प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत की डिजिटल कनेक्टिविटी में बड़ा विस्तार हुआ है। केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार मार्च 2014 में देश में इंटरनेट सब्सक्राइबर्स की संख्या करीब 25.15 करोड़ थी, जो मार्च 2026 तक बढ़कर लगभग 109.27 करोड़ हो गई। यानी करीब 12 वर्षों में भारत ने लगभग 84 करोड़ नए इंटरनेट कनेक्शन जोड़े हैं। इसी अवधि में कुल टेलीफोन कनेक्शन भी 93.3 करोड़ से बढ़कर 133 करोड़ से अधिक हो गए हैं।
भारत में डिजिटल विस्तार केवल शहरों तक सीमित नहीं रहा है। सरकार की महत्वाकांक्षी BharatNet परियोजना के जरिए ग्रामीण इलाकों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार किया गया है। जून 2026 तक देश की करीब 2.21 लाख ग्राम पंचायतों को सर्विस-रेडी बनाया जा चुका है। इनमें से लगभग 80,472 ग्राम पंचायतों में BharatNet Point of Presence (PoP) ऑपरेशनल हो चुके हैं। इसका उद्देश्य गांवों तक सरकारी सेवाएं, डिजिटल शिक्षा, बैंकिंग और ऑनलाइन सुविधाएं पहुंचाना है।
12 साल में इंटरनेट कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
2014 से 2026 के बीच भारत के टेलीकॉम सेक्टर में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। इस दौरान देश ने 3G और 4G के विस्तार के साथ-साथ बड़े पैमाने पर 5G नेटवर्क भी विकसित किया। मार्च 2026 तक भारत में कुल टेलीफोन सब्सक्राइबर्स की संख्या 133.058 करोड़ तक पहुंच गई थी। TRAI के अनुसार अकेले मार्च 2026 में करीब 92.7 लाख नए कनेक्शन जुड़े।
इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़ने के साथ मोबाइल डेटा की उपलब्धता भी व्यापक हुई है। Reliance Jio, Airtel और अन्य टेलीकॉम कंपनियों की प्रतिस्पर्धा ने मोबाइल डेटा बाजार में तेजी से विस्तार किया। डिजिटल सेवाओं की बढ़ती पहुंच के कारण ऑनलाइन भुगतान, ई-कॉमर्स, सोशल मीडिया, डिजिटल शिक्षा और सरकारी सेवाओं के उपयोग में भी बड़ा बदलाव आया है।
BharatNet से गांवों तक पहुंची हाई-स्पीड कनेक्टिविटी
Digital India अभियान की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में BharatNet का नाम शामिल है। इसका उद्देश्य देश की ग्राम पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों तक ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क पहुंचाना है।
जून 2026 तक करीब 2.21 लाख ग्राम पंचायतों को BharatNet के तहत सर्विस-रेडी किया जा चुका था और 80,472 ग्राम पंचायतों में PoP ऑपरेशनल थे। इस नेटवर्क के जरिए गांवों में कॉमन सर्विस सेंटर, डिजिटल बैंकिंग, ई-गवर्नेंस, स्वास्थ्य सेवाओं और ऑनलाइन शिक्षा जैसी सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिल रही है।
BSNL 4G में विस्तार, लेकिन 5G का बड़े स्तर पर इंतजार
डिजिटल विस्तार की इस कहानी के बीच सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL की स्थिति अलग नजर आती है। निजी कंपनियां बड़े स्तर पर 5G नेटवर्क शुरू कर चुकी हैं, जबकि BSNL अभी अपने स्वदेशी 4G नेटवर्क के विस्तार और उसके 5G अपग्रेड पर काम कर रही है।
फरवरी 2026 तक BSNL ने करीब 97,672 स्वदेशी 4G साइट्स स्थापित कर ली थीं, जिनमें से 95,511 साइट्स ऑन-एयर थीं। सरकार के मुताबिक इन साइट्स का तकनीकी ढांचा 5G में अपग्रेड किया जा सकता है। BSNL को 4G और 5G सेवाओं के लिए आवश्यक स्पेक्ट्रम भी आवंटित किया गया है। इसलिए यह कहना ज्यादा सटीक होगा कि BSNL की व्यापक वाणिज्यिक 5G सेवा अभी पूर्ण पैमाने पर शुरू नहीं हुई है, लेकिन नेटवर्क को 5G-रेडी बनाने की प्रक्रिया चल रही है।
UPI ने बदल दिया भारत का पेमेंट सिस्टम
भारत की डिजिटल क्रांति में Unified Payments Interface (UPI) सबसे बड़े गेमचेंजर के रूप में उभरा है। जून 2026 तक UPI प्लेटफॉर्म पर करीब 55.49 करोड़ यूजर्स जुड़ चुके थे। वित्त वर्ष 2025-26 में UPI के जरिए लगभग 24,162 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू करीब ₹314 लाख करोड़ रही।
UPI की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिर्फ महानगरों तक सीमित नहीं रहा। छोटे शहरों, कस्बों और गांवों तक QR कोड आधारित भुगतान तेजी से पहुंचा है। किराना दुकान से लेकर सड़क किनारे छोटे व्यापारियों तक डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल आम हो चुका है। इससे कैशलेस अर्थव्यवस्था, वित्तीय समावेशन और छोटे कारोबारों के डिजिटलीकरण को गति मिली है।
Digital India से डिजिटल इकोनॉमी को मिला नया आधार
इंटरनेट यूजर्स की तेज वृद्धि, BharatNet के विस्तार, 5G कनेक्टिविटी और UPI की लोकप्रियता ने भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नया आधार दिया है। सरकार का फोकस अब केवल इंटरनेट कनेक्शन बढ़ाने पर नहीं, बल्कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में हाई-स्पीड कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं और डिजिटल भुगतान की पहुंच बढ़ाने पर भी है।
हालांकि डिजिटल डिवाइड, इंटरनेट की गुणवत्ता, ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क स्थिरता और सरकारी कंपनियों की तकनीकी प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं। इसके बावजूद उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि 2014 से 2026 के बीच भारत की डिजिटल पहुंच में कई गुना विस्तार हुआ है।
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