झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक, लंबित नियुक्तियों और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर JPSC और JSSC के हजारों अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज हो गया है। राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर पिछले तीन दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार के सामने 10 सूत्रीय मांगें रखी हैं।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC की कई भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताएं हुई हैं। छात्रों ने इन मामलों की निष्पक्ष जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI और प्रवर्तन निदेशालय यानी ED से कराने की मांग की है।
दिल्ली में कांग्रेस का आंदोलन जारी है, अपने राज्यों में व्यवस्था बेहाल है!
📍 झारखंड (JMM-कांग्रेस): JPSC परीक्षा में धांधली, युवा सड़कों पर!
📍 केरल: पेपर लीक के चलते Kerala PSC परीक्षा रद्द!
📍 कर्नाटक (कांग्रेस): KPSC में OMR धांधली, भ्रष्टाचार और पेपर लीक पर FIR!
जहां-जहां… pic.twitter.com/QEkXXNe6ro
— BJP JHARKHAND (@BJP4Jharkhand) July 30, 2026
छात्रों ने हेमंत सोरेन सरकार को दी चेतावनी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को प्रदर्शनकारी छात्रों ने राज्य सरकार के सामने अपनी 10 सूत्रीय मांगें पेश कीं। छात्रों ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराई जाए, लंबित नियुक्ति प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और परीक्षाओं तथा परिणामों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि अगर राज्य सरकार ने समय रहते उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग करने की भी चेतावनी दी है।
राहुल गांधी की चुप्पी पर उठे सवाल
झारखंड में जारी छात्र आंदोलन के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की चुप्पी को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने सवाल उठाया है कि संसद में छात्रों और पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने वाले राहुल गांधी झारखंड में आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की मांगों पर कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं दे रहे हैं।
झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली JMM सरकार में कांग्रेस भी गठबंधन सहयोगी है। इसी कारण BJP का आरोप है कि राहुल गांधी केवल गैर-कांग्रेस शासित राज्यों में छात्रों से जुड़े मुद्दे उठाते हैं, जबकि कांग्रेस या उसके सहयोगी दलों की सरकार वाले राज्यों में इसी तरह के विवाद सामने आने पर चुप्पी साध लेते हैं।
संसद में NEET मुद्दे पर सरकार पर हमलावर रहे राहुल गांधी
राहुल गांधी संसद में NEET पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर रहे हैं। उन्होंने छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे।
संसद में विरोध दर्ज कराने के बाद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भी इस मुद्दे को उठाया था। वह इससे पहले छात्रों की मांगों के समर्थन में प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना भी दे चुके हैं। कांग्रेस ने उन्हें लगातार युवाओं और छात्रों की आवाज के रूप में प्रस्तुत किया है।
हालांकि, BJP का कहना है कि जब झारखंड में JPSC और JSSC अभ्यर्थी राज्य सरकार के खिलाफ सड़कों पर हैं, तब राहुल गांधी की ओर से अब तक कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
BJP ने राहुल गांधी को बताया ‘पाखंडी’
भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। BJP नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी संसद में छात्रों के मुद्दों पर भाषण देते हैं, लेकिन कांग्रेस या उसके सहयोगी दलों के शासन वाले राज्यों में पेपर लीक और भर्ती विवाद सामने आने पर चुप रहते हैं।
पार्टी ने आरोप लगाया कि झारखंड के अलावा केरल और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों पर भी कांग्रेस नेतृत्व ने अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं दी। BJP ने राहुल गांधी को ‘पाखंडी’ बताते हुए कहा कि विपक्ष के नेता छात्रों की समस्याओं का इस्तेमाल केवल राजनीतिक लाभ के लिए करते हैं।
BJP ने यह भी आरोप लगाया कि झारखंड में शिक्षा और भर्ती व्यवस्था से जुड़े विवादों के बावजूद संबंधित मंत्री की जवाबदेही तय नहीं की जा रही है। पार्टी के मुताबिक, युवाओं की आवाज सुनने के बजाय प्रदर्शनकारियों पर मुकदमे दर्ज किए जाते हैं।
Hypocrisy is thy middle name : Rahul Gandhi
While he does drama in Delhi
Students do dharna in Cong ruled Ranchi over paper leaks
Any resignations ? pic.twitter.com/3G97TtBnAw
— Shehzad Jai Hind (@Shehzad_Ind) July 30, 2026
छात्रों की प्रमुख मांगें
आंदोलनकारी अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक की CBI जांच, वित्तीय अनियमितताओं की ED जांच, लंबित नियुक्तियों को शीघ्र पूरा करना, परीक्षा कैलेंडर जारी करना और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है।
छात्रों का कहना है कि वर्षों की तैयारी और मेहनत के बावजूद भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और विवादों के कारण उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार से लिखित आश्वासन और समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है।
झारखंड में छात्र आंदोलन पर सियासत तेज
JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन अब केवल भर्ती परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहा है। इस मुद्दे पर झारखंड की गठबंधन सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव भी तेज हो गया है।
BJP राहुल गांधी की चुप्पी को लेकर कांग्रेस पर हमलावर है, जबकि प्रदर्शनकारी छात्र सरकार से अपनी मांगों पर ठोस कार्रवाई चाहते हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि हेमंत सोरेन सरकार छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाती है और कांग्रेस नेतृत्व इस आंदोलन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया देता है या नहीं।
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