उत्तर प्रदेश के इटावा निवासी मौलाना जर्जिस अंसारी की एक धार्मिक तकरीर को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण, भगवान श्रीराम, हिंदू पूजा-पद्धति और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोप में उनके खिलाफ एक FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में उनके विरुद्ध 95 तहरीर दिए जाने का दावा किया जा रहा है।
हिंदू संगठनों ने मौलाना जर्जिस अंसारी के बयान पर कड़ा विरोध जताते हुए प्रशासन से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। संगठनों का आरोप है कि उनके बयान से हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और इससे समाज में तनाव उत्पन्न हो सकता है।
झारखंड में दिए गए भाषण पर विवाद
बताया जा रहा है कि मौलाना जर्जिस अंसारी ने 23 जून को झारखंड में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान धार्मिक तकरीर दी थी। इसी भाषण के कुछ वीडियो और अंश सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए, जिनमें वह भगवान श्रीकृष्ण को पांच वक्त की नमाज पढ़ने वाला बताते हुए दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने अपने दावे के समर्थन में श्रीमद्भगवद्गीता के छठे अध्याय के दसवें श्लोक का उल्लेख किया था:
“योगी युञ्जीत सततमात्मानं रहसि स्थितः।
एकाकी यतचित्तात्मा निराशीरपरिग्रहः।।”
आरोप है कि मौलाना जर्जिस ने इस श्लोक की ऐसी व्याख्या की, जिस पर कई धार्मिक विद्वानों और हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई। विरोध करने वाले संगठनों का कहना है कि गीता के श्लोक का अर्थ तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया और उसे इस्लामी नमाज से जोड़ने का प्रयास किया गया।
राम और कृष्ण को लेकर भी दिया बयान
वायरल बताए जा रहे भाषण में मौलाना जर्जिस अंसारी ने कथित तौर पर कहा कि इस्लाम केवल मुसलमानों का धर्म नहीं है और इसी दीन को भगवान श्रीराम तथा भगवान श्रीकृष्ण ने भी प्रस्तुत किया था। उनके इन बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
हालांकि, पूरे भाषण के संदर्भ, वीडियो की प्रामाणिकता और उनके बयान के वास्तविक आशय की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
लखनऊ के हजरतगंज थाने पहुंची हिंदू महासभा
विवाद बढ़ने के बाद हिंदू महासभा के कार्यकर्ता मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए लखनऊ के हजरतगंज थाने पहुंचे। हिंदू महासभा के प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने प्रशासन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्थाओं को लेकर इस प्रकार की टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। संगठन ने पुलिस से संबंधित वीडियो, भाषण और सोशल मीडिया पोस्ट की जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई करने की अपील की है।
हिंदू संगठनों का विरोध तेज
मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन, ज्ञापन और शिकायतें दिए जाने की बात कही जा रही है। हिंदू संगठनों का आरोप है कि मौलाना का बयान धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने वाला है। वे उनके खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने और समाज में वैमनस्य फैलाने से संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
दूसरी ओर, इस मामले में मौलाना जर्जिस अंसारी की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया पूरी होने तक उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को आरोप ही माना जाएगा।
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