अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा विवाद और सुरक्षा तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। तालिबान सरकार ने पाकिस्तान पर अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन कर सीमावर्ती इलाकों में हवाई हमले करने का गंभीर आरोप लगाया है। तालिबान प्रशासन के अनुसार, मंगलवार (9 जून 2026) की रात हुए इन हमलों में 11 बच्चों, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति समेत कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 14 अन्य घायल हुए हैं।
तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बुधवार (10 जून 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर इस घटना की जानकारी दी। उन्होंने इसे “मानवीय अपराध” और “अफगानिस्तान की संप्रभुता पर खुला हमला” बताया।
तालिबान का आरोप: पाकिस्तानी विमानों ने नागरिक इलाकों को बनाया निशाना
जबीहुल्लाह मुजाहिद के अनुसार, पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान के कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों के रिहायशी इलाकों पर बमबारी की। उनका दावा है कि रात के समय नागरिक घरों को निशाना बनाया गया, जिससे कई मकान पूरी तरह तबाह हो गए।
तालिबान प्रशासन ने हमलों में मारे गए बच्चों और नागरिकों की तस्वीरें भी साझा की हैं। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
AFP रिपोर्ट: खोस्त और पक्तिका में सबसे ज्यादा नुकसान
न्यूज एजेंसी AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, खोस्त प्रांत के स्पेरा जिले में एक घर पर हुए हमले में 9 लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हुए। वहीं पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में हुए दूसरे हमले में 3 नागरिकों की जान चली गई।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि मृतकों में अधिकांश बच्चे शामिल हैं। घायलों में भी महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में बताए जा रहे हैं।
पाकिस्तान की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
घटना को लेकर पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से सीमा सुरक्षा, आतंकवादी गतिविधियों और सीमा पार हमलों को लेकर लगातार तनाव बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर जारी रहता है तो क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और अधिक जटिल हो सकती है।
सीमा क्षेत्र में बढ़ी चिंता
अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा लंबे समय से संघर्ष और सुरक्षा चुनौतियों का केंद्र रही है। हालिया घटनाओं ने एक बार फिर इस क्षेत्र में नागरिक सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब दोनों देशों की अगली प्रतिक्रिया और संभावित कूटनीतिक कदमों पर टिकी हुई है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel