केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने हाल ही में ‘UMEED’ पोर्टल (Unified Waqf Management, Empowerment, Efficiency and Development) लॉन्च किया है, जो भारत में वक्फ संपत्तियों के पारदर्शी और डिजिटल प्रबंधन की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। यह पोर्टल Waqf Act, 1995 के अंतर्गत बनाया गया है, और नए वक्फ कानून के अनुसार अगले छह महीनों के भीतर सभी वक्फ संपत्तियों को इस पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य होगा।
🔹 पोर्टल की कार्यप्रणाली
इस पोर्टल के जरिए वक्फ संपत्तियों की डिजिटल रजिस्ट्रेशन, वेरिफिकेशन और अप्रूवल की एक त्रि-स्तरीय प्रक्रिया लागू की गई है:
- मेकर: वक्फ संपत्ति का मुतवल्ली (प्रबंधक) रजिस्ट्रेशन की जिम्मेदारी संभालेगा। मुतवल्ली को राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के वक्फ बोर्ड द्वारा नियुक्त किया जाएगा।
- चेकर: जिला स्तर पर नियुक्त वक्फ बोर्ड के अधिकृत अधिकारी रजिस्ट्रेशन की जांच करेंगे।
- अप्रूवर: वक्फ बोर्ड के सीईओ या अन्य अधिकृत वरिष्ठ अधिकारी संपत्ति की अंतिम स्वीकृति देंगे।
इसके अतिरिक्त, रजिस्ट्रेशन के दौरान मोबाइल नंबर और ईमेल ID के जरिए वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी ताकि प्रणाली पूरी तरह से पारदर्शी और सुरक्षित बनी रहे।
🔹 सामाजिक प्रभाव और लाभ
UMEED पोर्टल का उद्देश्य सिर्फ आंकड़े संकलित करना नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य वक्फ संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन, बेहतर उपयोग और अल्पसंख्यकों के कल्याण को सुनिश्चित करना है। किरेन रिजिजू ने इस पहल को “हजारों जिंदगियों को फायदा पहुंचाने वाला काम” बताया। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि:
- इससे महिलाओं और अनाथ (यतीम) मुस्लिम बच्चों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
- वक्फ की 9 लाख से अधिक संपत्तियां देशभर में हैं, और अब उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा।
- इससे संपत्तियों का दुरुपयोग, अवैध कब्जा और पारदर्शिता की कमी दूर की जा सकेगी।
🔹 राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व
रिजिजू ने कहा कि इस नए वक्फ कानून को दोनों सदनों में विस्तृत चर्चा और सहमति के बाद पारित किया गया है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार की मंशा स्पष्ट है—विलंब नहीं करना, बल्कि समयबद्ध तरीके से वक्फ संपत्तियों का डिजिटलीकरण और रजिस्ट्रेशन पूरा कराना।
उन्होंने राज्य सरकारों और राज्य वक्फ बोर्डों से अपील की कि वे भी निर्धारित छह महीने के भीतर अपने हिस्से का काम ईमानदारी और तेजी से पूरा करें। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि दुनिया में सबसे ज्यादा वक्फ प्रॉपर्टी भारत में है, और इस अमूल्य धरोहर का उपयोग अब योजनाबद्ध तरीके से किया जाएगा।
UMEED पोर्टल भारत में वक्फ संपत्तियों के इतिहास में एक मील का पत्थर है। यह न केवल डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि अल्पसंख्यक समुदायों के सशक्तिकरण के लिए एक ठोस बुनियाद भी प्रदान करता है। इससे सामाजिक न्याय, समान अवसर और समावेशी विकास की दिशा में वास्तविक प्रगति सुनिश्चित की जा सकेगी।