ट्रंप के गले की फांस बनी जेफरी एपस्टीन की कहानी
जेफरी एपस्टीन—एक अमीर, रसूखदार और कुख्यात यौन अपराधी—मरने के बावजूद आज भी अमेरिका की राजनीति और खासकर डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक बड़ा सिरदर्द बना हुआ है। एपस्टीन फाइल्स से जुड़े रहस्यों और अधूरी सच्चाइयों ने ट्रंप के समर्थकों को ही उनके खिलाफ खड़ा कर दिया है।
एपस्टीन एक मिलियनेयर फाइनेंसर था, जिसके संबंध दुनियाभर की बड़ी हस्तियों—राजनेताओं, अरबपतियों, वैज्ञानिकों और अभिनेताओं—से थे। उस पर किशोर लड़कियों के यौन शोषण, बाल वेश्यावृत्ति और सेक्स ट्रैफिकिंग के संगीन आरोप थे।
2005 में उसकी पहली गिरफ्तारी हुई और 2008 में उसे 13 महीने की सजा मिली, जो बहुत हल्की मानी गई। उसका “लिटिल सेंट जेम्स” आइलैंड जिसे “पीडोफाइल आइलैंड” भी कहा जाता था, उसके अपराधों का गढ़ था।
एपस्टीन को जुलाई 2019 में दोबारा गिरफ्तार किया गया, लेकिन 10 अगस्त 2019 को वह न्यूयॉर्क की हाई सिक्योरिटी जेल में मृत पाया गया। आधिकारिक रूप से इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन दुनियाभर में यह शक गहराया कि उसे मारा गया ताकि वह अपने पावरफुल क्लाइंट्स का नाम न उजागर कर दे।
क्या हैं एपस्टीन फाइल्स?
इन फाइलों में:
- एपस्टीन के फ्लाइट लॉग्स
- उसके गेस्ट लिस्ट,
- गवाहों की गवाही,
- और यौन शोषण की पीड़िताओं के बयान शामिल हैं।
लोगों का मानना है कि इनमें कई हाई-प्रोफाइल लोग जैसे कि बिल क्लिंटन, ट्रंप, प्रिंस एंड्रयू, हिलेरी क्लिंटन, एलन डर्सोविट्ज़, स्टीफन हॉकिंग, और यहां तक कि लियोनार्डो डिकैप्रियो जैसे लोगों के नाम हैं।
ट्रंप प्रशासन पर आरोप क्यों?
ट्रंप ने एक समय कहा था कि अगर वह राष्ट्रपति बने, तो एपस्टीन फाइल्स सार्वजनिक करेंगे। लेकिन जब उनके प्रशासन ने DOJ (Department of Justice) के जरिए जांच पूरी की, तो साफ कहा गया कि कोई “क्लाइंट लिस्ट” नहीं मिली, ब्लैकमेल का कोई प्रमाण नहीं मिला, और एपस्टीन ने आत्महत्या की थी, हत्या नहीं हुई।
यह रिपोर्ट 7 जुलाई 2025 को सामने आई और उसी दिन से ट्रंप को उनके खुद के समर्थकों का गुस्सा झेलना पड़ रहा है।
ट्रंप के खिलाफ क्यों हो गए उनके समर्थक?
- एलन मस्क, जो पहले ट्रंप के समर्थक माने जाते थे, अब कह रहे हैं कि ट्रंप भी इन फाइलों से जुड़े हो सकते हैं और उन्होंने “निष्पक्ष जांच” नहीं करवाई।
- Laura Loomer, MAGA समर्थक और प्रभावशाली राइट-विंग चेहरा, ने DOJ की रिपोर्ट को “कवरअप” बताया।
- कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर फाइलें “खाली” थीं, तो क्यों DOJ ने उन्हें वर्षों तक सार्वजनिक नहीं किया?
ट्रंप की सफाई और विरोधाभास
ट्रंप ने बार-बार कहा है कि उन्होंने कभी एपस्टीन के आइलैंड का दौरा नहीं किया, और अगर जरूरत पड़ी तो वे फाइलें सार्वजनिक करेंगे। लेकिन उनके वादे और DOJ की रिपोर्ट में अंतर देखकर लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। एपस्टीन फाइल्स आज भी रहस्य का सबब बनी हुई हैं। और यह विवाद इस बात का उदाहरण बन गया है कि सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग किस तरह शक्तिशाली अपराधियों से जुड़े हो सकते हैं और फिर जांच को कैसे प्रभावित कर सकते हैं।
ट्रंप के लिए यह मुद्दा राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील बन चुका है, जो 2024 में उनके राष्ट्रपति चुनावी दावे और अब 2025 में उनके नेतृत्व पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।