मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जबरन धर्मांतरण के एक गंभीर मामले में आरोपी हेमराज टेलर को राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट ने आरोपी द्वारा दायर FIR और आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया।
जस्टिस संदीप एन भट्टी की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि मामले में लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं और ऐसे मामलों में जांच व कानूनी प्रक्रिया को बीच में नहीं रोका जा सकता।
आरोप है कि हेमराज टेलर ने एक हिंदू परिवार को डराने-धमकाने के साथ-साथ उन पर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाया। शिकायत के अनुसार, परिवार को न सिर्फ धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई थी।
MP High Court Refuses To Quash FIR Under Anti-Conversion Law, Says Minor's Statement Prima Facie Implicates Accusedhttps://t.co/p2gOQXyDKj
— Live Law (@LiveLawIndia) May 8, 2026
यह मामला मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3 और 5 के तहत दर्ज किया गया है, जो अवैध और जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए बनाए गए हैं।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब आरोप इतने गंभीर हों, तो न्यायिक प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता और मामले की पूरी जांच और ट्रायल होना जरूरी है। इस फैसले के बाद अब आरोपी को ट्रायल का सामना करना पड़ेगा।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सरकार राज्य में अवैध धर्मांतरण के मामलों को रोकने के लिए सख्त कदम उठा रही है और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
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