उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित खोड़ा क्षेत्र में 17 वर्षीय सूर्या प्रताप चौहान की हत्या के बाद पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए बड़े पैमाने पर सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस द्वारा गली-गली जाकर करीब 1600 चिन्हित अपराधियों का सत्यापन किया जा रहा है। वहीं दस्तावेजों की जांच के दौरान आवश्यक कागजात नहीं मिलने पर तीन मदरसों को सील कर दिया गया है। इस पूरे अभियान की निगरानी स्वयं पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी कर रहे हैं।
सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद शुरू हुआ विशेष अभियान
सूर्या प्रताप चौहान हत्याकांड के बाद खोड़ा और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने विशेष सत्यापन अभियान शुरू किया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चिन्हित अपराधी वर्तमान में कहां रह रहे हैं, उनकी गतिविधियां क्या हैं और उनके पास किसी प्रकार की अवैध संपत्ति या आपराधिक नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
खोड़ा और लोनी क्षेत्र में चार एसीपी के नेतृत्व में पुलिस टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि सत्यापन के दौरान किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि सामने आने पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
#WATCH | Ghaziabad, UP: Ghaziabad District Magistrate Ravindra Kumar Mandar says, “The Police Commissioner and I visited the Khoda area today. In light of the prevailing sensitivity within this entire area, various verification drives and the ‘Clean Sweep’ operation are currently… https://t.co/3l1LnDbBqQ pic.twitter.com/hs8hCGX1E6
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) June 2, 2026
1600 चिन्हित अपराधियों का सत्यापन
पुलिस के अनुसार, अभियान के तहत करीब 1600 चिन्हित अपराधियों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। उनके वर्तमान पते, आपराधिक इतिहास और स्थानीय गतिविधियों की जांच की जा रही है।
प्रशासन का उद्देश्य क्षेत्र में अपराधियों की मौजूदगी पर अंकुश लगाना और भविष्य में किसी भी बड़ी वारदात को रोकना है।
दस्तावेज नहीं मिलने पर 3 मदरसे सील
सत्यापन अभियान के दौरान जिला प्रशासन ने कई संस्थानों के दस्तावेजों की भी जांच की। अधिकारियों के अनुसार, आवश्यक पंजीकरण और दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाने के कारण तीन मदरसों को सील कर दिया गया।
सील किए गए संस्थानों में शामिल हैं:
- मदरसा रहमानिया
- मदरसा सुलताना अल-अरफीन
- मदरसा तालीमत उलूम
कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।
डीएम और पुलिस कमिश्नर ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात
गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ और पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ ने सूर्या चौहान के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सुरक्षा और न्याय का भरोसा दिलाया।
प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ के तहत जारी कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी असद के एनकाउंटर और कई आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद जांच अभी जारी है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ के तहत अपराध, अवैध गतिविधियों और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
क्या है सूर्या चौहान हत्याकांड?
गौरतलब है कि 28 मई 2026 को खोड़ा के नवनीत विहार निवासी 17 वर्षीय सूर्या प्रताप चौहान को कथित तौर पर फोन कर एक स्थान पर बुलाया गया था।
आरोप है कि वहां पहले से मौजूद असद, नवाब, फरहान, आतिफ, सारिक और अन्य लोगों ने उसे घेर लिया और धारदार हथियारों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
घायल सूर्या को तत्काल नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया था।
कानून व्यवस्था पर प्रशासन की सख्त नजर
सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद गाजियाबाद प्रशासन किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। पुलिस और जिला प्रशासन लगातार क्षेत्र में निगरानी, सत्यापन और कार्रवाई अभियान चला रहे हैं ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
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