प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET पेपर लीक मामले को राष्ट्रीय चिंता का विषय बताते हुए कहा है कि परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ और एक गंभीर अपराध है। उन्होंने पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा देने और देश में पूरी तरह पारदर्शी तथा भरोसेमंद परीक्षा व्यवस्था तैयार करने पर जोर दिया।
मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को आयोजित एनडीए संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखना केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे देश और सभी राज्यों की साझा जिम्मेदारी है। बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री के संबोधन की जानकारी दी।
पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जरूरत
किरण रिजिजू के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने NEET प्रश्नपत्र लीक को बेहद गंभीर मामला बताते हुए कहा कि इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले लोगों के खिलाफ सबसे कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि देश के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया पर पूरा भरोसा होना चाहिए। इसके लिए परीक्षा कराने वाली संस्थाओं, केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को मिलकर ऐसी व्यवस्था तैयार करनी होगी, जिसमें पेपर लीक या दूसरी अनियमितताओं की कोई गुंजाइश न रहे।
PM Honble PM Shri @narendramodi Ji has informed NDA Parliamentary that strongest possible steps are being taken to protect the interest of the students. And farmer's interests are protected in all the Free Trade Agreements with various countries. pic.twitter.com/1jVrfVtky5
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) July 21, 2026
सरकार ने तुरंत कार्रवाई की: किरेन रिजिजू
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी की खबरें सामने आने के बाद सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। मामले में कथित रूप से शामिल 13 लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
प्रधानमंत्री ने बैठक में कहा कि छात्रों का शैक्षणिक वर्ष और भविष्य प्रभावित न हो, इसलिए आवश्यक कदम तेजी से उठाए गए। प्रभावित परीक्षा दोबारा आयोजित कर परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की गई।
उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने इसे युवाओं के भविष्य से जुड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बताते हुए सभी राजनीतिक दलों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सहयोग करने की अपील की। उन्होंने देश में एक ‘फुलप्रूफ’ सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली तैयार करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
राज्यों को भी निभानी होगी जिम्मेदारी
पीएम मोदी ने कहा कि पेपर लीक रोकने के लिए केवल केंद्र सरकार के प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे। राज्य सरकारों, स्थानीय प्रशासन, परीक्षा एजेंसियों और जांच संस्थाओं को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्रों की छपाई, परिवहन, सुरक्षित भंडारण, परीक्षा केंद्रों की निगरानी और डिजिटल डेटा की सुरक्षा से जुड़े प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
परीक्षा व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल के साथ-साथ मानवीय हस्तक्षेप से पैदा होने वाले जोखिमों को भी कम करना जरूरी है। किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
छात्रों का विश्वास बहाल करना सबसे जरूरी
प्रधानमंत्री मोदी ने साफ-सुथरी परीक्षा व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि देश के लाखों छात्र वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में पेपर लीक केवल एक परीक्षा को प्रभावित नहीं करता, बल्कि छात्रों और उनके परिवारों का पूरी व्यवस्था पर विश्वास कमजोर करता है।
NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में 20 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल होते हैं। मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश का सपना देख रहे विद्यार्थियों के लिए परीक्षा में किसी भी तरह की अनियमितता गंभीर मानसिक, शैक्षणिक और आर्थिक दबाव पैदा कर सकती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि योग्य विद्यार्थियों को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत अवसर मिले और किसी भी अपराधी या संगठित गिरोह को परीक्षा प्रणाली प्रभावित करने का मौका न मिले।
सीबीआई जांच में कथित मास्टरमाइंड गिरफ्तार
NEET पेपर लीक मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI कर रही है। जांच एजेंसी ने मामले में उस व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया है, जिसे कथित पेपर लीक नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति रसायन विज्ञान का लेक्चरर है और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी की परीक्षा प्रक्रिया से भी जुड़ा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि प्रश्नपत्र किस स्तर से बाहर निकाला गया, इसे किन लोगों तक पहुंचाया गया और इसके बदले कितनी रकम का लेन-देन हुआ।
मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपितों की भूमिका, उनके आपसी संपर्क और संभावित अंतरराज्यीय नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत के लिए वेबसाइट
शिक्षा मंत्रालय ने NEET से संबंधित संदिग्ध दावों, अनधिकृत प्रश्नपत्र सामग्री, फर्जी दस्तावेजों और धोखाधड़ी वाली गतिविधियों की जानकारी देने के लिए एक ऑनलाइन व्यवस्था भी शुरू की है।
इसके माध्यम से छात्र और आम नागरिक परीक्षा से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना संबंधित अधिकारियों को दे सकते हैं। इसका उद्देश्य गलत सूचनाओं, फर्जी प्रश्नपत्रों और परीक्षा के नाम पर होने वाली ठगी पर रोक लगाना है।
पेपर लीक को लेकर देशभर में प्रदर्शन
NEET पेपर लीक मामला सामने आने के बाद देश के कई हिस्सों में छात्रों और विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठाई।
मानसून सत्र के दौरान संसद के भीतर और बाहर भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठा। विपक्षी दलों ने सरकार से मामले पर विस्तृत चर्चा और जवाबदेही तय करने की मांग की।
प्रधानमंत्री मोदी ने सभी दलों से छात्रों के हित में मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना प्रत्येक सांसद और राजनीतिक दल की साझा जिम्मेदारी है।
मानसून सत्र में सहयोग की अपील
एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री ने गठबंधन के सांसदों से मानसून सत्र के दौरान विधायी कामकाज में एकजुट रहने की अपील की।
उन्होंने विपक्षी दलों से भी संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करने को कहा। प्रधानमंत्री के अनुसार, युवाओं से जुड़े मुद्दों पर संसद में तथ्यपूर्ण, गंभीर और समाधान-केंद्रित चर्चा होनी चाहिए।
सरकार का कहना है कि NEET पेपर लीक मामले में जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में आवश्यक संरचनात्मक और तकनीकी सुधार किए जाएंगे।
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