प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 15 अगस्त 2026 को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए युवाओं, शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और खेल प्रतिभाओं को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। अपने 13वें लगातार स्वतंत्रता दिवस संबोधन में प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका पर विशेष जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि अगले एक वर्ष में देश के एक करोड़ युवाओं को Artificial Intelligence यानी AI से जुड़ी स्किल्स की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं में ऐसी क्षमता विकसित करने की जरूरत है, जिससे वे तेजी से बदलती AI की दुनिया में नेतृत्व कर सकें। स्वतंत्रता दिवस के उनके संबोधन में युवाओं और नई तकनीक को भारत के भविष्य के महत्वपूर्ण आधार के रूप में पेश किया गया।
एक करोड़ युवाओं को AI Skills Training
लाल किले से युवाओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में AI का विस्तार बेहद तेजी से हो रहा है और भारत को इस तकनीकी परिवर्तन का केवल हिस्सा नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता बनना चाहिए। इसी दिशा में अगले एक साल में एक करोड़ युवाओं को AI स्किल्स से प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
केंद्र सरकार पहले से ही युवाओं और विद्यार्थियों को AI से जोड़ने के लिए कई कार्यक्रम चला रही है। सरकार का ‘YUVA AI for ALL’ कार्यक्रम एक करोड़ लोगों को AI की बुनियादी समझ और कौशल देने के लक्ष्य के साथ शुरू किया गया था। इसके अलावा SOAR यानी ‘Skilling for AI Readiness’ के माध्यम से स्कूली विद्यार्थियों और शिक्षकों को AI से परिचित कराने पर भी काम किया जा रहा है।
अगले एक साल में हम एक करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग देंगे।#IndiaIndependenceDay pic.twitter.com/WiczeNPzDk
— Sambit Patra (@sambitswaraj) August 15, 2026
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग
प्रधानमंत्री ने अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की बात भी कही। इस पहल का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण तैयारी की सुविधा पहुंचाना है, जिन्हें आर्थिक या भौगोलिक कारणों से महंगी कोचिंग तक पहुंच नहीं मिल पाती।
AI ट्रेनिंग और ऑनलाइन कोचिंग जैसी पहलों को सरकार की उस व्यापक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें युवाओं को आधुनिक तकनीक, रोजगार और भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार के मौजूदा Skill India और AI readiness कार्यक्रम भी इसी दिशा में काम कर रहे हैं।
5 से 15 साल के बच्चों के लिए Sports Talent Hunt
प्रधानमंत्री मोदी ने खेल प्रतिभाओं की पहचान को लेकर भी बड़ी पहल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश के गांवों और शहरों में 5 से 15 वर्ष के बच्चों के लिए व्यापक Sports Talent Hunt अभियान चलाया जाएगा।
इसका उद्देश्य कम उम्र में प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान करना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए उचित अवसर उपलब्ध कराना है। इससे ग्रामीण और छोटे शहरों में छिपी खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा के बुनियादी ढांचे में विस्तार पर पीएम मोदी का जोर
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पिछले वर्षों के दौरान भारत में उच्च शिक्षा और मेडिकल एजुकेशन के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने विश्वविद्यालयों और मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ने तथा युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के अवसरों के विस्तार को महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया।
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले करीब एक दशक में बड़ी संख्या में नए विश्वविद्यालय स्थापित हुए हैं और मेडिकल शिक्षा की क्षमता में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। उन्होंने भारत में विदेशी विश्वविद्यालयों के प्रवेश और भारतीय विद्यार्थियों के लिए देश में रहते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर की उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ने की दिशा में उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया।
अटल टिंकरिंग लैब से बच्चों को टेक्नोलॉजी से जोड़ने पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार बहुत कम उम्र से ही बच्चों और युवाओं में टेक्नोलॉजी तथा इनोवेशन के प्रति रुचि विकसित करने के लिए काम कर रही है। इसी उद्देश्य से देशभर में हजारों Atal Tinkering Labs स्थापित की गई हैं।
इन लैब्स का उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों को प्रयोग, इनोवेशन, रोबोटिक्स और नई तकनीकों से परिचित कराना है, ताकि उनमें समस्या समाधान और वैज्ञानिक सोच विकसित हो सके।
स्टार्टअप और युवा उद्यमियों का भी किया जिक्र
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारत के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम का उल्लेख करते हुए युवा उद्यमियों की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत के युवा अब अंतरिक्ष, सैटेलाइट, रॉकेट, AI और नई तकनीकों जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
सरकार का कहना है कि शिक्षा, स्किलिंग, स्टार्टअप, इंटर्नशिप और AI जैसे क्षेत्रों में चल रही पहलें युवाओं को भविष्य के रोजगार और उद्यमिता के लिए तैयार करने वाले व्यापक इकोसिस्टम का हिस्सा हैं।
विकसित भारत 2047 में युवाओं की अहम भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में एक बार फिर विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को दोहराया। उन्होंने युवाओं को भारत के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए तकनीक, इनोवेशन, स्टार्टअप और कौशल विकास के क्षेत्र में नेतृत्व करने का आह्वान किया। उनके भाषण में आत्मनिर्भर भारत, तेज आर्थिक विकास और युवाओं की भागीदारी प्रमुख विषयों में शामिल रहे।
AI ट्रेनिंग से लेकर फ्री ऑनलाइन कोचिंग और स्पोर्ट्स टैलेंट हंट तक की घोषणाएं इस बात का संकेत हैं कि सरकार आने वाले वर्षों में युवा आबादी को तकनीकी और कौशल आधारित अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करने पर विशेष फोकस बनाए रखना चाहती है।
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