भारत आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और ‘विकसित भारत’ तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को दोहराया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने बीते 12 वर्षों में सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश किया। उन्होंने रक्षा उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल लेनदेन, रेलवे, ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, इंफ्रास्ट्रक्चर और जनकल्याण योजनाओं में हुई प्रगति का उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने पिछली सरकारों की कार्यशैली और सोच पर भी निशाना साधा।
‘फ्रेजाइल फाइव’ से तेज रफ्तार अर्थव्यवस्था तक
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश आजादी के समय अनेक सपनों और आकांक्षाओं के साथ आगे बढ़ा था, लेकिन लंबे समय तक अपेक्षित गति हासिल नहीं कर सका। उन्होंने ‘होती है’, ‘चलती है’, ‘हो जाएगा’ और ‘देखा जाएगा’ जैसी सोच का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी मानसिकता ने देश की रफ्तार को प्रभावित किया।
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 तक भारत को दुनिया की ‘फ्रेजाइल फाइव’ अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाने लगा था, लेकिन पिछले 12 वर्षों में देश ने नई गति पकड़ी है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक संकल्प भारत को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।
रक्षा उत्पादन 4 गुना, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग 7 गुना बढ़ी: PM मोदी
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ने के आंकड़े भी गिनाए। उनके मुताबिक पिछले 12 वर्षों में रक्षा उत्पादन करीब चार गुना, जबकि खादी और ग्रामोद्योग का उत्पादन लगभग पांच गुना बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग लगभग सात गुना बढ़ी है। आधुनिक रेलवे कोच का उत्पादन करीब 21 गुना और मोबाइल फोन का उत्पादन लगभग 33 गुना बढ़ा है।
डिजिटल लेनदेन में 100 गुना वृद्धि का दावा
पीएम मोदी ने डिजिटल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को भारत की बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या पिछले वर्षों में करीब चार गुना हो गई है, जबकि डिजिटल लेनदेन में लगभग 100 गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
प्रधानमंत्री के मुताबिक सरकार ने टेक्नोलॉजी को केवल आर्थिक विकास का माध्यम नहीं बनाया, बल्कि आम नागरिकों तक सरकारी सेवाएं और सुविधाएं पहुंचाने के लिए भी इसका व्यापक इस्तेमाल किया है।
पुराने कानून खत्म, हजारों अनुपालन आवश्यकताओं से मिली मुक्ति
प्रधानमंत्री ने गवर्नेंस में किए गए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि हजारों अनुपालन आवश्यकताओं को समाप्त किया गया है और सैकड़ों पुराने कानूनों को निरस्त किया गया है।
उन्होंने कहा कि 21वीं सदी के भारत को पिछली सदी के पुराने और अप्रासंगिक कानूनों के भरोसे आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। इसी उद्देश्य से सरकार ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में लगातार काम किया है।
गरीबों के लिए आवास और शौचालय निर्माण की गति बढ़ी
पीएम मोदी ने दावा किया कि गरीबों के लिए शौचालय निर्माण की सालाना गति पहले की तुलना में चार गुना हुई है। वहीं वंचित वर्गों को आवास उपलब्ध कराने की गति करीब तीन गुना बढ़ी है।
उन्होंने जल कनेक्शन का जिक्र करते हुए कहा कि पहले की तुलना में औसतन 15 गुना अधिक सालाना गति से पानी के कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं।
70 से बढ़कर 700 शहरों तक पहुंची पाइप गैस सुविधा
ऊर्जा और शहरी सुविधाओं का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 12 साल पहले देश के करीब 70 शहरों में पाइप वाली गैस की सुविधा उपलब्ध थी। अब इसका विस्तार करीब 700 शहरों तक हो चुका है।
पीएम मोदी ने कहा कि वर्तमान समय में करीब 1.75 करोड़ घर पाइप वाली गैस लाइन से जुड़े हैं। उन्होंने इसे बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और देश में बदलती जीवनशैली का उदाहरण बताया।
‘आत्मनिर्भर भारत बनना बहुत जरूरी’
प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि भारत को महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दूसरे देशों पर निर्भरता कम करनी होगी। उन्होंने कहा कि देश को अपनी क्षमताएं बढ़ानी होंगी और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए स्वयं मजबूत बनना होगा।
पीएम मोदी ने ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्वदेशी’ और ‘लोकल फॉर लोकल’ जैसी पहलों को आत्मनिर्भर भारत के अभियान से जोड़ते हुए देशवासियों से घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
सेमीकंडक्टर सेक्टर पर बड़ा फोकस
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सेमीकंडक्टर और चिप मैन्युफैक्चरिंग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर मेडिकल उपकरणों और ट्रांसपोर्ट सिस्टम तक चिप्स की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि भारत इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री के मुताबिक तीन बड़े सेमीकंडक्टर प्लांट लगाए जा चुके हैं और आने वाले 7-8 वर्षों में पांच से आठ और सेमीकंडक्टर प्लांट में काम शुरू होने की संभावना है।
कोविड, यूक्रेन और पश्चिम एशिया संकट का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों के दौरान भारत को कई वैश्विक संकटों और चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कोविड महामारी के बाद यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में पैदा हुए तनाव का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के दौरान वैक्सीन, पेट्रोल-डीजल और खाद जैसी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर कई आशंकाएं जताई गई थीं, लेकिन भारत ने चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी क्षमता साबित की।
2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य
ऊर्जा सुरक्षा को विकसित भारत की यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए प्रधानमंत्री ने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में देश के लक्ष्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री के मुताबिक इसी दशक में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य है। उन्होंने फास्ट ब्रीडर परमाणु तकनीक में भारत की प्रगति को परमाणु ईंधन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
‘समुद्र मंथन’ पहल के लिए ₹85,000 करोड़
प्रधानमंत्री ने समुद्री क्षेत्रों में ऊर्जा संसाधनों और नए भंडार की खोज पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहले भारत के समुद्री क्षेत्र का बड़ा हिस्सा ‘नो-गो एरिया’ के रूप में देखा जाता था, लेकिन सरकार ने इस सोच को बदला है।
उन्होंने कहा कि समुद्र की गहराइयों में संसाधनों की खोज को गति देने के लिए ‘समुद्र मंथन’ पहल शुरू की गई और इस दिशा में काम तेज करने के लिए ₹85,000 करोड़ आवंटित करने का फैसला किया गया है।
MSME को व्यापार समझौतों से मिले अवसर का लाभ उठाने का आह्वान
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के पास स्थिर राजनीतिक जनादेश, स्थिर सरकार, जीवंत लोकतंत्र, मजबूत न्यायपालिका और मार्गदर्शन करने वाला संविधान है।
उन्होंने हाल में हुए व्यापार समझौतों का उल्लेख करते हुए MSME सेक्टर से इन अवसरों का पूरा लाभ उठाने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारतीय उद्योगों के लिए नए बाजार और संभावनाएं पैदा हो रही हैं।
रेलवे विद्युतीकरण की रफ्तार का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने रेलवे के विद्युतीकरण की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रेलवे विद्युतीकरण की शुरुआत 1925 में हुई थी और इसके बाद करीब 90 वर्षों में लगभग 30 प्रतिशत नेटवर्क का विद्युतीकरण हुआ था। वहीं पिछले एक दशक में शेष नेटवर्क के विद्युतीकरण का काम तेजी से आगे बढ़ाया गया।
पीएम मोदी ने कहा कि रेलवे विद्युतीकरण से आयातित डीजल पर निर्भरता कम करने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिली है।
ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन से नई तकनीक की ओर भारत
प्रधानमंत्री ने ग्रीन हाइड्रोजन आधारित रेल तकनीक में भारत की प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत ने हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन के क्षेत्र में कदम रखा है और भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन व्यवस्था में देश अपनी पहचान बना रहा है।
‘5-7 साल में हासिल करना है दशकों का लक्ष्य’
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में विकसित भारत के लिए तेज गति से काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाले 5 से 7 वर्षों में भारत को वह हासिल करने का प्रयास करना होगा, जो पिछले कई दशकों में हासिल नहीं हो सका।
प्रधानमंत्री के संबोधन का मुख्य फोकस आत्मनिर्भरता, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी क्षमता, ऊर्जा सुरक्षा, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और विकसित भारत के लक्ष्य पर रहा। उन्होंने देशवासियों से सामूहिक संकल्प के साथ भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में योगदान देने की अपील की।
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