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Tuesday, October 27, 2026

सबने मान लिया डूबकर मर गया 14 साल का लखन, लेकिन समुद्र में सहारा बने रहे गणेश जी: मूर्ति पकड़कर 36 घंटे तक तैरता रहा

सबने मान लिया डूबकर मर गया 14 साल का लखन, लेकिन समुद्र में सहारा बने रहे गणेश जी: मूर्ति पकड़कर 36 घंटे तक तैरता रहा

गुजरात के सूरत से एक अविश्वसनीय मामला सामने आया है। 14 साल का एक बच्चा समुद्र में डूब गया। परिवार वाले उसके शव की बाट जोह रहे थे। लेकिन 36 घंटे बाद जब वह नवसारी में बीच समुद्र में मछुआरे को मिला तो उसकी साँसे चल रही थी। इस दौरान यह बच्चा गणेश जी की प्रतिमा के फ्रेम के सहारे तैरता रहा था।

यह बच्चा 14 साल का लखन है। वह 29 सितंबर 2023 को अपने भाई करन करन और बहन अंजली तथा अपनी दादी के साथ अम्बाजी मंदिर घूमने आया था। मंदिर में दर्शन के बाद बच्चे समुद्र तट पर जाने की जिद दादी से करने लगे। दादी उन्हें डुमास तट पर सैर के लिए लेकर गईं।

दोनों भाई समुद्र की लहरों के बीच खेल रहे थे। दोपहर का समय होने के कारण समुद्र की लहरे तेज थीं। दोनों को लहरे अपने साथ बहा ले गई। शोर मचाने पर करन को आसपास खड़े लोगों ने बचा लिया, लेकिन लखन लहरों के साथ बह गया।

लखन के लहरों में बहने के बाद पुलिस और अग्निशमन विभाग को जानकारी दी गई। लेकिन समुद्र में हलचल के कारण उसका कोई पता नहीं लगाया जा सका। परिवार ने लखन के जीवित मिलने की उम्मीद छोड़ दी। उसका शव मिलने की बाट जोह रहे थे।

लेकिन 1 अक्टूबर की शाम को लखन के पिता विकास देवीपूजक को नवसारी से एक फ़ोन आया। लखन का परिवार नवसारी पहुँचा तो पाया कि वह जीवित और पूरी तरह से स्वस्थ है। लखन को कोई चोट भी नहीं आई थी।

गणेश प्रतिमा के अवशेषों के सहारे समुद्र में डूबने से बचा लखन

लखन के समुद्र में बहने के पश्चात एक गणेश प्रतिमा के अवशेष उसके हाथों में आ गए। इसके सहारे वह समुद्रतल पर तैरता रहा। लखन बहते-बहते डुमास से गुजरात के नवसारी जिले की तरफ पहुँच गया था। नवसारी के एक मछुआरे रासिक टंडेल समुद्र में मछलियाँ पकड़ने गए हुए थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि कोई एक लकड़ी के सहारे तैर रहा है और सहयाता माँग रहा है।

इसके पश्चात रासिक ने नाव लखन की तरफ मोड़ दी और रस्सी के सहारे उसे अपनी नाव में खींच लिया। बदहवास हालत में मिले लखन को रासिक ने खाना-पानी और चाय दी तथा उसके परिवार को सूचित किया। इसके पश्चात पुलिस ने लखन के परिवार से सम्पर्क साधा

परिवार ने छोड़ दी थी उम्मीद

परिवार ने लखन के जीवित मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी। लखन के पिता ने कहा है कि अम्बा माता की कृपा से उनका बच्चा बच सका है। समुद्र तट पर लाए जाने के बाद लखन को प्राथमिक उपचार दिया गया था।\

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