हम खुद सुलझाएंगे मुद्दा…
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच जारी सैन्य संघर्ष लगातार और खतरनाक होता जा रहा है, जिसमें अब तक थाईलैंड में 27 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। वहीं कंबोडिया में भी 15 लोगों के मारे जाने की खबर है। इस युद्ध में लड़ाकू विमानों, तोप-गोलों और जमीनी सेना का भी इस्तेमाल हो रहा है। हालात बिगड़ते देख चीन ने मध्यस्थता की पेशकश की थी, लेकिन थाईलैंड ने उसकी यह कोशिश नाकाम कर दी।
थाईलैंड ने साफ तौर पर कहा कि वह चीन सहित किसी भी बाहरी देश की मध्यस्थता नहीं चाहता और इस मुद्दे को द्विपक्षीय बातचीत के जरिए खुद सुलझाना चाहता है। चीन के साथ अमेरिका और मलेशिया ने भी मध्यस्थ बनने की पेशकश की थी, लेकिन थाईलैंड का रुख स्पष्ट है—वे किसी तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं समझते। थाईलैंड के अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि उनका देश कंबोडिया के साथ सीधी बातचीत को प्राथमिकता देता है और किसी बाहरी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। इस बीच कंबोडिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद बिना शर्त तत्काल युद्धविराम (सीजफायर) की मांग की है। संयुक्त राष्ट्र में कंबोडिया के राजदूत ने वैश्विक मंच से अपील की है कि इस संघर्ष को तुरंत रोका जाए। फिलहाल, दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है, लेकिन थाईलैंड के इस रुख से यह स्पष्ट है कि वह अपनी शर्तों पर समाधान चाहता है और किसी बाहरी ‘चौधरी’ की दखलअंदाजी स्वीकार करने को तैयार नहीं।