स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) से पहले गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान समर्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से कथित तौर पर जुड़े पांच और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में पकड़े गए आरोपितों की कुल संख्या बढ़कर 13 हो गई है। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क, संभावित सहयोगियों और कथित आतंकी साजिश की गहन जांच में जुटी हैं।
ATS के अनुसार, हालिया गिरफ्तारियां पहले से हिरासत में लिए गए आठ संदिग्धों से पूछताछ के दौरान मिले महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर की गई हैं। सभी पांचों आरोपितों को गुजरात के पाटन जिले के सिद्धपुर तालुका स्थित खड़ियाल गांव से गिरफ्तार किया गया। अदालत ने सभी आरोपितों को 24 जुलाई तक ATS की रिमांड पर भेज दिया है।
Gujarat ATS have arrested five more accused associated with the terror organisation Jaish-e-Mohammed from various districts of the state
The arrested accused are – Bilal Abid Shera, Mohammed Aiyub Kadiwal aka Mohammed Khadiyasan, Mohammed Shafi Mukhi aka Shafi Chapi, Mohammed… pic.twitter.com/BypxsLm2TD
— ANI (@ANI) July 17, 2026
गिरफ्तार किए गए पांच आरोपित
ATS द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान इस प्रकार है:
- बिलाल आबिद शेरा
- मोहम्मद अय्यूब कड़ीवाल उर्फ मोहम्मद खदियासन
- मोहम्मद शफी मुखी उर्फ शफी चापी
- मोहम्मद हसन करादिया उर्फ हसन हैदरपुरी
- मोहम्मद अय्यूब सुनासरा उर्फ मोहम्मद खली
पहले भी पकड़े जा चुके हैं 8 संदिग्ध
जांच एजेंसियों के मुताबिक, 3 जुलाई 2026 को गुजरात और मध्य प्रदेश के विभिन्न इलाकों से जैश-ए-मोहम्मद से कथित रूप से जुड़े आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें अहमद, इब्राहिम, मुदस्सिर, जकारिया दुर्रानी, मुफ्ती फौजान, मोहम्मद अमीन शेरा, मोहम्मद अब्दुल और बिलाल मोहम्मद शामिल हैं।
ATS का कहना है कि सभी संदिग्ध मिलकर गुजरात में जैश-ए-मोहम्मद का सक्रिय नेटवर्क तैयार करने की दिशा में काम कर रहे थे।
UAPA और BNS की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
इस मामले में आरोपितों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धाराएं 13, 17, 18, 38 और 39 लगाई गई हैं। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 148 और 61 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
ATS की जांच में क्या सामने आया?
ATS की प्रारंभिक जांच के अनुसार, हाल ही में गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपित पहले से गिरफ्तार मॉड्यूल के लगातार संपर्क में थे। एजेंसी का कहना है कि जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि यह समूह कथित तौर पर देसी विस्फोटक उपकरण (Improvised Explosive Device – IED) तैयार करने और उसका परीक्षण करने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, एजेंसी के अनुसार यह प्रयास सफल नहीं हो सका।
जांच में यह भी सामने आया है कि पहले गिरफ्तार किए गए आरोपित मोहम्मद अमीन शेरा ने कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संपर्कों के जरिए विस्फोटक सामग्री उपलब्ध कराई थी, जबकि मॉड्यूल के एक अन्य सदस्य को विस्फोटक उपकरण तैयार करने की तकनीकी जानकारी थी।
कई राज्यों में सक्रिय था कथित मॉड्यूल
ATS के मुताबिक, यह कथित मॉड्यूल अलग-अलग राज्यों में घूमकर अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा था ताकि सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी से बचा जा सके। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस नेटवर्क के तार अन्य राज्यों या विदेशी संपर्कों से जुड़े हुए हैं।
फिदायीन हमले की कथित योजना की जांच
जांच एजेंसी का आरोप है कि यह समूह नए लोगों की भर्ती, हथियार और अन्य संसाधन जुटाने के साथ-साथ कथित तौर पर फिदायीन (आत्मघाती) हमलों की योजना पर भी काम कर रहा था। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी हैं।
ATS अब गिरफ्तार सभी आरोपितों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि कथित साजिश, संभावित सहयोगियों और पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
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