संसद भवन परिसर में राम मंदिर के चंदे में कथित गड़बड़ी को लेकर विपक्षी सांसदों द्वारा किए गए सांकेतिक प्रदर्शन का विवाद बढ़ गया है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के खिलाफ दिल्ली के जहाँगीरपुरी पुलिस थाने में शिकायत दी गई है। शिकायतकर्ता ने उन पर धार्मिक प्रतीकों का कथित अपमान करने और हिंदू समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाया है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस प्रदर्शन से जुड़े वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जाँच कर रही है। फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में FIR दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है।
भगवा वस्त्र पहनकर पुजारी के रूप में किया प्रदर्शन
शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को संसद के मानसून सत्र के दौरान INDIA गठबंधन के सांसदों ने मकर द्वार के पास राम मंदिर के चंदे में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर पुजारी के रूप में दिखाई दिए। प्रदर्शन स्थल पर प्रतीकात्मक दान पेटियाँ भी रखी गई थीं।
प्रदर्शन को नुक्कड़ नाटक का रूप देते हुए विपक्षी सांसदों ने कथित ‘चंदा चोरी’ का मुद्दा उठाया। वीडियो में कई सांसद दान पेटी में पैसे डालने का अभिनय करते दिखाई दिए, जबकि पप्पू यादव कथित रूप से उन पैसों को उठाकर अपनी जेब में रखने की भूमिका निभाते नजर आए।
राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसद भी हुए शामिल
इस सांकेतिक प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित विपक्ष के कई सांसद शामिल हुए। अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में डिंपल यादव, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य विपक्षी नेताओं की भागीदारी का भी उल्लेख किया गया है।
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर के चंदे में कथित गड़बड़ी की जाँच और सरकार से जवाब की माँग करते हुए नारेबाजी की। विपक्ष ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की संसद में अनुपस्थिति और प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया।
शिकायतकर्ता ने लगाए धार्मिक भावनाएँ आहत करने के आरोप
जहाँगीरपुरी पुलिस थाने में दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पप्पू यादव ने भगवा वस्त्र और पुजारी के स्वरूप का इस्तेमाल करके संत समाज तथा सनातन धर्म का अपमान किया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि प्रदर्शन में धार्मिक प्रतीकों और भगवान रामलला की तस्वीर का कथित अनुचित इस्तेमाल किया गया। इससे हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची है।
शिकायत में इस प्रदर्शन में शामिल और इसका समर्थन करने वाले अन्य विपक्षी नेताओं की भूमिका की जाँच करने की माँग भी की गई है। ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं और पुलिस जाँच के अधीन हैं।
शिकायत हुई, FIR की पुष्टि नहीं
इस मामले में सोशल मीडिया पर पप्पू यादव के खिलाफ FIR दर्ज होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों में केवल पुलिस शिकायत दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
दिल्ली पुलिस की ओर से FIR नंबर, कानूनी धाराओं या गिरफ्तारी से जुड़ी कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। पुलिस शिकायत, वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध सामग्री की समीक्षा के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई पर निर्णय ले सकती है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जताई नाराजगी
पप्पू यादव के वेश बदलकर प्रदर्शन करने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद की गरिमा और मर्यादा का मुद्दा उठाया। उन्होंने सांसदों को अलग-अलग वेशभूषा धारण कर संसद आने और परिसर में इस प्रकार के प्रदर्शन करने से बचने की चेतावनी दी।
ओम बिरला ने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और इसकी प्रतिष्ठा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद परिसर की गरिमा और परंपराओं के विपरीत आचरण को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
भाजपा और संत समाज ने किया विरोध
पप्पू यादव के भगवा वस्त्र पहनकर पुजारी की भूमिका निभाने पर भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध के नाम पर भगवा वस्त्र और संत समाज का अपमान किया गया है।
कुछ धार्मिक संगठनों और संतों ने भी प्रदर्शन के तरीके पर नाराजगी जताते हुए कहा कि किसी राजनीतिक आरोप को सामने रखने के लिए धार्मिक पहचान और प्रतीकों का मजाक नहीं बनाया जाना चाहिए। भाजपा ने पप्पू यादव से माफी की माँग भी की।
विपक्ष ने क्यों किया था प्रदर्शन?
विपक्षी सांसदों का कहना है कि यह प्रदर्शन अयोध्या राम मंदिर से जुड़े चंदे में कथित अनियमितताओं और धन के दुरुपयोग के आरोपों को उजागर करने के लिए किया गया था।
विपक्ष ने मामले में पारदर्शी जाँच और सरकार से जवाब की माँग की। हालांकि, चंदे की कथित चोरी या गड़बड़ी के आरोपों पर इस प्रदर्शन से संबंधित रिपोर्टों में किसी न्यायिक या सरकारी जाँच के अंतिम निष्कर्ष का उल्लेख नहीं किया गया है।
राजनीतिक प्रदर्शन से धार्मिक विवाद तक पहुँचा मामला
संसद परिसर में शुरू हुआ यह सांकेतिक राजनीतिक प्रदर्शन अब धार्मिक भावनाओं और संसदीय मर्यादा के विवाद में बदल गया है। एक ओर विपक्ष इसे भ्रष्टाचार और जवाबदेही का मुद्दा बता रहा है, वहीं दूसरी ओर शिकायतकर्ता तथा भाजपा नेता इसे धार्मिक प्रतीकों का अपमान बता रहे हैं।
अब आगे की कार्रवाई दिल्ली पुलिस की प्रारंभिक जाँच और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करेगी। जाँच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की जाती है या मामला किसी अन्य कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ता है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel