जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए भीषण आतंकी हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA ने बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने 6 जुलाई 2026 को जम्मू की विशेष NIA अदालत में दाखिल सप्लीमेंट्री चार्जशीट में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और सरगना हाफिज सईद को आरोपी बनाया है।
NIA के मुताबिक, हाफिज सईद को उसकी व्यक्तिगत भूमिका के साथ-साथ प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उसके प्रॉक्सी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से जुड़ी कथित भूमिका के लिए आरोपित किया गया है। एजेंसी का दावा है कि पहलगाम हमले की साजिश पाकिस्तान में रची गई और इसके संचालन में सीमा पार बैठे आतंकी नेटवर्क की भूमिका रही।
इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय नागरिक शामिल थे। NIA ने इसे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से जुड़ी सुनियोजित साजिश बताया है। पाकिस्तान ने हमले में अपनी भूमिका के भारतीय आरोपों से इनकार किया है।
हाफिज सईद पर पहलगाम हमले की साजिश में भूमिका का आरोप
NIA की सप्लीमेंट्री चार्जशीट का सबसे बड़ा पहलू हाफिज सईद को औपचारिक रूप से आरोपी बनाया जाना है। जांच एजेंसी का आरोप है कि पहलगाम हमले की पूरी साजिश के पीछे पाकिस्तान स्थित आतंकी ढांचा सक्रिय था और हाफिज सईद की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका थी।
सप्लीमेंट्री चार्जशीट में पाकिस्तान से कथित तौर पर रची गई साजिश, हाफिज सईद की भूमिका और जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों का विवरण शामिल किया गया है। NIA के मुताबिक, ये निष्कर्ष वैज्ञानिक जांच और घटनास्थल सहित विभिन्न स्थानों पर की गई जमीनी पड़ताल से जुटाए गए साक्ष्यों पर आधारित हैं।
जम्मू की विशेष NIA कोर्ट में दाखिल हुई चार्जशीट
सप्लीमेंट्री चार्जशीट जम्मू स्थित विशेष NIA अदालत में दाखिल की गई है।
यह दिसंबर 2025 में दाखिल मूल आरोप पत्र की अगली कड़ी है। पहले आरोप पत्र की लंबाई 1,597 पन्नों की थी और उसमें लश्कर-ए-तैयबा, उसके प्रॉक्सी संगठन TRF तथा छह व्यक्तियों की कथित भूमिका का विवरण दिया गया था। नए आरोप पत्र के जरिए NIA ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए हाफिज सईद को सीधे मामले में आरोपी बनाया है।
व्यक्तिगत हैसियत के साथ LeT-TRF से जुड़ी भूमिका के लिए आरोपी
NIA के अनुसार, हाफिज सईद को केवल एक व्यक्ति के रूप में ही नहीं, बल्कि लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख और उसके प्रॉक्सी नेटवर्क से जुड़ी कथित भूमिका को लेकर भी चार्जशीट किया गया है।
जांच एजेंसी ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के विभिन्न प्रावधानों के तहत आरोप लगाए हैं। इनमें भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार से आतंकी साजिश रचने से जुड़े गंभीर आरोप भी शामिल हैं।
हालांकि सभी आरोप अदालत में साबित होना बाकी हैं और अंतिम कानूनी जिम्मेदारी न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी।
पाकिस्तान से रची गई साजिश का NIA का दावा
NIA का दावा है कि पहलगाम आतंकी हमला स्थानीय स्तर पर अचानक की गई कार्रवाई नहीं था, बल्कि इसके पीछे सीमा पार से संचालित एक व्यापक साजिश थी। एजेंसी के अनुसार, हमले की योजना, आतंकियों को निर्देश देने, उनकी मदद करने और पूरी कार्रवाई के संचालन में पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क की भूमिका रही। सप्लीमेंट्री चार्जशीट में पाकिस्तान की कथित साजिश और हाफिज सईद की भूमिका से जुड़े नए तथ्य तथा साक्ष्य शामिल किए गए हैं।
22 अप्रैल 2025 को हुआ था पहलगाम हमला
पहलगाम का आतंकी हमला 22 अप्रैल 2025 को बैसरन इलाके में हुआ था।
NIA के मुताबिक, पाकिस्तान प्रायोजित आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया था। हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक समेत कुल 26 लोगों की जान गई थी।
यह हमला भारत में हाल के वर्षों के सबसे गंभीर आतंकी हमलों में शामिल रहा और इसके बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव तेजी से बढ़ा।
पहले आरोप पत्र में क्या सामने आया था?
NIA ने 15 दिसंबर 2025 को इस मामले में पहला विस्तृत आरोप पत्र दाखिल किया था।
उस आरोप पत्र में:
- पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा
- उसका प्रॉक्सी संगठन TRF
- पाकिस्तानी आतंकी हैंडलर साजिद जट्ट
- हमला करने वाले तीन पाकिस्तानी आतंकी
- आतंकियों को पनाह देने के आरोप में गिरफ्तार दो स्थानीय लोगों
की कथित भूमिका का उल्लेख किया गया था।
मूल आरोप पत्र में NIA ने लश्कर और TRF पर हमले की योजना बनाने, उसे सुविधाजनक बनाने और अंजाम देने की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था।
साजिद जट्ट को बताया गया था पाकिस्तानी हैंडलर
पहले आरोप पत्र में पाकिस्तान स्थित आतंकी हैंडलर हबीबुल्लाह मलिक उर्फ साजिद जट्ट को प्रमुख आरोपियों में शामिल किया गया था। NIA के अनुसार, साजिद जट्ट ने हमले की योजना और उसके संचालन में कथित भूमिका निभाई थी।
एजेंसी की जांच में उसे पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों के प्रमुख सीमा पार हैंडलर के रूप में आरोपित किया गया। अब सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफिज सईद का नाम जोड़े जाने से NIA की जांच कथित आतंकी नेटवर्क के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गई है।
कौन थे पहलगाम हमला करने वाले तीन आतंकी?
NIA के पहले आरोप पत्र में हमला करने वाले तीन पाकिस्तानी आतंकियों की पहचान की गई थी।
इनके नाम थे:
फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान शाह
हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान
हमजा अफगानी
NIA के अनुसार, इन तीनों ने पहलगाम में हत्याओं को अंजाम दिया था। तीनों आतंकियों को बाद में सुरक्षा बलों ने 29 जुलाई 2025 को श्रीनगर के पास दाचीगाम क्षेत्र में ऑपरेशन महादेव के दौरान मार गिराया था।
इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि पहलगाम हमले के तीन आतंकियों में से केवल एक बाद में मारा गया था। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार तीनों मारे गए थे।
ऑपरेशन महादेव में मारे गए थे तीनों पाकिस्तानी आतंकी
पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों की तलाश में व्यापक अभियान चलाया था।
जुलाई 2025 में ऑपरेशन महादेव के दौरान तीन आतंकियों को मार गिराया गया। भारतीय जांच एजेंसियों के अनुसार, यही तीनों पाकिस्तानी नागरिक पहलगाम हमले को अंजाम देने में शामिल थे।
NIA ने इन तीनों को पहले आरोप पत्र में मरणोपरांत आरोपी बनाया था।
दो स्थानीय लोगों पर आतंकियों को पनाह देने का आरोप
NIA ने पहले आरोप पत्र में दो स्थानीय आरोपियों परवेज अहमद और बशीर अहमद जोथर को भी चार्जशीट किया था। एजेंसी का आरोप है कि दोनों ने हमले में शामिल आतंकियों को पनाह देने में मदद की थी। इन दोनों को जून 2025 में गिरफ्तार किया गया था। NIA ने उन पर हमले में शामिल आतंकियों को स्थानीय स्तर पर सहायता उपलब्ध कराने का आरोप लगाया। इन आरोपों का अंतिम फैसला भी न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।
TRF ने पहले ली जिम्मेदारी, फिर किया इनकार
हमले के बाद द रेजिस्टेंस फ्रंट यानी TRF ने शुरुआत में जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। कुछ दिनों बाद संगठन ने इससे इनकार कर दिया।
जांच में TRF के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जारी जिम्मेदारी लेने और बाद में इनकार करने वाले संदेशों की उत्पत्ति पाकिस्तान से जुड़ी होने का दावा सामने आया था। इस डिजिटल ट्रेल को LeT-TRF कनेक्शन की जांच में महत्वपूर्ण माना गया।
TRF को LeT का प्रॉक्सी संगठन मानती है NIA
भारतीय जांच एजेंसियां TRF को पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी संगठन मानती हैं। NIA ने पहले आरोप पत्र में LeT और TRF दोनों को कथित रूप से पहलगाम हमले की योजना बनाने, उसे सुविधाजनक बनाने और अंजाम देने में शामिल बताया था।
सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफिज सईद की कथित भूमिका जोड़ने से एजेंसी ने हमले की साजिश को लश्कर के शीर्ष नेतृत्व से जोड़ने का दावा किया है।
वैज्ञानिक जांच और जमीनी पड़ताल से जुटाए साक्ष्य
NIA ने कहा है कि हाफिज सईद के खिलाफ सप्लीमेंट्री आरोप पत्र में शामिल साक्ष्य वैज्ञानिक जांच और जमीनी परीक्षण के आधार पर जुटाए गए हैं। जांच एजेंसी ने घटनास्थल, हमले से जुड़े विभिन्न स्थानों और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया।
एजेंसी के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया से पाकिस्तान से रची गई कथित साजिश और हमले में शामिल आतंकी नेटवर्क की परतों को समझने में मदद मिली।
LeT और TRF को पहली चार्जशीट में बनाया गया था आरोपी
पहली चार्जशीट में एक महत्वपूर्ण कदम यह था कि NIA ने केवल व्यक्तिगत आतंकियों और मददगारों पर ही आरोप नहीं लगाए, बल्कि लश्कर-ए-तैयबा और TRF को भी मामले में आरोपी बनाया।
दोनों संगठनों पर पहलगाम हमले की कथित योजना, मदद और क्रियान्वयन से जुड़े आरोप लगाए गए। NIA ने आठ महीने की जांच के बाद दिसंबर 2025 में 1,597 पन्नों का मूल आरोप पत्र दाखिल किया था।
भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप
NIA ने पहलगाम हमले को केवल हत्या या आतंकी वारदात का मामला नहीं माना है। आरोपियों पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने से जुड़े गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
पहले आरोप पत्र में भी LeT, TRF और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारत के विरुद्ध युद्ध छेड़ने की साजिश से जुड़े प्रावधान लगाए गए थे। सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफिज सईद के खिलाफ भी इसी व्यापक आतंकी साजिश से जुड़े आरोप शामिल किए गए हैं।
NIA के रडार पर पूरा सीमा पार नेटवर्क
NIA का कहना है कि हाफिज सईद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने के बावजूद जांच समाप्त नहीं हुई है। एजेंसी अभी पाकिस्तान से संचालित कथित पूरे नेटवर्क और हमले की व्यापक साजिश की जांच कर रही है।
जांच का फोकस इस बात पर है कि हमले की योजना कैसे बनाई गई, आतंकियों को किस तरह निर्देश दिए गए, स्थानीय स्तर पर कौन-सी सहायता मिली और सीमा पार नेटवर्क की पूरी कमांड संरचना किस तरह काम कर रही थी।
पाकिस्तान की पूरी साजिश उजागर करने का दावा
NIA ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है और उसका उद्देश्य पाकिस्तान से संचालित पूरी साजिश की परतें खोलना है। एजेंसी का दावा है कि पाकिस्तान भारतीय जमीन पर आतंकवाद को सीमा पार से सक्रिय रूप से प्रायोजित करता रहा है।
वहीं पाकिस्तान ने पहलगाम हमले में अपनी भूमिका से इनकार किया है और स्वतंत्र जांच की मांग की थी।
हाफिज सईद कौन है?
हाफिज सईद पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है। उस पर भारत पहले भी कई बड़े आतंकी मामलों में भूमिका का आरोप लगाता रहा है। उसे वर्ष 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के लिए भी जिम्मेदार प्रमुख चेहरों में गिना जाता है।
मुंबई हमलों में 166 लोगों की मौत हुई थी। हाफिज सईद पाकिस्तान में आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़े मामलों में 2020 में दोषी ठहराए जाने के बाद जेल में है।
सप्लीमेंट्री चार्जशीट का क्या महत्व है?
हाफिज सईद को आरोपी बनाया जाना पहलगाम हमले की जांच में महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम माना जा रहा है। पहले आरोप पत्र में NIA ने हमला करने वाले आतंकियों, पाकिस्तानी हैंडलर, स्थानीय मदद के आरोपियों और LeT-TRF की कथित भूमिका को सामने रखा था।
अब सप्लीमेंट्री चार्जशीट के जरिए एजेंसी ने कथित साजिश को लश्कर के शीर्ष नेतृत्व से जोड़ते हुए हाफिज सईद को औपचारिक रूप से आरोपी बनाया है। इससे NIA का कानूनी मामला हमले को अंजाम देने वाले लोगों से आगे बढ़कर कथित साजिश के शीर्ष स्तर तक पहुंच गया है। यह उपलब्ध आरोप पत्रों से निकलने वाला विश्लेषण है।
जांच जारी, अंतिम फैसला अदालत करेगी
NIA ने हाफिज सईद और अन्य आरोपियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन सभी आरोप न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। चार्जशीट जांच एजेंसी का आरोप पत्र होती है और इससे किसी आरोपी की दोषसिद्धि स्वतः तय नहीं होती। इस मामले में अदालत उपलब्ध साक्ष्यों, कानूनी दलीलों और सुनवाई के आधार पर अंतिम निर्णय करेगी।
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