पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सामने एक साथ दो बड़े विवाद खड़े हो गए हैं। एक ओर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धनशोधन निवारण अधिनियम यानी PMLA के तहत पार्टी के तीन बैंक खातों में जमा 440.42 करोड़ रुपए की राशि फ्रीज कर दी है। दूसरी ओर, बारुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची से कथित रेप और हत्या के विरोध में निकाले गए मार्च के बाद TMC प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें वह कथित तौर पर अपनी ही पार्टी के एक कार्यकर्ता को थप्पड़ मारती दिखाई दे रही हैं।
इन दोनों घटनाओं ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। ED की कार्रवाई जहां पार्टी के वित्तीय लेनदेन पर गंभीर सवाल उठा रही है, वहीं वायरल वीडियो को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी (ममता गुट) प्रमुख ममता बनर्जी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे विरोध प्रदर्शन के बाद मची अफरा-तफरी के बीच अपना आपा खोती नज़र आ रही हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, बारुईपुर की घटना के विरोध में निकाले गए मार्च… pic.twitter.com/w0lzHCKyHw
— One India News (@oneindianewscom) July 9, 2026
ED ने TMC के तीन खातों में जमा 440.42 करोड़ रुपए किए फ्रीज
प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि उसने कोलकाता और आसपास के इलाकों में केयरवेल ग्रुप ऑफ कंपनीज से जुड़े पांच ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। एजेंसी के मुताबिक, इस कार्रवाई के दौरान ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के तीन HDFC बैंक खातों में मौजूद कुल 440.42 करोड़ रुपए की राशि PMLA की धारा 17(1-A) के तहत फ्रीज की गई।
ED का कहना है कि यह जांच बिधाननगर साइबर पुलिस द्वारा दर्ज एक FIR के आधार पर शुरू हुई। मामला कथित संदिग्ध वित्तीय लेनदेन, अवैध तरीके से धन जुटाने और TMC के कुछ बैंक खातों के जरिए संदिग्ध राशि भेजे जाने से जुड़ा है। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच 160 करोड़ रुपए ट्रांसफर करने का दावा
ED के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच TMC के बैंक खातों से करीब 160 करोड़ रुपए केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी एक अन्य इकाई को भेजे गए।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन लेनदेन का वास्तविक उद्देश्य क्या था, धन का अंतिम लाभार्थी कौन था और क्या वित्तीय व्यवस्था में किसी तरह की अनियमितता हुई।
82.96 करोड़ रुपए नई कंपनी में ट्रांसफर किए जाने का आरोप
ED का दावा है कि केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 2023 से 2026 के बीच 82.96 करोड़ रुपए एक नई संबंधित कंपनी को ट्रांसफर किए।
एजेंसी के मुताबिक, इस धन का इस्तेमाल Embraer Legacy 600 विमान और Agusta 109 GrandNew हेलिकॉप्टर की खरीद के लिए किया गया। इन खरीद पर कुल करीब 112 करोड़ रुपए खर्च होने का दावा किया गया है।
हेलिकॉप्टर खरीद के लिए Cayman Islands से लोन का दावा
ED ने यह भी दावा किया है कि हेलिकॉप्टर की खरीद के लिए वर्ष 2023 में Cayman Islands स्थित एक इकाई से 1.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर का असुरक्षित ऋण जुटाया गया था।
एजेंसी अब विदेशी फंडिंग, लेनदेन की संरचना और संबंधित कंपनियों के वास्तविक नियंत्रण की भी जांच कर रही है।
TMC के पैसों से खरीदे विमान और हेलिकॉप्टर बाद में पार्टी को ही किराए पर दिए गए?
ED के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया कि जिन विमान और हेलिकॉप्टरों की खरीद के लिए कथित तौर पर TMC के कोष से धन गया, उन्हें बाद में पार्टी को ही किराए पर उपलब्ध कराया गया।
एजेंसी का कहना है कि विमान उपयोग के नाम पर बाद में भी बड़ी रकम ट्रांसफर की गई। ED अब इस पूरी व्यवस्था के वास्तविक लाभार्थी और आर्थिक उद्देश्य की जांच कर रही है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये सभी आरोप जांच एजेंसी के दावे हैं और मामले का अंतिम निष्कर्ष अदालत तथा आगे की जांच से तय होगा।
बैंक खाते पहले से विवाद में, हाई कोर्ट तक पहुंचा मामला
तृणमूल कांग्रेस के ये बैंक खाते पहले भी विवाद के केंद्र में रहे हैं। पार्टी के भीतर असंतुष्ट नेताओं की शिकायत के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा खातों को डेबिट-फ्रीज किए जाने की प्रक्रिया पर मामला कलकत्ता हाई कोर्ट तक पहुंच चुका है। अदालत ने बैंक से खातों में जमा राशि और संबंधित विवरण प्रस्तुत करने को भी कहा था। इसी बीच ED की PMLA के तहत कार्रवाई सामने आई।
दूसरी ओर, बारुईपुर केस के विरोध में निकली रैली में हंगामा
इसी राजनीतिक माहौल के बीच बारुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची से कथित रेप और हत्या के विरोध में TMC की युवा इकाई ने कोलकाता में विरोध मार्च निकाला।
यह मार्च दक्षिण कोलकाता के Ballygunge Phari से शुरू हुआ था। बाद में हाजरा इलाके में TMC और BJP समर्थकों के बीच तनाव बढ़ गया और दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा।
TMC का दावा- 41 कार्यकर्ता और समर्थक घायल
तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया कि झड़प में उसके 41 कार्यकर्ता, समर्थक और नेता घायल हुए और उन्हें SSKM अस्पताल में भर्ती कराया गया।
TMC ने आरोप लगाया कि BJP समर्थकों ने मार्च को बाधित करने की कोशिश की, “चोर-चोर” के नारे लगाए और रास्ता रोकने का प्रयास किया। वहीं BJP ने इन आरोपों को खारिज करते हुए TMC पर पलटवार किया।
हाई कोर्ट की अनुमति के बाद निकाला गया था मार्च
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विरोध मार्च कलकत्ता हाई कोर्ट की अनुमति के बाद आयोजित किया गया था। कोर्ट ने मार्च के समय, मार्ग और लाउडस्पीकर के उपयोग को लेकर कुछ शर्तें लगाई थीं। मार्च के अंतिम स्थल को भी बदला गया था ताकि आम जनता को कम से कम परेशानी हो।
ममता बनर्जी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
रैली के बाद ममता बनर्जी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में वह अपने आवास के बाहर भीड़ के बीच दिखाई देती हैं और कथित तौर पर एक TMC कार्यकर्ता को थप्पड़ मारती नजर आती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संबंधित व्यक्ति भीड़ को नियंत्रित करने और ममता बनर्जी के लिए रास्ता बनाने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान यह घटना हुई।
वीडियो को BJP नेताओं ने सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए ममता बनर्जी और TMC पर निशाना साधा। हालांकि घटना के पूरे संदर्भ और क्रम को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।
भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान हुई घटना
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि रैली और झड़पों के बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता ममता बनर्जी के आवास के बाहर जमा हो गए थे।
इस दौरान घायल कार्यकर्ताओं को अस्पताल भेजने और भीड़ हटाने की कोशिश की जा रही थी। इसी अफरातफरी में ममता बनर्जी कथित तौर पर नाराज हुईं और एक पार्टी कार्यकर्ता को थप्पड़ मार दिया।
ममता बनर्जी ने पुलिस और BJP पर लगाए आरोप
रैली के बाद ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि TMC कार्यकर्ताओं पर BJP समर्थित तत्वों ने हमला किया और पुलिस पर्याप्त सुरक्षा देने में विफल रही। उन्होंने सवाल उठाया कि जब हाई कोर्ट ने मार्च की अनुमति दी थी, तो उसे शांतिपूर्ण तरीके से क्यों नहीं होने दिया गया। उन्होंने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
TMC पर राजनीतिक और कानूनी दबाव बढ़ा
एक ही समय में ED की बड़ी वित्तीय कार्रवाई और पार्टी प्रमुख से जुड़ा वायरल वीडियो TMC के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील स्थिति पैदा कर रहा है।
ED की जांच का केंद्र पार्टी फंड से कथित तौर पर निजी विमानन कंपनियों को किए गए भुगतान और विमान-हेलिकॉप्टर खरीद से जुड़ी वित्तीय व्यवस्था है। वहीं वायरल वीडियो को विपक्ष ममता बनर्जी के व्यवहार और पार्टी की आंतरिक स्थिति से जोड़कर हमला कर रहा है। आने वाले दिनों में ED की जांच, हाई कोर्ट की कार्यवाही और पश्चिम बंगाल में बढ़ते राजनीतिक टकराव के कारण यह मामला और बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।
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