उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम लिखी अपनी विशेष ‘योगी की पाती’ में खेलों को बढ़ावा देने, खिलाड़ियों को सम्मान देने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब खेल के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है और प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएँ तथा सुरक्षित रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य केवल पदक जीतने वाले खिलाड़ियों का सम्मान करना नहीं, बल्कि गांव और छोटे शहरों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें विश्वस्तरीय मंच तक पहुंचाना भी है।
राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में यूपी की ऐतिहासिक उपलब्धि
मुख्यमंत्री योगी ने अपनी पाती में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों की हालिया उपलब्धियों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि 65वीं राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश की पुरुष टीम ने 20 पदक जीतकर पहली बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
उन्होंने इस उपलब्धि को प्रदेश की बदलती खेल संस्कृति और खिलाड़ियों के बढ़ते आत्मविश्वास का उदाहरण बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल के मैदान पर उत्तर प्रदेश लगातार गौरवान्वित हो रहा है और प्रदेश के खिलाड़ी अब केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों,
खेल का मैदान गौरवान्वित कर रहा है। सरकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के सम्मान एवं सुरक्षित भविष्य के लिए सरकारी नौकरी प्रदान कर रही है।
आज प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल मैदान, ब्लॉक में मिनी स्टेडियम तथा प्रत्येक जनपद में आधुनिक स्टेडियम… pic.twitter.com/NPYxt42vYf
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 6, 2026
अंडर-18 हॉकी एशिया कप की स्वर्ण विजेता टीम में यूपी के पांच खिलाड़ी
मुख्यमंत्री ने जापान में आयोजित पुरुष अंडर-18 हॉकी एशिया कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों के योगदान का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि इस भारतीय टीम में उत्तर प्रदेश के पांच खिलाड़ियों की मौजूदगी प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश की खेल प्रतिभाएँ अब देश की बड़ी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सीएम योगी ने कहा कि ऐसे परिणाम प्रदेश के युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने और भारत का प्रतिनिधित्व करने की प्रेरणा देते हैं।
दिवित शर्मा, प्रवीण कुमार और अन्नू रानी जैसे खिलाड़ी बने यूपी की नई पहचान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान अब विभिन्न खेलों में उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ियों से भी मजबूत हो रही है।
उन्होंने क्रिकेटर दिवित शर्मा, पैरालंपिक ऊंची कूद खिलाड़ी प्रवीण कुमार और भाला फेंक खिलाड़ी अन्नू रानी का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रदेश के बेटे-बेटियां अपनी प्रतिभा और मेहनत से देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश की नई खेल पहचान उन खिलाड़ियों से बन रही है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने कौशल और अनुशासन के दम पर राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की है।
दृष्टिबाधित धाविका सिमरन शर्मा और ग्रैंडमास्टर वंतिका अग्रवाल का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री योगी ने दृष्टिबाधित धाविका सिमरन शर्मा की उपलब्धियों को भी प्रेरणादायक बताया।
उन्होंने कहा कि सिमरन शर्मा की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें लखनऊ में प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया। बेहतर प्रशिक्षण और अवसर मिलने के बाद उन्होंने देश के लिए दौड़ना शुरू किया और अपनी प्रतिभा से नई पहचान बनाई।
मुख्यमंत्री ने शतरंज ग्रैंडमास्टर वंतिका अग्रवाल का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए शतरंज की बिसात पर अपनी प्रतिभा दिखा रही हैं। सीएम योगी ने इन खिलाड़ियों को इस बात का उदाहरण बताया कि सही समय पर प्रतिभा की पहचान, प्रशिक्षण और अवसर मिलने से युवा बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
‘चैंपियन एक दिन में नहीं बनते’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पाती में लिखा कि चैंपियन एक दिन में नहीं बनते और खेल संस्कृति भी रातोंरात विकसित नहीं होती।
उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए लंबे समय तक प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाओं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, अनुशासन और निरंतर मेहनत की आवश्यकता होती है।
प्रदेश सरकार इसी सोच के साथ खिलाड़ियों के कौशल विकास, प्रशिक्षण और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल नीति में बदलाव कर युवाओं को अधिक अवसर दिए गए हैं और अब विभिन्न प्रतियोगिताएँ केवल मनोरंजन या स्थानीय मुकाबले तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ओलंपिक जैसे बड़े मंचों तक पहुंचने का रास्ता बन रही हैं।
उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दे रही यूपी सरकार
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के सम्मान और सुरक्षित भविष्य के लिए उन्हें सरकारी नौकरी उपलब्ध करा रही है।
सरकार का प्रयास है कि खिलाड़ियों को अपने करियर और भविष्य को लेकर असुरक्षा महसूस न हो।
मुख्यमंत्री के अनुसार, जब खिलाड़ियों को सम्मान, आर्थिक सुरक्षा और रोजगार के अवसर मिलते हैं, तो वे पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी तैयारी और प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था युवाओं को खेलों को एक गंभीर करियर विकल्प के रूप में अपनाने के लिए भी प्रेरित कर रही है।
हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान विकसित करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में खेल बुनियादी ढांचे के विस्तार की जानकारी भी दी।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल मैदान, प्रत्येक ब्लॉक में मिनी स्टेडियम और हर जनपद में आधुनिक स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों और युवाओं को खेल अभ्यास के लिए दूर न जाना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव से लेकर जिला स्तर तक खेल सुविधाओं के विस्तार से ऐसी प्रतिभाएँ सामने आएंगी, जिन्हें पहले पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते थे।
मेरठ में तैयार हो रहा मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय
मुख्यमंत्री ने मेरठ में बन रहे मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, खेल विज्ञान, आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ मार्गदर्शन का बड़ा केंद्र बनेगा।
खेल विश्वविद्यालय के माध्यम से खिलाड़ियों को केवल मैदान पर प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि फिटनेस, स्पोर्ट्स साइंस, मानसिक तैयारी और आधुनिक प्रतियोगी तकनीकों की जानकारी भी उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
हर मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज और एक्सीलेंस सेंटर
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज और एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
इन केंद्रों में खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं, अनुभवी कोच और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार की कोशिश है कि किसी खिलाड़ी को केवल इसलिए अपना प्रदेश छोड़कर दूसरे राज्य या देश में प्रशिक्षण लेने के लिए मजबूर न होना पड़े क्योंकि उसके आसपास पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं के विकास से उत्तर प्रदेश भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए अधिक खिलाड़ी तैयार कर सकेगा।
अभिभावकों से बोले CM योगी- बच्चों की खेल प्रतिभा को कभी न दबाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पाती में अभिभावकों से विशेष अपील भी की। उन्होंने कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों की खेल प्रतिभा को कभी दबाना नहीं चाहिए।
मुख्यमंत्री ने लिखा कि हर बच्चा केवल पढ़ाई या पारंपरिक करियर में ही आगे बढ़े, यह आवश्यक नहीं है। कई बच्चों में खेलों से जुड़ी विशेष प्रतिभा होती है, जिसे सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिलने पर वे बड़ी सफलता में बदल सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की रुचि को समझने और उन्हें खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह किया।
‘खेल केवल पदक नहीं दिलाते, नशे से भी दूर रखते हैं’
मुख्यमंत्री योगी ने खेलों के सामाजिक महत्व पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक नहीं दिलाते, बल्कि बच्चों और युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने की सबसे सशक्त ढाल भी बन सकते हैं।
नियमित खेल गतिविधियों से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित होती है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, खेल युवाओं को गलत आदतों और नकारात्मक वातावरण से दूर रखकर उन्हें स्वस्थ और रचनात्मक जीवन की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करते हैं।
स्वास्थ्य से सफलता तक- खेल में जीवन के कई मूल्य
मुख्यमंत्री योगी ने खेल को जीवन मूल्यों से जोड़ते हुए कहा कि इसमें स्वास्थ्य, सहयोग, सहभागिता, सम्मान, संघर्ष, समर्पण, अनुशासन, सकारात्मकता, समरसता और सफलता जैसे अनेक गुण शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि खेल का मैदान व्यक्ति को हार से सीखने, टीम के साथ काम करने और लगातार बेहतर बनने की प्रेरणा देता है।
खेल भावना से व्यक्ति में दूसरों को साथ लेकर चलने की क्षमता विकसित होती है। साथ ही हर हार या चुनौती के बाद अगली बार और बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प भी मजबूत होता है।
युवाओं के लिए खेल अब एक मजबूत करियर विकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज खेल केवल शौक तक सीमित नहीं है। यह युवाओं के लिए बेहतर करियर और सपनों को साकार करने का बड़ा माध्यम बन चुका है। बेहतर प्रशिक्षण, सरकारी सहायता, प्रतियोगिताओं में अवसर और रोजगार की सुरक्षा ने खेलों को करियर के रूप में अधिक मजबूत बनाया है। उन्होंने प्रदेश के बच्चों और युवाओं से खेलों को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री का कहना है कि नियमित खेल गतिविधियों से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है तथा व्यक्ति जीवन की चुनौतियों का सामना अधिक आत्मविश्वास के साथ कर पाता है।
‘खेल भावना विकसित प्रदेश के निर्माण का आधार’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पाती के अंत में कहा कि खेल भावना केवल मैदान तक सीमित नहीं रहती। खेल व्यक्ति में सबको साथ लेकर चलने, अनुशासन बनाए रखने, संघर्ष करने और लगातार बेहतर बनने की क्षमता पैदा करता है।
उन्होंने कहा कि यही गुण व्यक्तिगत सफलता के साथ-साथ एक विकसित प्रदेश के निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे बच्चों और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करें और उत्तर प्रदेश को देश की नई खेल शक्ति बनाने में योगदान दें।
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