पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठ के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बाद बांग्लादेशी नागरिकों में डर का माहौल देखने को मिल रहा है। उत्तर 24 परगना जिले के हाकिमपुर चेक पोस्ट पर ऐसा ही एक नजारा सामने आया, जहां 100 से अधिक बांग्लादेशी अपने परिवारों के साथ वापस लौटने के लिए इकट्ठा हो गए।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह स्थिति राज्य सरकार द्वारा हाल ही में जारी किए गए निर्देशों के बाद बनी है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के आदेश के बाद पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध बांग्लादेशी घुसपैठिए को पकड़ने पर सीधे सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंप दिया जाए।
उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल के विभिन्न इलाकों में कथित तौर पर अवैध रूप से रह रहे 100 से अधिक बांग्लादेशी नागरिक मंगलवार सुबह उत्तर 24 परगना के हाकिमपुर चेक पोस्ट पर बांग्लादेश वापस लौटने के लिए इकट्ठा हुए।
यह समूह पहचाने गए अवैध प्रवासियों संबंधी निर्देशों और… pic.twitter.com/ZXoN84ailz
— One India News (@oneindianewscom) May 26, 2026
21 मई 2026 को जारी इस आदेश में यह भी कहा गया कि ऐसे मामलों में अब आरोपियों को अदालत में पेश करने की बजाय सीधे सीमा पार भेजने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
नए कानून के तहत कार्रवाई:
यह कार्रवाई केंद्र सरकार द्वारा पारित आव्रजन और विदेशी अधिनियम 2025 के तहत की जा रही है। इस कानून के तहत भारत में विदेशियों के प्रवेश, निवास और निकास को नियंत्रित करने के प्रावधान हैं।
राज्य सरकार ने अवैध घुसपैठियों के लिए ‘होल्डिंग सेंटर’ बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इन केंद्रों में पकड़े गए लोगों को रखा जाएगा और ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ नीति के तहत उन्हें वापस उनके देश भेजा जाएगा।
सीमा क्षेत्रों में बढ़ी सतर्कता:
इस आदेश के बाद सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गई है। प्रशासन का कहना है कि अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए यह कदम आवश्यक है।
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