हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित अल-फलाह मेडिकल कॉलेज के एक MBBS छात्र को क्राइम ब्रांच ने कथित तौर पर 200 ग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार छात्र की पहचान अदीदशाह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर का रहने वाला बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, आरोपित छात्र दिल्ली से गांजा खरीदकर लाता था और मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में छोटी-छोटी पुड़िया तैयार कर अन्य छात्रों को बेचता था। मामले में उसके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस यानी NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब दिल्ली स्थित कथित सप्लायर और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
गुप्त सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, क्राइम ब्रांच की टीम इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान टीम को सूचना मिली कि धर्मकांटा के पास एक युवक नशीला पदार्थ लेकर मौजूद है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुँची और सफेद पॉलीथीन लिए एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया। नियमानुसार ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में उसकी तलाशी ली गई। पुलिस का दावा है कि पॉलीथीन के अंदर से 200 ग्राम गांजा बरामद हुआ।
बरामद नशीले पदार्थ को जब्त करने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और आरोपित के खिलाफ NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
दिल्ली के सदर बाजार से गांजा खरीदने का दावा
पुलिस पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया कि आरोपित छात्र दिल्ली के सदर बाजार इलाके में सक्रिय एक सप्लायर से गांजा खरीदता था। इसके बाद वह गांजे को अपने हॉस्टल के कमरे में ले जाकर छोटी-छोटी पुड़ियों में पैक करता था।
पुलिस का आरोप है कि प्रत्येक पुड़िया को करीब 500 रुपए में मेडिकल कॉलेज और आसपास के छात्रों को बेचा जाता था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपित कब से इस गतिविधि में शामिल था और अब तक कितने लोगों को नशीला पदार्थ बेच चुका है।
व्हाट्सऐप कॉलिंग से होता था संपर्क, नकद भुगतान का दावा
जाँच अधिकारियों के अनुसार, आरोपित और दिल्ली स्थित कथित सप्लायर के बीच संपर्क मुख्य रूप से व्हाट्सऐप कॉलिंग और इंटरनेट आधारित माध्यमों से होता था। डिजिटल रिकॉर्ड से बचने के लिए भुगतान कथित तौर पर नकद किया जाता था।
पुलिस आरोपित के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, ऑनलाइन गतिविधियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जाँच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस नेटवर्क में मेडिकल कॉलेज या यूनिवर्सिटी परिसर से जुड़े अन्य लोग शामिल थे।
बड़े नशा तस्करी नेटवर्क से संबंध की जाँच
क्राइम ब्रांच अब दिल्ली में सक्रिय कथित सप्लायर की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि आरोपित केवल व्यक्तिगत स्तर पर गांजा बेच रहा था या किसी संगठित नशा तस्करी गिरोह के लिए काम कर रहा था।
आरोपित से जुड़े बैंक लेनदेन, यात्रा विवरण, मोबाइल संपर्क और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की भी जाँच की जा सकती है। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क से जुड़े किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सबूत मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
MBBS छात्र की गिरफ्तारी के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी और मेडिकल कॉलेज परिसर की सुरक्षा तथा हॉस्टल निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। छात्रों के कुछ अभिभावकों ने चिंता जताई है कि यदि पुलिस के आरोप सही हैं, तो हॉस्टल के अंदर कथित रूप से नशीले पदार्थ की पैकिंग और बिक्री कैसे होती रही।
अब यह सवाल भी उठ रहा है कि यूनिवर्सिटी परिसर में विद्यार्थियों की गतिविधियों, बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही और प्रतिबंधित वस्तुओं की रोकथाम के लिए क्या व्यवस्था लागू है।
फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जाँच कर रही है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जाँच पूरी होने के बाद ही होगी।
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