भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सोनौली बॉर्डर से एक अमेरिकी नागरिक की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने एक अमेरिकी नागरिक को नेपाल में अवैध रूप से प्रवेश करने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार किया। उसके पास न तो वैध पासपोर्ट था और न ही कोई वैध वीजा या यात्रा दस्तावेज।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुद को अमेरिका का नागरिक और पूर्व अमेरिकी नौसेना का सदस्य बताया। उसने दावा किया कि वह लगभग छह वर्षों तक अमेरिकी नौसेना और स्पेशल फोर्सेस में तैनात रहा तथा अब तक 70 देशों की यात्रा कर चुका है। हालांकि पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां उसके इन सभी दावों का सत्यापन कर रही हैं।
SSB ने नेपाल सीमा पर ऐसे पकड़ा
जानकारी के अनुसार, SSB की 22वीं बटालियन नियमित गश्त कर रही थी। इसी दौरान सीमा स्तंभ संख्या 516 के पास एक विदेशी नागरिक संदिग्ध परिस्थितियों में नेपाल की ओर बढ़ता दिखाई दिया।
जवानों ने उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने कथित तौर पर भागने की कोशिश की, लेकिन SSB ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के समय उसके पास:
- कोई वैध पासपोर्ट नहीं था
- वीजा उपलब्ध नहीं था
- पहचान से जुड़े वैध यात्रा दस्तावेज नहीं मिले
इसके बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए सोनौली पुलिस को सौंप दिया गया।
अमेरिकी नागरिक Jordan Brown को भारत-नेपाल सीमा पर बिना वैध Travel Documents के नेपाल में घुसने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार किया गया। उसने दावा किया कि वह U.S. Navy और Special Forces में काम कर चुका है।पहले भी भारत-म्यांमार सीमा से सटे इलाकों में कई विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया है pic.twitter.com/2z91iXoJHY
— Bimal Sharma (@BimalSharm50754) July 14, 2026
खुद को बताया पूर्व अमेरिकी नौसैनिक
पूछताछ में अमेरिकी नागरिक ने दावा किया कि:
- वह अमेरिका के कैलिफोर्निया का रहने वाला है।
- करीब छह साल अमेरिकी नौसेना और स्पेशल फोर्सेस में सेवा दे चुका है।
- लगभग दो वर्ष पहले सैन्य सेवा छोड़ दी।
- अब तक 70 देशों की यात्रा कर चुका है।
फिलहाल इन सभी दावों का स्वतंत्र सत्यापन किया जा रहा है।
बिना पासपोर्ट भारत कैसे पहुंचा?
पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि:
- वह टूरिस्ट वीजा पर थाईलैंड गया था।
- वहां उसका पासपोर्ट कथित रूप से खो गया।
- इसके बाद समुद्री रास्ते से श्रीलंका पहुंचा।
- फिर 2 नवंबर 2025 को समुद्री मार्ग से भारत में प्रवेश किया।
- तब से गोवा में रह रहा था।
यदि यह दावा सही पाया जाता है तो वह करीब सात महीने तक बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के भारत में रहा।
पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
गोवा से बेंगलुरु और फिर नेपाल सीमा
जांच में सामने आया कि आरोपी:
- गोवा में रह रहा था।
- वहां से बेंगलुरु पहुंचा।
- फिर उत्तर प्रदेश के सोनौली बॉर्डर तक आया।
- नेपाल में प्रवेश की कोशिश के दौरान पकड़ा गया।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस दौरान वह किन लोगों के संपर्क में रहा और उसकी गतिविधियां क्या थीं।
तलाशी में क्या मिला?
SSB और पुलिस की तलाशी में उसके पास से:
- ₹31,460 नकद
- दो मोबाइल फोन
बरामद हुए।
हालांकि उसके पास कोई वैध पासपोर्ट, वीजा या अंतरराष्ट्रीय यात्रा दस्तावेज नहीं मिला।
मोबाइल फोन की डिजिटल फॉरेंसिक जांच भी कराई जा सकती है ताकि उसके संपर्कों, यात्रा और गतिविधियों की जानकारी मिल सके।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
सोनौली थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ:
- इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट की धारा 21
- धारा 23
के तहत मामला दर्ज किया है।
इन धाराओं के तहत बिना वैध दस्तावेज भारत में प्रवेश करने या रहने जैसे मामलों में कार्रवाई की जाती है।
सुरक्षा एजेंसियां क्यों कर रहीं गहन पूछताछ?
चूंकि आरोपी:
- विदेशी नागरिक है,
- सीमा पार करने की कोशिश कर रहा था,
- वैध दस्तावेज नहीं थे,
- और उसने सैन्य पृष्ठभूमि का दावा किया है,
इसलिए SSB के अलावा अन्य केंद्रीय सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियां भी उससे पूछताछ कर रही हैं।
जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि:
- उसके दावे सही हैं या नहीं।
- वह वास्तव में अमेरिका का नागरिक है या नहीं।
- उसके यात्रा मार्ग क्या थे।
- भारत में सात महीने के दौरान वह किन लोगों के संपर्क में रहा।
- नेपाल जाने का उद्देश्य क्या था।
पुलिस ने क्या कहा?
महाराजगंज के अपर पुलिस अधीक्षक के अनुसार, गिरफ्तारी के समय आरोपी कोई भी वैध यात्रा दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
SSB की असिस्टेंट कमांडेंट प्रिया यादव ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ के बाद आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस को सौंप दिया गया है।
अब जांच एजेंसियां उसके सभी बयानों का सत्यापन कर रही हैं।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल आरोपी द्वारा किए गए सभी दावे जांच के अधीन हैं।
यदि जांच में उसके दस्तावेज, सैन्य सेवा, यात्रा इतिहास और भारत में रहने से जुड़े दावे सही पाए जाते हैं तो आगे की कानूनी कार्रवाई उसी आधार पर होगी। यदि दावे गलत पाए जाते हैं तो उस स्थिति में अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
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