पंजाब की राजनीति में आम आदमी पार्टी (AAP) को एक और बड़ा झटका लगा है। पटियाला जिले के दो विधायकों के इस्तीफे के बाद अब अमृतसर नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भी पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की है। लंबे समय से पार्टी नेतृत्व और पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली से नाराज बताए जा रहे कुंवर विजय प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने पंजाब में बढ़ते नशे, जबरन वसूली, गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
AAP से नाराज चल रहे थे कुंवर विजय प्रताप सिंह
अमृतसर नॉर्थ से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह पिछले काफी समय से आम आदमी पार्टी के नेतृत्व से असंतुष्ट बताए जा रहे थे। जून 2025 में पार्टी ने उन्हें पांच साल के लिए निलंबित कर दिया था। इसके बाद से पार्टी नेतृत्व और उनके बीच राजनीतिक दूरियां लगातार बढ़ती गईं।
अब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा के साथ उन्होंने पंजाब की मौजूदा राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। उनके इस फैसले को पंजाब में आम आदमी पार्टी के लिए एक और राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
I have also resigned from all formats of Aam Aadmi Party. pic.twitter.com/YASPVhWtT9
— Kunwar Vijay Pratap Singh (@Kvijaypratap) November 2, 2026
‘राजनीति केवल रिबन काटने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए’
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने एक्स पर अमृतसर के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र की जनता से मिले प्यार, समर्थन और सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल छोटे-मोटे कार्यक्रमों में शामिल होना और रिबन काटना नहीं होना चाहिए। जनप्रतिनिधियों को जनता की वास्तविक समस्याओं के समाधान और राज्य के विकास के लिए काम करना चाहिए।
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि पंजाब आज नशे, जबरन वसूली, गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब को दोबारा प्रगतिशील, सुरक्षित और खुशहाल राज्य बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे।
‘विधायक के तौर पर 90 प्रतिशत लक्ष्य पूरे किए’
अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कुंवर विजय प्रताप सिंह ने दावा किया कि उन्होंने विधायक के तौर पर निर्धारित लगभग 90 प्रतिशत लक्ष्य पूरे किए हैं। उन्होंने कहा कि विधायक, पार्षद, मेयर और सांसद के कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियां अलग-अलग होती हैं। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों का क्षेत्रवार विवरण भी सार्वजनिक किया है, जिसकी जानकारी समाचार पत्रों और उनके फेसबुक पेज पर उपलब्ध है।
कुंवर विजय प्रताप के अनुसार, उन्होंने जनप्रतिनिधि के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों को निभाने और जनता की समस्याओं को विधानसभा तक पहुंचाने का हरसंभव प्रयास किया।
ਬਹੁਤ ਹੀ ਸਤਿਕਾਰਯੋਗ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦੇ ਮੇਰੇ ਭੈਣ-ਭਰਾਵੋਂ,
ਪੰਜਾਬ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦੀ ਮੈਂਬਰਸ਼ਿਪ ਤੋਂ ਮੈਂ ਇਸਤੀਫ਼ਾ ਦੇ ਦਿੱਤਾ ਹੈ।
ਮੈਂ ਤੁਹਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਮਿਲੇ ਪਿਆਰ ਅਤੇ ਸਤਿਕਾਰ ਵਾਸਤੇ ਆਖ਼ਿਰੀ ਸਾਹ ਤੱਕ ਰਿਣੀ ਰਹਾਂਗਾ।
>ਤੁਹਾਡੇ ਸਹਿਯੋਗ ਅਤੇ ਪਰਮਾਤਮਾ ਦੇ ਆਸ਼ੀਰਵਾਦ ਨਾਲ ਗਲੀ-ਨਾਲੀ ਅਤੇ ਰਿਬਨ-ਕਟਿੰਗ ਦੀ ਰਾਜਨੀਤੀ ਤੋਂ ਉੱਪਰ ਉੱਠ ਕੇ ਨਸ਼ਾ,… pic.twitter.com/4wgSSe6tdi— Kunwar Vijay Pratap Singh (@Kvijaypratap) November 2, 2026
‘राजनीति में माई-बाप संस्कृति को खत्म करना मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि’
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अपने राजनीतिक कार्यकाल की चर्चा करते हुए कहा कि उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि राजनीति में तथाकथित ‘माई-बाप संस्कृति’ को समाप्त करने का प्रयास रहा है।
उन्होंने कहा कि राजनीति में जनता को आदेश देने या उस पर अधिकार जताने के बजाय जनप्रतिनिधियों को जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में जनता को सर्वोपरि मानकर काम करने का दावा किया। उनका कहना है कि लोकतंत्र में वास्तविक शक्ति जनता के पास होती है और राजनीतिक व्यवस्था का उद्देश्य लोगों की सेवा करना होना चाहिए।
विधानसभा में अमृतसर के स्थानीय मुद्दों को उठाने का दावा
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने कहा कि उन्होंने पंजाब विधानसभा में अमृतसर की जनता से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने पानी और सीवरेज की समस्याओं, गंदे नालों, सर्किट हाउस, कंपनी बाग, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज और स्वरूप रानी कॉलेज से जुड़े विषयों पर विधानसभा में आवाज उठाने का उल्लेख किया।
इसके अलावा उन्होंने बरगाड़ी बेअदबी मामले को लेकर भी अपनी बात रखने का दावा किया। उनके अनुसार, उन्होंने विधानसभा में अमृतसर के विभिन्न इलाकों और मोहल्लों का नाम लेकर स्थानीय समस्याओं को सामने रखा, ताकि उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
‘मेरे लिए पंजाब सबसे पहले, कोई निजी स्वार्थ नहीं’
अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कुंवर विजय प्रताप सिंह ने कहा कि उनका एकमात्र उद्देश्य पंजाब के हितों की रक्षा करना और प्रदेश में पारदर्शी प्रशासन की स्थापना के लिए काम करना है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वह जनता के साथ मिलकर भविष्य की रणनीति तैयार करेंगे। उनका लक्ष्य स्वच्छ राजनीति, जवाबदेह प्रशासन और जनहित को प्राथमिकता देने वाली व्यवस्था को मजबूत करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके लिए ‘पंजाब सबसे पहले’ का सिद्धांत सर्वोपरि है और राजनीति में उनका कोई निजी स्वार्थ नहीं है।
पटियाला के दो विधायकों के बाद तीसरे इस्तीफे की खबर
कुंवर विजय प्रताप सिंह के इस्तीफे की घोषणा से पहले पटियाला जिले के दो विधायकों के इस्तीफे की खबरें भी सामने आई थीं। सनौर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना विधानसभा क्षेत्र से विधायक चेतन सिंह जोड़ामाजरा के आम आदमी पार्टी छोड़ने की जानकारी सामने आई थी।
इन घटनाक्रमों के बाद पंजाब की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के भीतर असंतोष और संगठनात्मक चुनौतियों को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देने और विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की प्रक्रियाएं अलग-अलग हैं। इसलिए संबंधित विधायकों के इस्तीफों की औपचारिक स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण है।
पंजाब में AAP के सामने बढ़ती राजनीतिक चुनौतियां
पंजाब में आम आदमी पार्टी के विधायकों की ओर से सामने आ रहे असंतोष और इस्तीफों की खबरों ने राज्य के राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। कुंवर विजय प्रताप सिंह द्वारा पार्टी नेतृत्व और सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवाल राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। विशेष रूप से नशे, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दे पंजाब की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय रहे हैं।
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