West Bengal में पशु वध कानूनों पर बढ़ी सख्ती के बीच Nakhoda Mosque के इमाम मौलाना मोहम्मद शफीक कासमी ने मुस्लिम समुदाय से बकरीद के मौके पर गाय की कुर्बानी न देने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू किए जा रहे नए नियमों के बाद गाय की कुर्बानी देना व्यावहारिक रूप से कठिन हो गया है। ऐसे में लोगों को बकरियों की कुर्बानी को प्राथमिकता देनी चाहिए।
कानून की सख्ती और नई व्यवस्था
मौलाना कासमी ने बताया कि West Bengal Animal Slaughter Control Act पहले से लागू है, लेकिन मौजूदा सरकार इसे पहले की तुलना में अधिक सख्ती से लागू कर रही है।
हाल ही में जारी अधिसूचना के अनुसार:
- बिना सरकारी हेल्थ सर्टिफिकेट के पशु वध पर रोक
- पशु की उम्र और स्वास्थ्य की जांच अनिवार्य
- नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई
समुदाय से संयम की अपील
इमाम ने कहा कि बदलती परिस्थितियों में समुदाय को समझदारी से काम लेना चाहिए और धार्मिक परंपराओं का पालन कानून के दायरे में रहकर करना चाहिए।
सरकार को सुझाव
मौलाना कासमी ने सरकार को सुझाव दिया कि:
- अगर पर्याप्त ढांचा उपलब्ध नहीं है, तो स्पष्ट नीति बनाई जाए
- आधुनिक बूचड़खाने विकसित किए जाएँ
- पशु चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए
उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार चाहती है तो गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर देशभर में गोवध पर पूर्ण प्रतिबंध पर विचार किया जा सकता है।
संवेदनशील मुद्दे पर संतुलन की जरूरत
यह मामला धार्मिक भावनाओं और कानून-व्यवस्था दोनों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में प्रशासन और समाज दोनों के लिए संतुलन बनाए रखना अहम माना जा रहा है।
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