संसद के शीतकालीन सत्र के समापन का नज़ारा इस बार कुछ अलग ही देखने को मिला। सत्र के आख़िरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के बीच हल्के-फुल्के अंदाज़ में बातचीत और ठहाके सुनाई दिए। वहीं, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी एक बीजेपी सांसद के साथ चाय पार्टी में नजर आईं। ‘वीबी–जी राम जी’ बिल पर सदन में तीखी बहस और टकराव के बाद ऐसा माहौल बनेगा, इसकी उम्मीद कम ही की जा रही थी।
कांग्रेस सांसदों का कहना है कि इस बार सदन का माहौल पिछले सत्रों की तुलना में काफी अलग रहा। विपक्ष को अपनी बात रखने का अधिक अवसर मिला, जिसके चलते वह नाराज़गी देखने को नहीं मिली, जो बीते संसद सत्रों के दौरान साफ दिखाई देती थी। इसी बदले हुए माहौल की झलक स्पीकर की पारंपरिक चाय पार्टी में भी देखने को मिली।
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की चाय पार्टी में शामिल होने का फैसला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लिया था। सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस सरकार की विधेयक पर कार्रवाई का विरोध जरूर कर रही थी, लेकिन अध्यक्ष और सभापति का रुख इस बार अपेक्षाकृत उदार रहा। यह स्थिति पिछले मानसून सत्र से अलग थी, जब विपक्ष को बोलने की अनुमति न मिलने का आरोप लगा था।
शीतकालीन सत्र खत्म होने के बाद विपक्ष के नेताओं के साथ चाय पर चर्चा करते प्रधानमंत्री मोदी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह।#ModiOppositionTea #WinterSession #PMModi #RajnathSingh #BipartisanMeet
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— One India News (@oneindianewscom) December 19, 2025
लोकसभा में कांग्रेस की ओर से शैलजा कुमारी, प्रियंका गांधी, मणिकम टैगोर और मोहम्मद जावेद ने चाय पार्टी में हिस्सा लिया। वहीं, राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, दिग्विजय सिंह और जयराम रमेश मौजूद रहे। राहुल गांधी की अनुपस्थिति में कांग्रेस की ओर से प्रियंका गांधी वाड्रा ने पार्टी का प्रतिनिधित्व किया।
गौरतलब है कि पिछले संसद सत्र में विपक्ष ने स्पीकर की चाय पार्टी का बहिष्कार किया था। इस बार तीन देशों की व्यस्त विदेश यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चाय पार्टी में शामिल हुए। स्पीकर की यह चाय पार्टी एक परंपरा है, जिसमें हर सत्र के समापन पर सभी दलों के प्रमुख नेता एक साथ जुटते हैं, ताकि सदन में हुई तीखी बहसों और आरोप-प्रत्यारोप के बाद माहौल को सौहार्दपूर्ण बनाया जा सके।
करीब 20 मिनट तक चली इस चाय पार्टी में कुछ विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के सामने एक सुझाव भी रखा। उन्होंने कहा कि नए संसद भवन में भी सांसदों के लिए एक केंद्रीय कक्ष होना चाहिए, जैसा पुराने संसद भवन के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में था, जहां अनौपचारिक चर्चाएं होती थीं। नए भवन में सांसदों के मिलने का एकमात्र स्थान कैंटीन रह जाने से यह कमी महसूस की जा रही है।
इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने मुस्कराते हुए कहा कि वह व्यवस्था तो रिटायरमेंट के बाद के लिए है, अभी तो सांसदों को बहुत सेवा करनी है। प्रधानमंत्री के इस जवाब पर बैठक में मौजूद सभी नेताओं के बीच जोरदार ठहाके गूंज उठे और चाय पार्टी सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।
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