारत और इंडोनेशिया के औद्योगिक सहयोग और मैन्युफैक्चरिंग सप्लाई चेन के लिए बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे स्टेनलेस स्टील के क्षेत्र में दोनों देशों की कंपनियों के बीच नई साझेदारी की शुरुआत बताया।
#WATCH | Jakarta, Indonesia: During the banquet lunch hosted in honour of PM Narendra Modi, Indonesian President Prabowo Subianto says, "… I also want to admit to your excellency (PM Modi), I follow your career and I copy many of your programs. I don't mind admitting because… pic.twitter.com/k0DWeFPiKS
— ANI (@ANI) July 7, 2026
रेयर अर्थ मैग्नेट के लिए तीन कंपनियों में MoU
भारत के Non-Ferrous Materials Technology Development Centre यानी NFTDC, Midwest Limited और इंडोनेशिया की PT PERMINAS के बीच रेयर अर्थ मैग्नेट के विकास के लिए MoU हुआ है।
रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा प्रणालियों और कई हाई-टेक उद्योगों में होता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस समझौते से दोनों देशों के बीच रेयर अर्थ मैग्नेट साझेदारी का नया अध्याय शुरू हो रहा है।
EVM पर क्या फैसला हुआ? आधिकारिक स्थिति समझिए
भारत के चुनाव आयोग यानी ECI और इंडोनेशिया के General Elections Commission यानी KPU के बीच MoU किया गया है। आधिकारिक सूची में इसे चुनाव प्रबंधन संस्थाओं के बीच सहयोग के रूप में दर्ज किया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्य और विविधता में एकता दोनों देशों की साझा ताकत हैं और चुनाव आयोगों के बीच MoU से लोकतांत्रिक सहयोग मजबूत होगा। इस समझौते को सीधे यह कहना कि “इंडोनेशिया भारत की EVM अपनाएगा”, फिलहाल आधिकारिक दस्तावेज से पुष्ट नहीं होता। आधिकारिक रूप से ECI और KPU के बीच सहयोग का MoU हुआ है, जिसके विस्तृत तकनीकी दायरे की जानकारी आगे सामने आ सकती है।
Indonesia Open Network को भारत के ONDC मॉडल का आधार
डिजिटल कॉमर्स के क्षेत्र में भी दोनों देशों ने बड़ा कदम उठाया है। इंडोनेशिया में Indonesia Open Network यानी ION को लॉन्च करने की घोषणा की गई है, जो भारत के Open Network for Digital Commerce यानी ONDC के आर्किटेक्चर पर आधारित होगा।
यह सहयोग डिजिटल व्यापार, छोटे कारोबारियों और ओपन ई-कॉमर्स नेटवर्क के क्षेत्र में भारत के डिजिटल मॉडल की बढ़ती वैश्विक भूमिका को दर्शाता है।
भारत की UPI इंडोनेशिया के पेमेंट सिस्टम से जुड़ेगी
प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त प्रेस वक्तव्य में कहा कि भारत की UPI व्यवस्था इंडोनेशिया के पेमेंट सिस्टम के साथ इंटीग्रेट होने जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे Ease of Doing Business और Ease of Travel दोनों को मजबूती मिलेगी।
इस पहल से भविष्य में दोनों देशों के यात्रियों और कारोबारियों के लिए डिजिटल भुगतान अधिक सुविधाजनक हो सकता है।
इंडोनेशिया में खुलेगा IIM Bangalore का कैंपस
शिक्षा के क्षेत्र में सबसे बड़ी घोषणा इंडोनेशिया के Singhasari Special Economic Zone में Indian Institute of Management Bangalore का ब्रांच कैंपस स्थापित करने की है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस कैंपस से केवल इंडोनेशिया ही नहीं, बल्कि पूरे ASEAN क्षेत्र के युवाओं को लाभ मिलेगा। इसे भारत की उच्च शिक्षा और मैनेजमेंट एजुकेशन के अंतरराष्ट्रीय विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
टेलीकॉम में सहयोग के लिए MoU
दोनों देशों ने Telecommunications Technologies and Services के क्षेत्र में सहयोग के लिए MoU किया है। यह समझौता दोनों देशों के बीच अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और टेलीकॉम सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा दे सकता है।
रिसर्च, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर नई साझेदारी
भारत और इंडोनेशिया ने Research, Technology and Innovation Cooperation के लिए भी MoU किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों की युवा आबादी और तकनीक के प्रति रुझान को देखते हुए AI, टेलीकॉम और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग बढ़ाया जाएगा। दोनों नेताओं ने स्टार्टअप सहयोग को और गहरा करने पर भी सहमति जताई है।
अंतरिक्ष सहयोग का समझौता बढ़ाया गया
भारत और इंडोनेशिया ने शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए अंतरिक्ष की खोज और उपयोग से जुड़े Framework Agreement का विस्तार किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष क्षेत्र में दशकों पुराना भरोसेमंद सहयोग है और अब संयुक्त रिसर्च, टेक्नोलॉजी शेयरिंग तथा कैपेसिटी बिल्डिंग को आगे बढ़ाया जाएगा।
मेडिकल प्रोडक्ट्स के नियमन पर CDSCO-BPOM समझौता
भारत के Central Drugs Standard Control Organisation यानी CDSCO और इंडोनेशिया की BPOM के बीच मेडिकल प्रोडक्ट्स के नियमन में सहयोग के लिए MoU हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस सहयोग से भारत की उच्च गुणवत्ता वाली और किफायती दवाओं को इंडोनेशिया के लोगों तक अधिक आसानी से पहुंचाने में मदद मिलेगी।
हेल्थ वर्कफोर्स सहयोग को भी मंजूरी
दोनों देशों के बीच Health Workforce Collaboration के लिए Implementation Agreement किया गया है।
भारत इंडोनेशिया के डॉक्टरों और हेल्थकेयर वर्कर्स की क्षमता निर्माण में योगदान देगा। दोनों देशों ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए मानव संसाधन और ट्रेनिंग के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है।
कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में MoU
भारत और इंडोनेशिया ने कृषि तथा उससे जुड़े क्षेत्रों में सहयोग के लिए MoU किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देश Sustainable Farming और Agro-Technology में अपनी Best Practices साझा करेंगे। इससे कृषि उत्पादकता, खाद्य सुरक्षा और नई तकनीकों के इस्तेमाल में सहयोग बढ़ने की उम्मीद है।
इंडोनेशिया को 100 टन DWR 162 गेहूं के बीज
भारत ने इंडोनेशिया को 100 टन उच्च गुणवत्ता वाले DWR 162 गेहूं के बीज की आपूर्ति की घोषणा की है। इसे यात्रा के छह आधिकारिक Announcements में शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में विकसित गेहूं के बीज की सप्लाई से इंडोनेशिया की खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी।
आपदा प्रबंधन में NDMA का सहयोग
भारत की National Disaster Management Authority यानी NDMA और इंडोनेशिया की National Agency for Disaster Management के बीच MoU हुआ है।
भूकंप, सुनामी और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को देखते हुए यह सहयोग दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी Disaster Management में सहयोग बढ़ाने पर सहमति का उल्लेख किया।
प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण में भारत करेगा मदद
भारत इंडोनेशिया के योग्याकार्ता स्थित प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण और जीर्णोद्धार में सहायता करेगा। यह छह प्रमुख घोषणाओं में शामिल है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक हजार वर्ष से अधिक पुराना प्रम्बानन मंदिर भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। वह राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ इसके Conservation Project को लॉन्च करेंगे।
‘टैगोर-देवान्तारा वर्ष’ मनाएंगे दोनों देश
भारत और इंडोनेशिया Tagore-Dewantara Year of Cultural and Educational Diplomacy मनाएंगे। यह घोषणा गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की ऐतिहासिक इंडोनेशिया यात्रा के शताब्दी वर्ष से जुड़ी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इंडोनेशिया के महान शिक्षाविद और पहले शिक्षा मंत्री देवान्तारा के शैक्षिक विचारों पर गुरुदेव टैगोर की सोच का गहरा प्रभाव था। इस कार्यक्रम के जरिए दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक संबंधों को आगे बढ़ाया जाएगा।
14 समझौते और 6 घोषणाएं: ये हैं सभी 20 बड़े परिणाम
MoUs और Agreements
- शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए अंतरिक्ष सहयोग के Framework Agreement का विस्तार
- मेडिकल प्रोडक्ट्स रेगुलेशन पर CDSCO और BPOM के बीच MoU
- मिनरल्स और स्टील सप्लाई चेन टेक्नोलॉजी पर MoU
- कृषि और सहयोगी क्षेत्रों में MoU
- समुद्री सुरक्षा और संरक्षा सहयोग का विस्तार
- NDMA और इंडोनेशियाई आपदा प्रबंधन एजेंसी के बीच MoU
- टेलीकॉम टेक्नोलॉजी और सेवाओं में सहयोग
- रिसर्च, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में सहयोग
- हेल्थ वर्कफोर्स सहयोग की Implementation Arrangement
- भारत के चुनाव आयोग और इंडोनेशिया के KPU के बीच MoU
- ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम पर सहयोग
- एयर-टू-एयर मिसाइल सहयोग समझौता
- SAIL और PT Krakatau Steel का Strategic Joint Venture
- रेयर अर्थ मैग्नेट के विकास पर NFTDC, Midwest और PT PERMINAS का MoU
छह प्रमुख घोषणाएं
- प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण और जीर्णोद्धार में भारत की सहायता
- IFC-IOR में इंडोनेशियाई Liaison Officer की तैनाती
- इंडोनेशिया को 100 टन DWR 162 गेहूं के बीज की आपूर्ति
- Tagore-Dewantara Year of Cultural and Educational Diplomacy
- Singhasari SEZ में IIM Bangalore का ब्रांच कैंपस
- भारत के ONDC मॉडल पर Indonesia Open Network का लॉन्च
यह पूरी सूची प्रधानमंत्री कार्यालय ने 7 जुलाई 2026 को आधिकारिक रूप से जारी की है।
भारत-इंडोनेशिया संबंधों का ‘सुनहरा अध्याय’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के संबंधों में नई ऊर्जा, विश्वास और गहराई आई है। रक्षा से डिजिटल कॉमर्स, मिसाइलों से मेडिकल प्रोडक्ट्स और क्रिटिकल मिनरल्स से सांस्कृतिक विरासत तक फैले 20 परिणाम दोनों देशों की साझेदारी के व्यापक दायरे को दिखाते हैं।
ब्रह्मोस और एयर-टू-एयर मिसाइल सहयोग से रणनीतिक संबंध मजबूत होंगे, वहीं क्रिटिकल मिनरल्स, स्टील और रेयर अर्थ मैग्नेट समझौते भविष्य की औद्योगिक सप्लाई चेन के लिए महत्वपूर्ण हैं। IIM Bangalore कैंपस, ONDC आधारित Indonesia Open Network, चुनाव आयोगों का MoU और प्रम्बानन मंदिर संरक्षण परियोजना इस साझेदारी को रक्षा से कहीं आगे ले जाती है।
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