उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए नई प्रदेश टीम की घोषणा कर दी है। यूपी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी द्वारा जारी संगठनात्मक सूची में कुल 64 नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
नई टीम में 19 प्रदेश उपाध्यक्ष, आठ प्रदेश महामंत्री और 19 प्रदेश मंत्री बनाए गए हैं। इसके अलावा सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों के नए अध्यक्ष, विभिन्न मोर्चों के छह प्रदेश अध्यक्ष तथा कार्यालय, मीडिया और सोशल मीडिया से जुड़े पदाधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं।
पार्टी के इस संगठनात्मक फेरबदल को मिशन 2027 की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा ने अनुभवी नेताओं के साथ नए चेहरों को मौका देते हुए जातीय, सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने का प्रयास किया है।
Uttar Pradesh BJP (@BJP4UP) announces list of members included in the party's state unit organisation as a part of organisational restructuring, ahead of 2027 UP elections pic.twitter.com/pfWjwFhHxa
— Lok Poll (@LokPoll) June 25, 2026
राजनाथ सिंह के छोटे बेटे नीरज सिंह बने प्रदेश उपाध्यक्ष
नई टीम की सबसे चर्चित नियुक्तियों में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के छोटे बेटे नीरज सिंह का नाम शामिल है। भाजपा ने नीरज सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें संगठन में स्थान देकर पार्टी ने लखनऊ और अवध क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास किया है।
नीरज सिंह लंबे समय से पार्टी की संगठनात्मक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। चुनावी टिकट के बजाय उन्हें प्रदेश संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने को पार्टी की आगामी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नई टीम में समाजवादी पार्टी से भाजपा में आईं पूजा पाल और उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री सुरेश राणा को भी प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है।
इन 19 नेताओं को बनाया गया प्रदेश उपाध्यक्ष
पंकज चौधरी की नई टीम में सुरेश राणा, सत्यपाल सैनी, ब्रज बहादुर, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, देवेश कोरी, प्रियंका रावत, दुर्विजय शाक्य और रमेश सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है।
इसके साथ ही नीरज सिंह, अर्चना मिश्रा, पूजा पाल, शंकर गिरी, कामेश्वर सिंह, डॉ. कृतिका अग्रवाल, सुरेश मौर्य, राजेश यादव, कृष्ण बिहारी राय और आलोक गुप्ता को भी प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
उपाध्यक्षों की सूची में पश्चिमी उत्तर प्रदेश, अवध, पूर्वांचल, बुंदेलखंड और मध्य उत्तर प्रदेश से आने वाले नेताओं को शामिल किया गया है। ओबीसी, दलित, सवर्ण और अन्य सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देकर पार्टी ने व्यापक सामाजिक समीकरण बनाने की कोशिश की है।
आठ प्रदेश महामंत्रियों की घोषणा
भाजपा की नई प्रदेश टीम में आठ नेताओं को महामंत्री नियुक्त किया गया है। रामप्रताप सिंह चौहान, गीता शाक्य, अभिजात मिश्रा, उपेंद्र रावत, संजय राय, शंकर लोधी, दिलीप पटेल और राजेश चौधरी को प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रदेश महामंत्री पार्टी संगठन और प्रदेश नेतृत्व के बीच महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आगामी चुनाव से पहले संगठनात्मक कार्यक्रमों, कार्यकर्ता सम्मेलनों, सदस्यता अभियान, जनसंपर्क और चुनावी रणनीति के क्रियान्वयन में इन नेताओं की अहम जिम्मेदारी रहेगी।
19 नेताओं को प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारी
पंकज चौधरी की टीम में विजय शिवहरे, बसंत त्यागी, शिवभूषण सिंह, सहजानंद राय, अंकुर शर्मा, अनिल यादव, अवधेश श्रीवास्तव, विजय राजभर और प्रेमेंद्र जांगड़ा विश्वकर्मा को प्रदेश मंत्री बनाया गया है।
इसके अलावा किरण लोधी निषाद, राकेश बिंद, संचिता सिंह चौहान, रजनी पांडेय, राहुल वाल्मीकि, महमेदां नगर, दीपमाला संतोषी, सुहासिनी जायसवाल, यतेंद्र शर्मा और आकांक्षा सोनकर को भी प्रदेश मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली है।
प्रदेश मंत्रियों की सूची में महिलाओं तथा ओबीसी और दलित समुदाय से आने वाले कई नेताओं को जगह दी गई है। इसे समाजवादी पार्टी के पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक यानी PDA समीकरण के मुकाबले भाजपा की संगठनात्मक रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्ष बदले
उत्तर प्रदेश भाजपा ने बड़ा बदलाव करते हुए सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों के अध्यक्ष बदल दिए हैं। पश्चिम उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी नवाब सिंह नागर को सौंपी गई है, जबकि ब्रज क्षेत्र का अध्यक्ष पूरन लाल लोधी को बनाया गया है।
कानपुर क्षेत्र की कमान राम किशोर साहू, अवध क्षेत्र की जिम्मेदारी अवधेश द्विवेदी, काशी क्षेत्र की जिम्मेदारी अशोक चौरसिया और गोरखपुर क्षेत्र की कमान विनोद राय को दी गई है।
क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रदेश नेतृत्व और जिला संगठनों के बीच समन्वय स्थापित करते हैं। चुनाव के दौरान बूथ प्रबंधन, रैलियों, जनसभाओं, उम्मीदवारों के प्रचार और कार्यकर्ताओं की तैनाती में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
रोहित मिश्रा को युवा मोर्चा, सरोज कुशवाह को महिला मोर्चा
भाजपा ने अपने विभिन्न मोर्चों के नेतृत्व में भी बदलाव किया है। रोहित मिश्रा को भारतीय जनता युवा मोर्चा का उत्तर प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। युवाओं के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने और नए मतदाताओं को जोड़ने की जिम्मेदारी अब उनके पास होगी।
सरोज कुशवाह को भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। प्रकाश पाल को पिछड़ा वर्ग मोर्चा, देवेंद्र सिंह को किसान मोर्चा और अशोक रावत को अनुसूचित जाति मोर्चा की कमान दी गई है।
विद्याभूषण गोंड को अनुसूचित जनजाति मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इन मोर्चों के माध्यम से भाजपा युवाओं, महिलाओं, किसानों, पिछड़े वर्गों, दलितों और जनजातीय समुदायों के बीच जनसंपर्क अभियान चलाएगी।
दिनेश प्रताप सिंह बने मुख्य प्रवक्ता
नई टीम में दिनेश प्रताप सिंह को उत्तर प्रदेश भाजपा का मुख्य प्रवक्ता बनाया गया है। उन्हें मीडिया के सामने पार्टी का पक्ष रखने और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
मनीष दीक्षित को लगातार चौथी बार प्रदेश मीडिया संयोजक बनाया गया है। हिमांशु राज पंडित को प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
डिजिटल प्रचार, सोशल मीडिया अभियान, विपक्षी दलों के राजनीतिक नैरेटिव का जवाब और केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को ऑनलाइन माध्यम से जनता तक पहुंचाने में सोशल मीडिया टीम की अहम भूमिका होगी।
कार्यालय व्यवस्था के लिए तीन नेताओं की नियुक्ति
भाजपा ने भारत दीक्षित को प्रदेश कार्यालय मंत्री बनाया है। अतुल अवस्थी और लक्ष्मण सिंह को कार्यालय सह-मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है।
इन पदाधिकारियों का कार्य प्रदेश कार्यालय की गतिविधियों, बैठकों, कार्यक्रमों, नेताओं के दौरों और विभिन्न संगठनात्मक इकाइयों के बीच समन्वय को व्यवस्थित करना होगा।
नई टीम में महिलाओं को भी अहम जिम्मेदारी
भाजपा की नई टीम में प्रियंका रावत, अर्चना मिश्रा, पूजा पाल और डॉ. कृतिका अग्रवाल को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। गीता शाक्य को प्रदेश महामंत्री पद की जिम्मेदारी मिली है।
प्रदेश मंत्रियों की सूची में किरण लोधी निषाद, संचिता सिंह चौहान, रजनी पांडेय, महमेदां नगर, दीपमाला संतोषी, सुहासिनी जायसवाल और आकांक्षा सोनकर जैसे महिला चेहरों को शामिल किया गया है।
सरोज कुशवाह को महिला मोर्चा की जिम्मेदारी देकर पार्टी ने महिलाओं के बीच संगठनात्मक गतिविधियों और जनसंपर्क अभियान को तेज करने का संकेत दिया है।
जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों पर विशेष ध्यान
उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। भाजपा की नई टीम में ओबीसी, दलित, राजपूत, ब्राह्मण, वैश्य और अन्य सामाजिक वर्गों के नेताओं को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
पार्टी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल और अवध तक के नेताओं को प्रमुख पदों पर नियुक्त किया है। इससे संगठन के भीतर क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने और प्रत्येक इलाके में प्रभावशाली नेतृत्व तैयार करने का प्रयास दिखाई देता है।
पार्टी ने पुराने और अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी देने के साथ कई नए चेहरों को भी आगे बढ़ाया है। इसका उद्देश्य संगठन में सक्रियता बढ़ाना और विधानसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा देना माना जा रहा है।
पंकज चौधरी के अध्यक्ष बनने के छह महीने बाद नई टीम
पंकज चौधरी को दिसंबर 2025 में उत्तर प्रदेश भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। उनके अध्यक्ष बनने के करीब छह महीने बाद नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की गई है।
नई टीम की घोषणा से पहले प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व के बीच कई दौर की बैठकें हुईं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय नेतृत्व से विचार-विमर्श के बाद सूची को अंतिम रूप दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
मिशन 2027 पर भाजपा की नजर
उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव वर्ष 2027 में होना है। नई टीम पर चुनावी प्रबंधन, बूथ स्तर के संगठन को मजबूत करने, सरकारी योजनाओं का प्रचार और विपक्षी गठबंधन की रणनीति का मुकाबला करने की जिम्मेदारी होगी।
पार्टी का विशेष जोर बूथ समितियों को सक्रिय करने, युवाओं और महिलाओं को जोड़ने तथा पिछड़े और दलित मतदाताओं के बीच जनसंपर्क बढ़ाने पर रहेगा।
रैलियों, सम्मेलनों, सोशल मीडिया प्रचार और घर-घर संपर्क अभियान के संचालन में यही संगठनात्मक टीम मुख्य भूमिका निभाएगी। भाजपा इस बदलाव के माध्यम से चुनावी मशीनरी को समय रहते सक्रिय करना चाहती है।
पंकज चौधरी की 64 सदस्यीय नई टीम भाजपा की मिशन 2027 रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। नीरज सिंह, पूजा पाल, सुरेश राणा और प्रियंका रावत जैसे चर्चित चेहरों को उपाध्यक्ष बनाने के साथ पार्टी ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने का प्रयास किया है।
सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्षों को बदलना और युवा, महिला, किसान, पिछड़ा, अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति मोर्चे में नई नियुक्तियां करना बताता है कि भाजपा विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को जमीनी स्तर तक पुनर्गठित करने में जुट गई है।
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