बांग्लादेश में उस समय हलचल तेज हो गई जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पश्चिम बंगाल और असम में चुनावों में शानदार जीत दर्ज की। इस राजनीतिक बदलाव के बाद बांग्लादेश सरकार को आशंका है कि भारत में रह रहे कथित गैर-कानूनी बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बांग्लादेश के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि ऐसी कोई स्थिति उत्पन्न नहीं होगी, लेकिन एहतियात के तौर पर देश की सेना और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को तैयार रखा गया है।
यह चिंता खासतौर पर इस संभावना को लेकर है कि भारत के इन सीमावर्ती राज्यों में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को बड़े पैमाने पर वापस भेजने (पुशबैक) की कार्रवाई हो सकती है। हालांकि बांग्लादेशी मंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारत सरकार ऐसा कोई कठोर कदम नहीं उठाएगी।
भारत और बांग्लादेश के बीच अवैध घुसपैठ और नागरिकों की वापसी का मुद्दा लंबे समय से संवेदनशील बना हुआ है। दोनों देशों के बीच इस विषय पर कई बार कूटनीतिक स्तर पर बातचीत भी हो चुकी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ढाका में सत्तारूढ़ दल के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विदेश मंत्री खलीलुर रहमान के हवाले से बयान जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि अगर पश्चिम बंगाल में ऐसी कोई स्थिति बनती है तो बांग्लादेश सरकार इस पर उचित कार्रवाई करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि “पुशबैक” का मुद्दा भारत-बांग्लादेश संबंधों में एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। बांग्लादेश के भीतर भी कई लोग इसे दोनों देशों के बीच रिश्तों में तनाव का कारण मानते हैं।
फिलहाल दोनों देशों की सरकारें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और भविष्य में इस मुद्दे पर कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की संभावना भी जताई जा रही है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel