पुणे, महाराष्ट्र में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संत तुकाराम महाराज पालखी मार्ग (NH-965G) और संत ज्ञानेश्वर महाराज पालखी मार्ग (NH-965) का ज़मीनी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति और इसके आध्यात्मिक एवं पर्यावरणीय महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।
नितिन गडकरी ने कहा
यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आस्था से भी गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य इस मार्ग को उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित करना है और इसे एक ‘ग्रीन कॉरिडोर’ के रूप में तैयार किया जा रहा है।
#WATCH | Pune, Maharashtra | Union Minister for Road Transport and Highways Nitin Gadkari says, “This initiative is not merely about constructing a road; it is also a source of spiritual inspiration and deep faith for us. Consequently, we have strived to ensure that it is… https://t.co/wBTOoKU6iO pic.twitter.com/axHuwcaZPO
— ANI (@ANI) May 15, 2026
परियोजना के तहत विशेष प्रकार के पौधों, जिन्हें ‘वृक्ष वल्लभ’ कहा जाता है, का रोपण किया जा रहा है। इसके साथ ही जल संरक्षण की योजनाओं को भी इस परियोजना में शामिल किया गया है ताकि पर्यावरण संतुलन बनाए रखा जा सके।
गडकरी ने जानकारी दी
इस योजना के तहत लगभग 40,000 पेड़ों को पहले ही टैग किया जा चुका है और कुल 45,000 से अधिक पेड़ लगाए जाने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने इसे एक ऐसा मॉडल बताया जो विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को साथ लेकर चलता है।
उन्होंने टोल व्यवस्था पर भी जानकारी देते हुए बताया कि नए टोल पास सिस्टम के तहत ₹3,000 में 200 टोल क्रॉसिंग की सुविधा दी जा रही है। इसका मतलब है कि प्रति क्रॉसिंग लागत लगभग ₹15 पड़ती है, जिससे यात्रियों को किफायती और सुगम यात्रा सुविधा मिलती है।
यह परियोजना न केवल महाराष्ट्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाएगी, बल्कि इसे पर्यावरण संरक्षण और आध्यात्मिक महत्व के साथ एक अनोखे मॉडल के रूप में भी देखा जा रहा है।
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