भारत आज, 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस वर्ष दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह कई मायनों में खास रहा। सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक रहा राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का स्वतंत्रता दिवस के लाल किला समारोह में पहली बार औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया जाना। केंद्र सरकार ने 2026 के समारोह को ‘वंदे मातरम’ की 150 वर्ष की विरासत और ‘युवा शक्ति फॉर विकसित भारत@2047’ से जोड़ा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले पहुंचने के बाद समारोह में ‘वंदे मातरम’ की प्रस्तुति की गई। इसके बाद स्वतंत्रता दिवस की पारंपरिक औपचारिकताओं के बीच प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। रक्षा मंत्रालय ने समारोह से पहले ही घोषणा की थी कि 2026 में ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में इसे पहली बार लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह का हिस्सा बनाया जाएगा।
‘वंदे मातरम’ के 150 साल का विशेष उत्सव
‘वंदे मातरम’ भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से गहराई से जुड़ा राष्ट्रीय गीत है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत स्वतंत्रता संग्राम के दौरान राष्ट्रीय चेतना और स्वदेशी आंदोलन का महत्वपूर्ण प्रतीक बना। रक्षा मंत्रालय के राष्ट्रीय समारोह पोर्टल के अनुसार इसकी रचना 7 नवंबर 1875 को हुई थी और बाद में इसने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान व्यापक जनभावना को स्वर दिया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर अपने राष्ट्र के नाम संबोधन में ‘वंदे मातरम’ की ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी आंदोलन के दौरान यह गीत जन-जन का गीत बन गया था और स्वतंत्रता संग्राम में देशवासियों को एकजुट करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
2,500 NCC कैडेट और MY Bharat वॉलंटियर्स बने समारोह का हिस्सा
लाल किले के समारोह में लगभग 2,500 NCC कैडेट और MY Bharat के युवा वॉलंटियर्स ने भाग लिया। इन्हें लाल किले की प्राचीर के सामने ज्ञानपथ क्षेत्र में विशेष रूप से बैठाया गया था। 2026 के स्वतंत्रता दिवस समारोह में युवा शक्ति और विकसित भारत के लक्ष्य को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया।
समारोह की थीम में ‘Viksit Bharat@2047’ को भी विशेष स्थान दिया गया। इसका उद्देश्य स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करना था।
5,000 विशेष अतिथियों को मिला आमंत्रण
इस वर्ष लाल किले पर आयोजित समारोह में देश के अलग-अलग क्षेत्रों से लगभग 5,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया। सरकार के अनुसार इन अतिथियों में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले नागरिक और समाज के अलग-अलग वर्गों के प्रतिनिधि शामिल थे।
इस तरह 80वां स्वतंत्रता दिवस केवल आजादी के उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150 वर्ष पुरानी विरासत, युवा शक्ति और विकसित भारत के संकल्प का भी प्रतीक बना। लाल किले के राष्ट्रीय समारोह में ‘वंदे मातरम’ की पहली प्रस्तुति ने इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस को ऐतिहासिक महत्व प्रदान किया।
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