बिहार के किशनगंज जिले में 4 जुलाई 2026 को बेडरूम से मिले रिजवान के शव के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, मृतक की पत्नी डेजी परवीन ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि उसने अपने परिचित अनवर के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी।
पुलिस का दावा है कि रिजवान जब सो रहा था, तब उस पर लोहे की रॉड से हमला किया गया। हत्या के बाद इसे डकैती और चोरी के दौरान हुई वारदात बताने की कोशिश की गई, लेकिन कॉल डिटेल, मोबाइल फोन से जुड़े सुराग और लगातार पूछताछ के बाद मामले की परतें खुलती चली गईं।
इस मामले में पुलिस ने डेजी परवीन और अनवर को गिरफ्तार किया है। दोनों से पूछताछ जारी है और पुलिस हत्या की पूरी साजिश, घटना में इस्तेमाल हथियार तथा अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच कर रही है।
4 जुलाई को बेडरूम में मिला था रिजवान का शव
पुलिस के मुताबिक, 4 जुलाई 2026 को रिजवान का शव उसके बेडरूम में मिला था। शुरुआती तौर पर परिवार की ओर से इसे डकैती और चोरी के दौरान हुई हत्या बताया गया। घटना के बाद पुलिस ने घर, आसपास के इलाके, मोबाइल फोन और संबंधित लोगों की गतिविधियों की जांच शुरू की। मृतक की पत्नी से भी लंबी पूछताछ की गई।
पुलिस का दावा है कि करीब 12 घंटे की पूछताछ के दौरान डेजी के बयानों में कई विरोधाभास मिले। इसके बाद पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर हत्या की दूसरी कहानी सामने आई।
पुलिस का दावा- पत्नी ने कबूली हत्या की साजिश
पुलिस के अनुसार, डेजी परवीन ने पूछताछ में स्वीकार किया कि रिजवान की हत्या पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा थी।
जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, डेजी और अनवर के बीच लंबे समय से करीबी संबंध थे। पुलिस का कहना है कि रिजवान के विदेश से वापस आने और अब दोबारा न जाने के फैसले के बाद दोनों ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। हालांकि यह पूरा विवरण पुलिस जांच और आरोपियों के कथित बयानों पर आधारित है। मामले का अंतिम सच अदालत में साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया से तय होगा।
हमारे देश की पुलिस किसी महिला को कभी निराश नहीं करती और कुछ ऐसा ही हुआ बिहार के किशनगंज के डेजी परबीन के साथ जो करून विधवा विलाप करते हुए पुलिस से अपने पति के हत्यारों को सजा देने की गुहार लगा रही थी। पुलिस से एक बेबस और अबला नारी का करून विधवा विलाप देखा नहीं गया और अगले ही दिन… pic.twitter.com/ijqkaPRM5M
— NCMIndia Council For Men Affairs (@NCMIndiaa) July 7, 2026
निकाह के कुछ दिनों बाद कुवैत चला गया था रिजवान
पुलिस जांच के अनुसार, डेजी और रिजवान का निकाह वर्ष 2013 में हुआ था। निकाह के कुछ ही दिनों बाद रिजवान रोजगार के लिए कुवैत चला गया।
बताया जा रहा है कि डेजी किशनगंज के बिशनपुर गांव में ससुराल में रहती रही, जबकि रिजवान लगभग दो वर्ष के अंतराल पर कुछ दिनों के लिए भारत आता था और फिर कुवैत लौट जाता था।
पूछताछ में डेजी ने अपने वैवाहिक जीवन, अकेलेपन और वर्षों के दौरान बने कई निजी संबंधों का भी उल्लेख किया। पुलिस फिलहाल उसके बयान में सामने आए तथ्यों की स्वतंत्र जांच कर रही है।
2016 में पहली करीबी दोस्ती का जिक्र
पुलिस के अनुसार, डेजी ने पूछताछ में बताया कि रिजवान की लंबे समय तक गैरमौजूदगी के दौरान वर्ष 2016 में उसकी दोस्ती रिजवान के एक परिचित आफताब से हुई थी। बाद में यह संबंध करीबी रिश्ते में बदल गया। पुलिस के मुताबिक, डेजी ने पूछताछ में कई परिचितों से संबंध होने की बात कही है, हालांकि जांच एजेंसी इन दावों की पुष्टि अलग-अलग स्तर पर कर रही है।
यह मामला केवल हत्या की साजिश तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस आरोपियों के आपसी संपर्क, पुरानी जान-पहचान और घटना से पहले हुई बातचीत की भी जांच कर रही है।
2019 में पति के दूसरे निकाह की जानकारी मिलने का दावा
पूछताछ में डेजी ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2019 में उसे कथित तौर पर पता चला कि रिजवान ने कुवैत में दूसरा निकाह कर लिया है। उसके बयान के मुताबिक, एक दिन रिजवान के फोन पर कॉल करने के दौरान एक महिला ने फोन उठाया और खुद को रिजवान की पत्नी बताया। पुलिस का कहना है कि इस घटना के बाद पति-पत्नी के रिश्ते में तनाव बढ़ा। हालांकि रिजवान के कथित दूसरे निकाह से जुड़े दावों की भी पुलिस जांच कर रही है।
पुराने परिचित अनवर से फिर बढ़ी नजदीकी
पुलिस के मुताबिक, पिछले करीब पांच वर्षों से डेजी का संपर्क अनवर से बढ़ा था। अनवर उसका पुराना परिचित बताया गया है। पूछताछ में डेजी ने कहा कि अनवर मुश्किल समय में उसकी मदद करता था और बच्चों की जिम्मेदारी लेने की भी बात करता था।
डेजी के दो बच्चे हैं। पुलिस के मुताबिक, उसका कहना है कि दोनों बच्चे रिजवान के हैं। हत्या की जांच के दौरान बच्चों और परिवार से जुड़े तथ्यों को भी संवेदनशीलता के साथ अलग रखा जा रहा है।
रिजवान के वापस न जाने के फैसले से बढ़ा तनाव
पुलिस जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इस बार रिजवान कथित तौर पर कुवैत वापस नहीं जाना चाहता था। जांच एजेंसी का दावा है कि रिजवान के स्थायी रूप से घर में रहने की संभावना से डेजी और अनवर के बीच चल रहे संबंधों के सामने आने का डर बढ़ गया। इसी के बाद कथित तौर पर हत्या की योजना बनाई गई।
3 जुलाई की रात फोन कॉल के बाद अनवर पहुंचा घर
पुलिस के अनुसार, 3 जुलाई 2026 को अनवर ने डेजी से फोन पर संपर्क किया। इसके बाद वह रात करीब 1 बजे घर पहुंचा। आरोप है कि डेजी ने उसके लिए दरवाजा खोला। उस समय रिजवान सो रहा था।
पुलिस का कहना है कि अनवर अपने साथ लोहे की रॉड लेकर आया था।
सोते समय लोहे की रॉड से हमला
पुलिस के मुताबिक, रिजवान पर उस समय हमला किया गया जब वह सो रहा था। आरोप है कि अनवर ने लोहे की रॉड से उसके सिर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हत्या में किसकी क्या भूमिका थी, घटना के दौरान घर में और कौन मौजूद था तथा योजना कब और कैसे बनाई गई थी।
हत्या के बाद मोबाइल फोन हटाए गए
जांच एजेंसी का दावा है कि हत्या के बाद रिजवान के दोनों मोबाइल फोन अनवर को दे दिए गए। पुलिस के अनुसार, अनवर ने घटना में इस्तेमाल लोहे की रॉड को एक गड्ढे में फेंक दिया और मोबाइल फोन बांसवाड़ी में छिपा दिए।
इन वस्तुओं की बरामदगी और फॉरेंसिक जांच इस मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकती है।
सुबह बनाई गई डकैती की कहानी
हत्या के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए डकैती और चोरी की कहानी गढ़े जाने का आरोप है। पुलिस का दावा है कि सुबह डेजी ने घर में डकैती होने और उसी दौरान पति की हत्या किए जाने की बात कही।
शुरुआत में मामला संदिग्ध डकैती जैसा दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन तकनीकी जांच और बयानों में विरोधाभास के बाद पुलिस का शक परिवार के अंदरूनी लोगों पर गया।
कॉल डिटेल से खुलने लगी साजिश
इस मामले में मोबाइल कॉल डिटेल महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुई। पुलिस के अनुसार, डेजी और अनवर के बीच घटना से पहले और बाद में हुई बातचीत ने जांच को नई दिशा दी।
इसके बाद पुलिस ने दोनों से अलग-अलग पूछताछ की। उनके बयानों, लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों की तुलना की गई। जांच एजेंसी का कहना है कि इसी प्रक्रिया के बाद हत्या की कथित साजिश सामने आई।
दोनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने डेजी परवीन और अनवर को गिरफ्तार कर लिया है। अब जांच का फोकस हत्या की पूरी समयरेखा, हथियार की बरामदगी, मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों पर है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या घटना में किसी तीसरे व्यक्ति की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका थी।
अदालत में साक्ष्यों से तय होगा अंतिम सच
पुलिस ने भले ही हत्या की साजिश का खुलासा करने का दावा किया है, लेकिन आरोपियों के खिलाफ दोष अदालत में साबित होना बाकी है। आरोपियों के कथित कबूलनामे, कॉल रिकॉर्ड, बरामदगी और फॉरेंसिक साक्ष्य न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे।
मामले का अंतिम निष्कर्ष अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel