प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक ‘अपनापन: नरेंद्र मोदी के साथ मेरे अनुभव’ का लोकार्पण करेंगे। यह पुस्तक पीएम मोदी के साथ उनके तीन दशक से अधिक लंबे सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन के अनुभवों पर आधारित है।
इस पुस्तक में शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता, संगठन कौशल, सुशासन और राष्ट्र सेवा से जुड़े कई अहम पहलुओं को विस्तार से साझा किया है। खासतौर पर महिला सशक्तिकरण को लेकर पीएम मोदी के विजन को लेकर एक रोचक अध्याय शामिल किया गया है।
शिवराज सिंह चौहान बताते हैं कि आज जिस ‘नारी शक्ति’ को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिबद्धता दिखती है, उसकी नींव उस समय रखी गई थी जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे। उस दौर में ‘कन्या केलवणी अभियान’ और बेटियों की शिक्षा को लेकर चलाए गए जन-जागरण कार्यक्रमों ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के साथ मेरा तीन दशक से अधिक का आत्मीय संबंध रहा है। संगठन के एक कार्यकर्ता के रूप में मुझे उनके साथ कार्य करने का अवसर मिला। इस दौरान मैंने उन्हें एक कर्मठ कार्यकर्ता, कुशल प्रशासक, दूरदर्शी नेता और अद्भुत संगठनशिल्पी के रूप में बहुत निकट… pic.twitter.com/IfKJ1KuaD5
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) May 26, 2026
उन्होंने देखा कि पीएम मोदी बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा को केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलन के रूप में देखते थे। इस अभियान में समाज के हर वर्ग—धार्मिक नेता, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक—को जोड़ा गया।
शिवराज के अनुसार, मोदी का स्पष्ट संदेश था कि “बेटियों की रक्षा करें, उन्हें शिक्षित करें और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर दें।” यही सोच आगे चलकर बड़े सामाजिक बदलाव का आधार बनी।
गुजरात मॉडल से प्रेरित होकर शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश में ‘बेटी बचाओ अभियान’ शुरू किया। इसके तहत राज्यभर में जागरूकता यात्राएं निकाली गईं, बेटियों का सम्मान किया गया और लोगों को बेटियों के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
इसके साथ ही ‘लाडली लक्ष्मी योजना’, ‘मुख्यमंत्री कन्यादान योजना’, छात्रवृत्ति योजनाएं और साइकिल वितरण जैसे कार्यक्रम शुरू किए गए, जिनका उद्देश्य बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना और समाज में उनकी स्थिति मजबूत करना था।
पुस्तक में उल्लेख है कि इन प्रयासों का सकारात्मक असर समाज में देखने को मिला। मध्य प्रदेश का लिंगानुपात 2001 में 919 से बढ़कर 2021 में 970 तक पहुंच गया, जो सामाजिक मानसिकता में बदलाव का संकेत है।
शिवराज सिंह चौहान ने निष्कर्ष में लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला और बालिका कल्याण को केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे जन-आंदोलन का रूप दिया। यही विजन आज देश के विकास में ‘नारी शक्ति’ को केंद्र में रखता है।
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