भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र को एक और बड़ी मजबूती मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में डिजिटल अवसंरचना के तेजी से विस्तार का उल्लेख करते हुए AirTrunk द्वारा भारत में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये (30 बिलियन अमेरिकी डॉलर) के प्रस्तावित निवेश का स्वागत किया है।
यह निवेश भारत के डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में अब तक प्रस्तावित सबसे बड़े निवेशों में से एक माना जा रहा है। कंपनी ने भारत में 5 गीगावॉट (GW) डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने की योजना की घोषणा की है।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा कि भारत का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से आगे बढ़ रहा है और वैश्विक तकनीकी कंपनियां भारत को भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था के केंद्र के रूप में देख रही हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह के निवेश भारत को:
- क्लाउड कंप्यूटिंग का वैश्विक केंद्र बनाने,
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) क्षेत्र को गति देने,
- रोजगार सृजन बढ़ाने,
- स्थानीय सप्लाई चेन को मजबूत करने,
- और नवाचार आधारित विकास को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
India’s digital infrastructure journey is gathering remarkable momentum.
AirTrunk has announced plans to invest around Rs. 3 lakh crore ($30 billion) in India, and develop 5 GW of data centre capacity. This is among the largest proposed investments in the country’s digital… pic.twitter.com/ZW82nneN5x
— Narendra Modi (@narendramodi) June 5, 2026
AirTrunk का 3 लाख करोड़ रुपये का निवेश क्यों महत्वपूर्ण?
AirTrunk की प्रस्तावित योजना के तहत भारत में विशाल डेटा सेंटर नेटवर्क विकसित किया जाएगा।
इस परियोजना के प्रमुख पहलू:
- लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का निवेश
- 5 GW डेटा सेंटर क्षमता का विकास
- AI और क्लाउड सेवाओं के लिए मजबूत डिजिटल आधार
- डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने की तैयारी
- बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन
विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा सेंटर भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुके हैं।
AI और क्लाउड सेक्टर को मिलेगा बड़ा लाभ
दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड कंप्यूटिंग की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में डेटा सेंटर क्षमता का विस्तार किसी भी डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- AI मॉडल ट्रेनिंग के लिए विशाल कंप्यूटिंग क्षमता की जरूरत होती है।
- क्लाउड सेवाओं का विस्तार डेटा सेंटरों पर निर्भर करता है।
- डिजिटल भुगतान, ई-कॉमर्स, OTT और सरकारी डिजिटल सेवाओं को भी इससे लाभ मिलेगा।
रोजगार और स्थानीय उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
इतने बड़े निवेश से केवल डेटा सेंटर ही नहीं बनेंगे बल्कि:
- निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा
- ऊर्जा और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग बढ़ेगी
- आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में रोजगार बढ़ेंगे
- स्थानीय सप्लाई चेन मजबूत होगी
- स्टार्टअप और नवाचार इकोसिस्टम को नई ऊर्जा मिलेगी
भारत बन रहा है डिजिटल अर्थव्यवस्था का केंद्र
पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल इंडिया, 5G विस्तार, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI), सेमीकंडक्टर मिशन और AI आधारित पहलों ने भारत को वैश्विक तकनीकी निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाया है।
विश्लेषकों का मानना है कि AirTrunk जैसे निवेश यह संकेत देते हैं कि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था के सबसे महत्वपूर्ण केंद्रों में शामिल हो सकता है।
डिजिटल भविष्य की ओर बड़ा कदम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया की डिजिटल अर्थव्यवस्था का भविष्य तेजी से भारत में आकार ले रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि प्रस्तावित निवेश योजनाएं समयबद्ध तरीके से लागू होती हैं, तो भारत डेटा सेंटर, AI, क्लाउड और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो सकता है।
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