महफूज आलम उर्फ पप्पू छुरी को कानपुर पुलिस ने एक बड़े हवाला नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई 24 लाख रुपए की लूट के मामले की जांच के दौरान सामने आए एक विशाल आर्थिक अपराध के खुलासे के बाद की गई। पुलिस जांच में अब तक करीब 1600 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेनदेन के प्रमाण मिले हैं, जबकि कुल ट्रांजेक्शन 3200 करोड़ रुपए से अधिक होने का अनुमान है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी ने गरीब और जरूरतमंद लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी बैंक खातों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया। मजदूरों, रिक्शा चालकों, ठेला लगाने वालों और बेरोजगार युवकों को लोन या आर्थिक सहायता का झांसा देकर उनके आधार, पैन और अन्य जरूरी दस्तावेज जुटाए जाते थे। इन दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग बैंकों में खाते खोलकर करोड़ों रुपए का अवैध लेनदेन किया जाता था।
पुलिस का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क में कुछ बैंक कर्मचारियों की भी मिलीभगत थी, जिनकी मदद से लंबे समय तक यह हवाला कारोबार बिना किसी संदेह के चलता रहा। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने करीब 16 बैंकों में 100 से अधिक खातों का इस्तेमाल किया।
हवाला नेटवर्क को चलाने के लिए आरती इंटरप्राइजेज और राजा इंटरप्राइजेज जैसी कई शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया गया। जांच एजेंसियों को इस नेटवर्क के तार जीएसटी फ्रॉड और स्लॉटर हाउस से जुड़े आर्थिक अपराधों से भी जुड़े मिले हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
थाना चकेरी- फर्जी फर्म बनाकर लोगों को डरा-धमकाकर एवं उनके प्रपत्रों के आधार पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का सरगना एवं इनामिया अभियुक्त महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी गिरफ्तार।
▪️फरवरी माह में हुई लूट की घटना के संबंध में पीड़ित पक्ष द्वारा… pic.twitter.com/ZmSTDUEpPb
— POLICE COMMISSIONERATE KANPUR NAGAR (@kanpurnagarpol) May 7, 2026
पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से फरार था और कोलकाता में अपनी ससुराल में छिपा हुआ था। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उसे कुछ तृणमूल कांग्रेस नेताओं का संरक्षण भी प्राप्त था, जिसके कारण वह गिरफ्तारी से बचता रहा। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव और गिरफ्तारी का खतरा बढ़ने के बाद आरोपी ने वापस कानपुर लौटने का प्रयास किया, जहां पहले से निगरानी कर रही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। एसीपी अभिषेक पांडे के अनुसार, अब यह पता लगाया जा रहा है कि फरारी के दौरान वह किन लोगों के संपर्क में था और किन-किन ठिकानों पर छिपा रहा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED), आयकर विभाग और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI भी इस पूरे नेटवर्क की वित्तीय जांच में जुट गए हैं। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं इस हवाला नेटवर्क के जरिए टेरर फंडिंग या अन्य संगठित अपराधों को पैसा तो नहीं पहुंचाया गया।
इस मामले में आरोपी के बेटे मासूम और साले महताब आलम को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि उसकी पत्नी समेत अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, अब तक इस मामले में पांच गंभीर मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
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