Delhi High Court ने यूट्यूबर Gulshan Pahuja को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराते हुए 6 महीने की जेल और ₹2,000 के जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने यह सख्त फैसला न्यायपालिका के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को गंभीर मानते हुए दिया।
क्या है मामला?
गुलशन पहूजा ‘Fight 4 Judicial Reforms’ नाम से एक यूट्यूब चैनल चलाते हैं, जिसमें उन्होंने न्यायपालिका और जजों को लेकर विवादित बयान दिए थे। सुनवाई के दौरान भी उन्होंने अपनी टिप्पणियों को सही ठहराया और कहा कि अदालतों की “मनमर्जी” बढ़ रही है और उन्हें न्याय की उम्मीद नहीं है।
कोर्ट में भी दोहराए बयान
कोर्ट में पेशी के दौरान गुलशन पहूजा ने कहा कि “मनमर्जी का दूसरा नाम तानाशाही है।” अदालत ने इसे न्यायपालिका के प्रति अपमानजनक और अस्वीकार्य करार दिया।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी को अपने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं है और वह लगातार अदालतों का अपमान करता रहा। इसी आधार पर कोर्ट ने अधिकतम 6 महीने की सजा सुनाई।
60 दिन की राहत
हालांकि, अदालत ने यूट्यूबर को Supreme Court of India में अपील करने का मौका देते हुए सजा पर 60 दिनों की रोक भी लगा दी है।
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