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Sunday, November 1, 2026

कुवैत अग्रिकांड में अब तक 42 भारतीय की मौत, तमिलनाडु और केरल में पसरा मातम

कुवैत अग्रिकांड में अब तक 42 भारतीय की मौत, तमिलनाडु और केरल में पसरा मातम

कुवैत अग्निकांड में लगभग 40 भारतीयों की जान चली गई है। इस दुखद दुर्घटना में केरल के दो और मृतकों की पहचान की गई है। मृतकों की पहचान लुकोस (48) और साजन जॉर्ज (29) के रूप में हुई है, जो केरल के कोल्लम शहर के मूल निवासी थे।

लुकोस 18 साल से कुवैत में एनबीटीसी कंपनी में सुपरवाइजर के तौर पर काम कर रहे थे। वे अपने पीछे पत्नी शाइनी और दो बच्चों लिडिया और लोइस को छोड़ गए हैं। उनके रिश्तेदारों ने बताया कि उन्होंने उनसे कहा था कि वे अगले हफ्ते घर आएंगे। एक अन्य मृतक, साजन जॉर्ज, एम.टेक स्नातक, कोल्लम के पुनालुर का निवासी था। वह एक महीने पहले नौकरी मिलने के बाद कुवैत गया था। वह वहां जूनियर मैकेनिकल इंजीनियर के रूप में काम करता था।

घायलों का कुवैत के पांच सरकारी अस्पतालों में चल रहा इलाज

वहीं, विदेश मंत्रालय ने बताया कि बुधवार को कुवैत के मंगाफ क्षेत्र में एक श्रमिक आवास सुविधा में आग लगने की दुखद घटना में लगभग 40 भारतीयों की मौत हो गई और 50 से अधिक घायल हो गए। घायलों का कुवैत के पांच सरकारी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इससे पहले, केरल के कोल्लम जिले के सूराणाड गांव के रहने वाले 30 वर्षीय शमीर की पहचान इस त्रासदी में मारे गए लोगों में हुई थी।

पिनाराई विजयन ने एस जयशंकर को लिखा पत्र

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर कुवैत में आग लगने की घटना में केंद्र के हस्तक्षेप की मांग की है. इस घटना में ज्यादातर मलयाली लोगों की जान गई है. अपने पत्र में विजयन ने कहा कि उन्हें ऐसी खबरें मिली हैं कि कुवैत के मंगाफ में एनबीटीसी कैंप के नाम से जाने जाने वाले एक कैंप में आग लग गई है और केरल के कुछ लोगों सहित कई भारतीयों की जान चली गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ‘दुर्भाग्यपूर्ण घटना’ में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं.

विजयन ने जयशंकर को लिखे अपने पत्र में कहा, ‘मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कुवैत सरकार से संपर्क करके राहत और बचाव कार्यों का समन्वय करने के लिए भारतीय दूतावास को जरूरी निर्देश दें.’ कुवैत अग्निकांड पर विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा, ‘हम कुवैत अग्निकांड के पीड़ितों के साथ खड़े हैं, हम उनके प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं. हमने प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक की और कल सुबह हम कुवैत जा रहे हैं. उन्होंने कहा, हम स्थिति और अस्पताल में भर्ती लोगों का जायजा लेंगे. मरने वालों की पहचान का काम चल रहा है. अधिकतर लोग केरल और दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों से हैं.’

हेल्पलाइन नंबर जारी

मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार, कमिश्नरेट में भारतीय दूतावास और तमिल संघों के साथ संपर्क करके तमिलों को सहायता देने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. इसके अलावा, अधिकारियों ने राज्य सरकार से सहायता लेने के लिए कमिश्नरेट के हेल्पलाइन नंबर +91 1800 309 3793 (भारत के भीतर) और +91 80 6900 9900, +91 80 6900 9901 (विदेश से कॉल के लिए) दिए हैं. भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा वक्त में घायलों को कुवैत के 5 सरकारी अस्पतालों (अदन, जाबेर, फरवानिया, मुबारक अल कबीर और जाहरा अस्पताल) में भर्ती कराया गया है और उन्हें उचित चिकित्सा देखभाल और ध्यान दिया जा रहा है. कुवैत में हमारा दूतावास प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने के लिए स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में बना हुआ है. दूतावास ने परिवार के सदस्यों से संपर्क करने के लिए एक हेल्पलाइन +965-65505246 (व्हाट्सएप और नियमित कॉल) जारी किया है.

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