उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गाजीपुर जिले के दौरे के दौरान विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने लगभग ₹692 करोड़ की लागत वाली 268 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने गाजीपुर के विकास, आध्यात्मिक पर्यटन, कानून-व्यवस्था और जिले की ऐतिहासिक पहचान का उल्लेख किया। साथ ही समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार गाजीपुर को अपराध और माफिया से जुड़ी पुरानी पहचान से बाहर निकालकर विकास, आध्यात्मिक पर्यटन और राष्ट्र नायकों की भूमि के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार में विकास योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक बिना भेदभाव के पहुंचाया जा रहा है।
CM योगी ने बताया—कौन हैं प्रदेश की चार जातियां?
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को जातियों के आधार पर बांटने के बजाय गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
सीएम योगी ने कहा:
“सिर्फ चार जातियां हैं—गरीब, अन्नदाता किसान, महिलाएं और युवा। इन चार जातियों के अलावा कोई जाति नहीं है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि समाज को बांटने वाली राजनीतिक शक्तियों ने विकास करने के बजाय माफिया और विदेशी आक्रांताओं का महिमामंडन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता गरीबों का उत्थान, किसानों की समृद्धि, महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं को रोजगार तथा बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
सपा-कांग्रेस पर माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण मिला और इसी कारण गाजीपुर की छवि खराब हुई।
उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब गाजीपुर का नाम सुनकर लोग यहां आने से डरते थे। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि वीरों, साहित्यकारों और विद्वानों को जन्म देने वाले जिले के सामने पहचान का संकट क्यों खड़ा हुआ।
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने गाजीपुर के विकास के लिए कोई ठोस काम नहीं किया, उन्हीं की नीतियों के कारण जिले को अपराध और माफिया से जोड़कर देखा जाने लगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करते हुए माफिया तंत्र पर प्रभावी कार्रवाई की है।
शहीद राम उग्र पांडे के पराक्रम को किया याद
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में गाजीपुर के वीर सपूत और महावीर चक्र से सम्मानित शहीद राम उग्र पांडे को भी याद किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में शहीद राम उग्र पांडे ने अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया था।
उनके पराक्रम के लिए उन्हें मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे राष्ट्र नायकों की वीरता और बलिदान गाजीपुर की असली पहचान है।
साहित्यकारों और विद्वानों की भूमि है गाजीपुर
सीएम योगी ने गाजीपुर की साहित्यिक विरासत का उल्लेख करते हुए प्रतिष्ठित ललित निबंधकार कुबेरनाथ राय और हिंदी के शुरुआती जासूसी उपन्यासकारों में गिने जाने वाले गोपालराम गहमरी के योगदान को याद किया।
उन्होंने कहा कि गाजीपुर ने साहित्य, शिक्षा, सेना और सामाजिक जीवन के अनेक क्षेत्रों में देश को महान विभूतियां दी हैं। इसके बावजूद पिछली सरकारों की नीतियों और खराब कानून-व्यवस्था के कारण जिले की सकारात्मक पहचान पीछे छूटती चली गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गाजीपुर को उसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत के अनुरूप नई पहचान दिलाने का काम किया जा रहा है।
गाजीपुर को आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र बनाने पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गाजीपुर अब आध्यात्मिक पर्यटन के महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में विकसित हो रहा है। सरकार धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को बेहतर सड़क, यातायात तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं से जोड़ रही है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय कारोबार, रोजगार, होटल, परिवहन और छोटे व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के माध्यम से जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
सालार मसूद गाजी के मेले पर भी बोले CM योगी
मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस पर राष्ट्र नायकों की उपेक्षा करने तथा विदेशी आक्रांताओं का महिमामंडन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में सालार मसूद गाजी के नाम पर मेले आयोजित किए जाते थे, जबकि महाराजा सुहेलदेव जैसे राष्ट्र नायकों को उचित सम्मान नहीं दिया गया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने सालार मसूद के स्थान पर महाराजा सुहेलदेव की स्मृति और पराक्रम को सम्मानित करने का निर्णय लिया। बहराइच में महाराजा सुहेलदेव की भव्य प्रतिमा और स्मारक का निर्माण भी इसी उद्देश्य से किया गया है। हालिया रिपोर्टों में भी मुख्यमंत्री ने सपा-कांग्रेस पर विदेशी आक्रांताओं के महिमामंडन और महाराजा सुहेलदेव की उपेक्षा का आरोप लगाया है।
268 परियोजनाओं से विकास को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटित और शिलान्यास की गईं परियोजनाओं में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, ग्रामीण विकास, नगरीय सुविधाओं तथा अन्य आधारभूत क्षेत्रों से जुड़े कार्य शामिल बताए गए हैं।
सरकार का दावा है कि लगभग ₹692 करोड़ की इन परियोजनाओं से गाजीपुर में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, लोगों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं प्राप्त होंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से संबंधित प्रमाणपत्र और सहायता भी प्रदान की। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर नहीं, बल्कि पात्रता के आधार पर दिया जा रहा है।
विकास और विरासत से बनेगी गाजीपुर की नई पहचान
सीएम योगी ने कहा कि गाजीपुर की पहचान अब माफिया या अपराध से नहीं, बल्कि राष्ट्र नायकों, साहित्यकारों, आध्यात्मिक पर्यटन और विकास परियोजनाओं से होगी।
उन्होंने लोगों से समाज को बांटने वाली राजनीति से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के हित में लगातार काम करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नई परियोजनाएं गाजीपुर की विकास यात्रा को गति देंगी और जिले को उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन एवं आर्थिक केंद्रों में शामिल करने में मदद करेंगी।
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