Supreme Court of India में मुख्य न्यायाधीश Surya Kant ने ‘कॉकरोच’ टिप्पणी से जुड़े विवाद पर सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से भावनात्मक बनाने की जरूरत नहीं है।
सुनवाई के दौरान एक वकील ने जनहित याचिका (PIL) का हवाला देते हुए कहा कि CJI द्वारा स्पष्टीकरण देने के बावजूद इस टिप्पणी को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है और न्यायपालिका की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा,
“इसे इतना भावुकता से न लें। इसमें कोई तत्काल जल्दबाज़ी नहीं है। सुप्रीम कोर्ट उचित समय पर इस मामले की जांच करेगा।”
"Don’t take it so sentimentally’, says Chief Justice of India Surya Kant, as a lawyer mentions PIL, saying a distorted and malicious narrative is being continued to malign the judiciary despite clarification by the CJI on the 'cockroach' remark.
CJI says there is no such grave… pic.twitter.com/gi0yp91N9h
— ANI (@ANI) May 25, 2026
PIL में मांग की गई है कि कोर्टरूम में हुई बातचीत का इस्तेमाल व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए प्रतिबंधित किया जाए। साथ ही वकीलों की कथित फर्जी डिग्रियों की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) से कराने की भी मांग की गई है।
इसके अलावा एक अन्य PIL में “कॉकरोच जनता पार्टी” नामक ऑनलाइन अभियान से जुड़ी गतिविधियों की CBI जांच की मांग की गई है। यह अभियान CJI की कथित टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुआ था।
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इस मामले में जल्दबाज़ी से इनकार करते हुए संकेत दिया है कि सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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