पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक रेल हादसा हो गया। स्कूली बच्चों को लेकर जा रहे एक पूल वाहन को रेलवे लेवल क्रॉसिंग पार करते समय तेज रफ्तार ट्रेन ने टक्कर मार दी। प्रारंभिक आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार हादसे में दो स्कूली बच्चों समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
यह दुर्घटना शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को सुबह करीब सात बजे पूर्वी रेलवे के अजीमगंज-कटवा रेलखंड पर कर्णसुबर्णा रेलवे स्टेशन के पास गोविंदपुर रेलवे गेट पर हुई। हादसे के समय वाहन में स्कूली बच्चों सहित कई लोग सवार थे। ट्रेन की टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग अंदर फंस गए।
स्थानीय लोगों ने वाहन से बच्चों को निकाला
हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास मौजूद स्थानीय निवासी घटनास्थल की ओर दौड़े और बचाव कार्य शुरू किया। लोगों ने क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे बच्चों और अन्य यात्रियों को बाहर निकाला। घायलों को पहले नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस, स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। दुर्घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
क्या ट्रेन आने के समय खुला था रेलवे फाटक?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय रेलवे क्रॉसिंग का फाटक खुला हुआ था। स्थानीय लोगों का दावा है कि दुर्घटना से कुछ समय पहले अपलाइन पर एक ट्रेन गुजरी थी, जिसके लिए फाटक बंद किया गया था। ट्रेन गुजरने के बाद फाटक खोल दिया गया, लेकिन इसके कुछ देर बाद विपरीत दिशा से दूसरी ट्रेन आ गई।
आरोप है कि दूसरी ट्रेन के आने से पहले फाटक दोबारा बंद नहीं किया गया। हालांकि, रेलवे की ओर से फाटक खुला रहने और गेटमैन की कथित लापरवाही से जुड़े आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
गेटमैन की भूमिका पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने रेलवे क्रॉसिंग की सुरक्षा व्यवस्था और गेटमैन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि ट्रेन के आने से पहले फाटक बंद कर दिया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था।
रेलवे अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि ट्रेन आने की सूचना गेटमैन को समय पर मिली थी या नहीं, फाटक किस परिस्थिति में खुला था और स्कूल वाहन ने रेलवे लाइन पार करने का प्रयास क्यों किया। इसके साथ ही घटनास्थल पर उपलब्ध सिग्नलिंग और सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की जा रही है।
मृतकों की संख्या पर अलग-अलग रिपोर्ट
हादसे के तुरंत बाद सामने आई खबरों में मृतकों की संख्या को लेकर अंतर देखा गया। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दो बच्चों और एक स्थानीय निवासी समेत तीन लोगों की मौत बताई गई है। एक अन्य प्रारंभिक रिपोर्ट में तीन विद्यार्थियों सहित चार लोगों की मौत का दावा किया गया है। प्रशासन की ओर से मृतकों की अंतिम पहचान और आधिकारिक संख्या जारी होने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
इस दर्दनाक घटना से मृतकों के परिवारों और पूरे इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रेलवे की विस्तृत जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि दुर्घटना मानवीय लापरवाही, सुरक्षा व्यवस्था में चूक या किसी अन्य कारण से हुई।
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